सांसद बलूनी ने छोडी रंगों की फुहार

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होली मिलन समारोह में उडे़ अबीर गुलाल
होली के मौके पर पहाड़ पहुंचे सांसद बलूनी का जनता ने किया फूलों से स्वागत
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। पौडी गढवाल से सांसद इन दिनों होली का त्यौहार मनाने के लिए अपनी जनता के बीच आ रखे हैं और वह रंगों की फुहार छोडते हुए जिस तरह से होली मिलन समारोह में उडे अबीर गुलाल के रंग में रंगकर एक नई दिशा की ओर आगे बढ़ रहे हैं उससे उत्तराखण्ड की सियासत में भी कहीं न कहीं एक नई हलचल मचती हुई दिखाई दे रही है? होली के मौके पर पहाड़ पहुंचे सांसद का जनता ने दिल खोलकर सडकों पर फूलों से स्वागत किया और उन्हें अपना आशीर्वाद देने के लिए वह आगे बढ़ी उसे देखकर सासंद भी खूब गदगद नजर आये और उन्होंने अपनी जनता के इस प्यार का हाथ जोडकर खुला अभिनंदन किया और यह संदेश दे दिया कि वह अपनी जनता के हर सुखदुख में उनके साथ खडे हुये हैं।
पहाड का दर्द समझने वाले पौडी के सासंद अनिल बलूनी इन दिनों अपने संसदीय क्षेत्र में होली का पर्व मनाने के लिए आ रखे हैं और वह अपने संसदीय क्षेत्र के इलाकों में आवाम के बीच जा रहे हैं और वह सबके साथ एक नई मुस्कान के साथ होली के रंगों में रंगकर उन्हें संदेश दे रहे हैं कि अब वह अपने संसदीय क्षेत्र को विकास के उस पथ पर आगे ले जायेगे जहां सिर्फ विकास ही विकास नजर आयेगा। सांसद अनिल बलूनी का अपने संसदीय क्षेत्र में जिस अंदाज में स्वागत हो रहा है और महिलायें कतार में सडकों पर खडी होकर उनके ऊपर पुष्प वर्षा करके उनसे एक नई उम्मीद की अलख जगा रही हैं उससे उत्तराखण्ड की सियासत में भी एक नई हलचल पैदा हो रही है? सांसद अनिल बलूनी ने अपनों के बीच रंगों की फुहार छोडकर जिस तरह से खुलकर होली मिलन समारोह में एक दूसरे पर अबीर गुलाल उडाये उससे हर तरफ अनिल बलूनी को लेकर वहां मौजूद लोगों में एक उम्मीद की किरण जगती हुई दिखाई दी कि उनका सांसद दिल अजीज है और अपनों के बीच होली खेलकर उन्होंने यह संदेश भी दे दिया कि उन्होंने लोकसभा चुनाव में जनता से जो वायदे किये थे उसे पूरा करने के लिए वह रात-दिन एक कर देंगे।
होली के मौके पर पहाड पहुंचे सांसद बलूनी का जनता ने जिस खुले मन से फूलों की वर्षा करके उनका स्वागत किया उसने राज्य के कुछ नेताओं की नींद जरूर उडा दी है क्योंकि वह अनिल बलूनी के रंगांे में रंगे चेहरे पर दिखाई दी मुस्कराहट उन्हें बेचैन किये हुये है? सांसद बलूनी इन दिनों उत्तराखण्ड के विकास के लिए राज्य से लेकर दिल्ली तक काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं और पहाड में जिस अंदाज के साथ वहां की जनता का हुजूम उनके साथ उमड़ता हुआ साथ चला उसने उत्तराखण्ड की सियासत में एक नई पटकथा को जन्म देने की इबारत जरूर लिखनी शुरू कर दी है?

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