खनन माफियाओं से पुलिस का याराना

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अवैध खनन का खेल सिस्टम के रहम पर?
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के कुछ जिलों में लम्बे दशक से यह बात उठती आ रही है कि आखिरकार खनन माफिया राज्य के अन्दर इतने पॉवरफुल कैसे हो रखे हैं कि वह सरकार की नदियों से आये दिन करोडो रूपये का सफेद सोना चोरी कर रहे हैं और खनन महकमा तथा पुलिस के काफी लोग घृतराष्ट्र बनकर सरकार के राजस्व की हो रही चोरी को रोकने के लिए आगे ही नहीं आ रहे? एक लम्बे समय से यह शंकायें प्रबल होती रही हैं कि खनन माफियाओं का पुलिस और खनन महकमे के कुछ लोगों से गुप्त याराना है जिसके चलते उनके इस काले धंधे पर नकेल लगाने के लिए वह आगे ही नहीं आना चाहते और यह सबकुछ सरकार के लिए शुभ संकेत नहीं है? हरिद्वार में अवैध खनन का काला खेल उस समय बेनकाब हो गया जब पुलिस कप्तान को यह शोर सुनाई दिया कि एक चौकी का दरोगा और पुलिस टीम खनन माफियाओं के साथ खुलकर याराना निभा रही है और इस याराने से यह साफ झलक गया कि खनन माफियाओं को खाकी के कुछ लोगों का किस तरह से खुला साथ मिल रहा है जिसके चलते वह अपने इस काले कारोबार को रात-दिन अंजाम देकर अपनी ओर कुछ पुलिसकर्मियों की जेबें भरने के एजेंडे पर आगे बढे हुये हैं?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जबसे अपने पद की शपथ ली है तबसे उन्होंने राज्य के अन्दर माफिया तंत्र को जड से उखाड फेकने का संकल्प लिया हुआ है। मुख्यमंत्री बार-बार यह चेतावनी देते रहे हैं कि अगर किसी भी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी ने खनन माफियाओं से याराना निभाकर उनके इस धंधे में उनका साथ दिया तो उन्हें इसका बडा खामियाजा भुगतना पडेगा। मुख्यमंत्री जब भी अवैध खनन को लेकर सख्त रूख अपनाते हैं तो उसके बाद खनन महकमा और पुलिस के लोग अवैध खनन के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए आगे निकल आते हैं। चंद दिन पूर्व जब विकासनगर के ढकरानी इलाके मंे हो रहे अवैध खनन को लेकर मीडिया में एक बडा शोर मचा तो उसके बाद खनन महकमे के अफसरों ने खनन माफियाओं पर एक्शन लेने के लिए अपनी कार्यवाही को अंजाम दिया था।
गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व विकासनगर स्थित ढकरानी क्षेत्र में नदियों का सीना चीरकर अवैध खनन के काले कारोबार को जब वीडियो मे कैद कर सरकार और सिस्टम को आईना दिखाया गया कि किस तरह से खनन माफिया यमुना नदी के अस्तित्व पर ग्रहण लगा रहे हैं तो इस अवैध खनन के मायाजाल को बेनकाब करने के लिए ‘क्राईम स्टोरी’ ने एक पहल की और जब यह खबर सिस्टम के कानो में गूंजी तो उसके बाद खनन महकमे के अफसर ने अपनी टीम के साथ ढकरानी में अवैध खनन के काले खेल को देखने के लिए अपने कदम आगे बढाये और उन्होंने वहां तीन पट्टों में अनियमिततायें पाये जाने पर उसे सीज कर दिया और नदी में पांच ट्रैक्टरों में भरे खनन पर उसे भी सीज कर दिया गया। वहीं ढकरानी बीट पुलिस ने भी अवैध खनन से भरे तीन ट्रैक्टरों को सीज कर खनन माफियाओं में एक बडा हडकम्प मचा दिया। सवाल यह उठे कि आखिरकार मीडिया ने जब आईना दिखाया तो उसके बाद सिस्टम अपनी कुंभकर्णीय नींद से जागा और उसके बाद उसने एक्शन लेने के लिए कार्यवाही की। ऐसे में सवाल उठता है कि जिस खनन महकमे पर अवैध खनन को रोकने का जिम्मा है वह आखिरकार यमुना नदी में हो रहे अवैध खनन के खिलाफ अपना एक्शन लेने से क्यों पीछे रह रहा था? अब हरिद्वार के एक इलाके मे हो रहे अवैध खनन के काले खेल को बेनकाब करने का शोर मचा तो उसमें पुलिस की पूरी चौकी खनन माफियाओं से याराना निभाती हुई नजर आई तो फिर पुलिस कप्तान नवनीत भुल्लर ने सख्त रूख अपनाते हुए समूची चौकी पर गाज गिराकर संदेश दे दिया कि अवैध खनन का काला धंधा अब उनके शासनकाल में नहीं चलेगा।

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