चार साल में सरकार ने क्या हासिल किया, अब बताना होगा
दो महीनों में गृहमंत्री का दूसरा दौरा कई सवालों को दे रहा जन्म
अमित की परीक्षा मंे क्या धामी हो पाएंगे उत्तीर्ण?
पूर्व और मौजूदा दोनों सीएम की क्लास भी लगा सकते हैं अमित!
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। गृहमंत्री अमित शाह के विषय में एक बात तो सर्वविदित है कि वे हमेशा चुनावी मोड में रहते हैं। देश के किसी भी राज्य में जब चुनाव नजदीक आता है तो उनकी सक्रियता बढ़ जाती है। भारतीय राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह आज देवभूमि आ रहे हैं। पिछले दो महीनों में यह उनका उत्तराखण्ड में दूसरा दौरा है और इसको लेकर सुगबुगाहट भी तेज हो गई है कि आखिर क्या कारण है जो उनके दौरे इतनी जल्दी हो रहे हैं जबकि उत्तराखण्ड में तो चुनाव में अभी लगभग एक साल बाकी है। बताते चलें कि इसी महीने उत्तराखण्ड की पुष्कर सिंह धामी सरकार को भी चार साल पूरे होने जा रहे हैं। इसका मतलब यह है कि गृहमंत्री अमित शाह धामी सरकार का रिपोर्ट कार्ड भी जरूर खंगालेंगे और इन चार सालों सरकार ने क्या हासिल किया है, यह भी सरकार को उन्हें बताना पड़ेगा। पिछले दिनों राज्य की सियासत में जो उठापठक हुई है, उससे भी गृहमंत्री अंजान नहीं होंगे और इसी बात को लेकर सियासी अंगन में अब चर्चाएं तेज हो चली हैं कि क्या अमित शाह की परीक्षा मंे धामी उत्तीर्ण हो पाएंगे या फिर गृहमंत्री का आगमन उत्तराखण्ड की राजनीति में कुछ नया भूचाल लाएगा?
उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज देवभूमि उत्तराखंड के दौरे पर आयेे। दो माह के अंतराल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का यह दूसरा दौरा है। जनवरी माह के दूसरे पखवाड़े में गृह मंत्री अमित शाह दो दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड के ऋषिकेश और हरिद्वार में आए थे। आज शनिवार को बैरागी द्वीप में आयोजित होने वाले केंद्रीय गृह मंत्री की रैली तैयारियों शासन प्रशासन ने अंतिम रूप दे दिया है। कार्यक्रम के अनुसार बैरागी द्वीप में स्थित जनसभा स्थल पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह दोपहर पहुंचेंगे। जहां जनसभा संबोधन, नूतन न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी, इसके अलावा उत्तराखंड की धामी सरकार की चार वर्षों की उपलब्धि पर विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन करेंगे। इसके अलावा उत्तरी हरिद्वार स्थित गाडविन होटल में बैठक भी लेंगे।
सियासी उठापठक जो पिछले दिनों उत्तराखण्ड में हो रही है, कई जानकार गृहमंत्री के इस दौरे को लेकर भी काफी कयास लगा रहे हैं। प्रदेश के पूर्व सीएम और मौजूदा हरिद्वार से सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कई मुद्दों पर जिस पर से अपनी ही सरकार को पिछले दिनों घेरा है, इन बातों ने भी चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है और लोग गृहमंत्री के इस दौरे को इस एंगल से भी देख रहें? बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अवैध खनन के मुद्दे को कई बार उठाया है। उनका मानना रहा है कि खनन राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी हो सकता है, लेकिन इसकी आड़ में अवैध गतिविधियों को बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक मंचों पर कहा है कि प्रशासन को पारदर्शिता के साथ काम करना चाहिए और स्थानीय पर्यावरण व जनता के हितों को सर्वोपरि रखना चाहिए। इसी तरह शराब नीति को लेकर भी उन्होंने संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की बात कही। उनका कहना रहा है कि राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक प्रभावों पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए उन्होंने सरकार को कड़े नियंत्रण और जनजागरूकता अभियान तेज करने की सलाह दी थी।
त्रिवेन्द्र का अपनी ही सरकार की नीतियों पर उंगली उठाना यह तो साफ बताता है कि संभवतः संगठन के तौर पर भाजपा में फिलहाल तो सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है? दो महीनों में गृहमंत्री का दूसरा दौरा कई सवालों को अपने आप में ही जन्म दे रहा है। कयास तो यहां तक भी लगाए जा रहे हैं कि गृहमंत्री अमित शाह पूर्व और मौजूदा सीएम दोनों की क्लास भी लगा सकते हैं क्योंकि संगठन केे तौर पर अमित शाह हमेशा एका का ही संदेश देते हैं और जिसकी शायद उत्तराखण्ड भाजपा में फिलहाल कमी दिखाई दे रही है?
