हत्याओं से दहलता उत्तराखण्ड

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पर्यटन नगरी में दो कत्ल से सहमे लोग
आखिर कब तक सडकों पर बहता रहेगा खून?
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड से लगता उत्तर प्रदेश अब धीरे-धीरे अपराधमुक्त की ओर तेजी के साथ बढ़ता जा रहा है और बडे-बडे मंचो पर बाबा योगी के सामने काफी उद्योगपति यह बोल चुके हैं कि आज उत्तर प्रदेश के अन्दर उन्हंे एक भी अपराधी या माफिया तंग करने का दुसाहस नहीं करता इसलिए आज वह उत्तर प्रदेश में अपना उद्योग आजादी के साथ चला रहे हैं। वहीं उत्तराखण्ड के अन्दर पिछले कुछ समय से हत्याओं का जो सिलसिला शुरू हो रखा है वह थमने का नाम ही नहीं ले रहा और अब पर्यटन नगरी नैनीताल में एक युवती और युवक का बेरहमी से हुआ कत्ल वहां के लोगों के मन में एक डर पैदा कर रहा है? अब राज्य के अन्दर एक बहस यह भी चल उठी है कि आखिरकार कब तक सडकों पर एक आम इंसान का खून बहता रहेगा? कांग्रेस सरकार पर हमलावर है कि राज्य में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है और एक आम इंसान को जिस तरह से मौत मिल रही है वह राज्यवासियों के लिए एक चिंता का विषय है। एक के बाद एक हो रही हत्याओं से उत्तराखण्ड दहल उठा है और आम जनमानस के मन मे अब जो अपराधियों को लेकर एक डर दिखने लगा है उसने सरकार के माथे पर कहीं न कहीं चिंता की लकीरें जरूर डाल दी हैं क्योंकि अगले वर्ष राज्य के अन्दर विधानसभा चुनाव का बिगुल बजना है।
उत्तराखण्ड में अपराधियों और माफियाओं पर तेजी के साथ नकेल लगनी शुरू हुई थी और राज्य के कई जनपदों में अपराधियों, गौ तस्करों की पुलिस से हुई मुठभेड में उनको गोलियां लगने से अपराधजगत में एक डर की भावना भी देखने को मिली थी। रणवीर मुठभेड कांड के बाद अभिनव कुमार के डीजीपी कार्यकाल में दो कुख्यात बदमाश मुठभेड मे भी जब ढेर हुये थे तो अपराधियों और माफियाओं के अन्दर एक भय दिखने लगा था कि उत्तराखण्ड भी अब उत्तर प्रदेश की राह पर चल निकला है जहां बडे अपराध का गुनाह करने पर अपराधी का सामना सीधे यमराज से होता है। उत्तराखण्ड में पिछले कुछ समय से चंद जनपदों में अपराधों का ग्राफ एकाएक उफान पर आ गया और कुछ समय के भीतर राज्य में हुई हत्याओं का ग्राफ देखकर आम जनमानस के मन में एक भय देखने को मिल रहा है और उन्हें यह डर सताने लगा है कि आखिरकार जब सडक से लेकर घर तक में घुसकर अपराधी अपराध करने से नहीं चूक रहे हैं तो फिर आम इंसान कैसे अपने आपको सुरक्षित मान सकता है?
उत्तराखण्ड में अपराधियों के मन में कोई खौफ नजर न आना आम जनमानस को चिंता में डाल रहा है क्योंकि जब सरेआम किसी का कत्ल होता है तो उससे सारा समाज भय में नजर आता है। राजधानी में सुबह तिब्बती मार्केट के बाहर एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या किये जाने की घटना ने सरकार और सिस्टम को एक बडी चुनौती दे दी थी और उसके बाद पुलिस अफसरों ने वारदात मे शामिल अपराधियों को खोजने का ऑपरेशन चलाया और सुपारी लेकर हत्या करने वाले दो बदमाशों के पैर मे मुठभेड के दौरान गोली लगी लेकिन सवाल यही उठे कि आखिर अपराधियों में पुलिस का भय क्यों नहीं है जिसके चलते वह सुपारी लेकर हत्या करने के लिए दिन के उजाले मे ही कत्ल करने के लिए आगे आ गये थे? इस कत्ल के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाई लेवल मीटिंग ली थी वहीं पर्यटन नगरी नैनीताल के हल्द्वानी में गल्ला मंडी में देर रात एक युवक व युवती की पत्थर से निर्मम हत्या कर दी गई और दोनो के सिर व मुंह पत्थर से बुरी तरह इसलिए कुचल दिये गये जिससे उनकी पहचान न हो सके। बताया जा रहा है कि आज सुबह साढे सात बजे डायल 112 पर गल्ला मंडी मे स्थित गोदामों के पास एक युवक युवती की लाश पडी होने की खबर मिली थी। बताया जा रहा है कि दोनो की लाशों के पास खून से सने पत्थर भी मिले हैं जिससे उन्हें बुरी तरह कुचला गया। एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि मृतकों की पहचान उन्नीस साल की लक्ष्मी जो तल्ली पोखरी नैनीताल और युवक की पहचान अल्मोडा के तल्ला खोल्टा निवासी 31 वर्षीय शुभम कुमार टम्टा के रूप में हुई है। मृत युवक के पास से एक इलैक्ट्रोनिक (ई-सिगार) बरामद हुई। अब हल्द्वानी में इस दोहरे कत्ल की मिस्ट्री सुलझाना पुलिस के लिए एक बडी चुनौती बन गया है?

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