सदन के बाहर विधायकों ने किया विरोध प्रदर्शन
वार्षिक बजट पर लम्बी चर्चा कराओ ‘सरकार’
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड का बजट सत्र आज से शुरू हो गया और कांग्रेसी विधायकों ने शुरूआती दिन से ही सरकार को दहाड़ने के लिए जिस तरह से धरना व विरोध प्रदर्शन कर सदन के बाहर हाथों में तख्तियां लेकर अपनी आवाज बुलंद की उससे साफ नजर आ रहा है कि बजट सत्र काफी हंगामेदार रहेगा। सदन के अन्दर भी राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान कांग्रेसी विधायक अपनी मांगों को लेकर विरोध जताते रहे।
आज सुबह ही कांग्रेसी विधायकों ने गैरसैंण सदन के बाहर अपना विरोध प्रदर्शन करने के लिए हाथों में तख्तियां लेकर सरकार को दहाड़ने के लिए अपने कदम आगे बढाये। कांग्रेस के दिग्गज नेता प्रीतम सिंह ने कहा कि बजट पर चर्चा कराने से प्रदेश सरकार भाग रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को चेताने तथा देवभूमि उत्तराखण्ड में महिलाओं पर बढते अत्याचार, बेरोजगारी व भर्ती घोटाले, अंकिता भंडारी को न्याय, बेतहाशा महंगाई और भ्रष्टाचार, ध्वस्त कानून व्यवस्था, मानव वन जीव संघर्ष, बिजली दरों में बेहिसाब बढोत्तरी और बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं सहित जनहित के अन्य ज्वलंत मुद्दों को लेकर प्रदेश की सोई हुई भाजपा सरकार को जगाने के लिए उन्हें विरोध प्रदर्शन व धरना देने के लिए आगे आना पडा है। सदन के बाहर कांग्रेसी विधायकों ने हाथों में तख्तियां ली हुई थी, किसी तख्ती पर लिखा था उत्तराखण्ड भाजपा सरकार ट्रम्प से अनुमति लेकर तीस दिन चलाओ तो वहीं कांग्रेस के दिग्गज नेता यशपाल आर्य ने हाथ मे तख्ती ली हुई थी कि मुख्यमंत्री जवाब दो प्रश्नकाल वाला सोमवार कब आयेगा? पिचतर मे से चालीस विभागों के विधानसभा में उत्तर देने में धड़ाम सरकार। एक विधायक ने तख्ती ली हुई थी कि वार्षिक बजट पर लम्बी चर्चा कराओ।
सुबह ग्यारह बजे विपक्ष के हंगामे के बीच राज्यपाल के अभिभाषण से सत्र की शुरूआत हुई। इस दौरान सत्र की कम अवधि को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया और वेल में आ गये। आज ही शाम को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक लाख ग्यारह हजार करोड रूपये का बजट सदन में पेश करंेगे। विधानसभा बजट सत्र के दौरान उस समय माहौल गर्मा गया जब राज्यपाल के अभिभाषण के बीच विपक्षी विधायक अपनी सीटों पर खडे हो गये और सदन की अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर जमकर हंगामा कर दिया। कांग्रेस विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। हंगामे के बीच कई विपक्षी विधायक वेल मे आ गये और उन्होंने अपनी नाराजगी दिखाई। भुवन कापडी तख्ती लेकर विरोध जताने लगे जिसमें लिखा था कि उत्तराखण्ड सरकार डोनाल्ड ट्रम्प से अनुमति लेकर तीस दिन का सत्र चलाये। विपक्ष का कहना है कि बजट सत्र की अवधि बहुत कम रखी गई है और इससे जनता से जुडे मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो पायेगी, इसी मांग को लेकर कांग्रेस विरोध प्रदर्शन करते रहे। विपक्ष के हंगामे के बावजूद राज्यपाल का अभिभाषण जारी रहा और उन्होंने कहा कि सरकार राज्य के विकास के लिए दृढ़ संकल्पित होकर काम कर रही है।
