अंकिता हत्याकांड में अब स्वामी की पंचायत

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दिल्ली से देहरादून उर्मिला को लाने पर उठ रहे सवाल
उर्मिला फाइल्स में स्वामी ‘भारती की एंट्री’
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में बाबा का चोला पहनकर हिन्दूवाद के एजेंडे पर काम करने वाले स्वामी दर्शन भारती की उर्मिला सनावर फाइल्स में आई एंट्री ने कई सवालों को जन्म दे दिया है। स्वामी ने तो यहां तक दावा कर दिया कि वंतरा रिजॉट को वह उडा देते और उन्होंने यहां तक बोल दिया कि उर्मिला ने उन्हें एक ऑडियो दी है जिसमें भाजपा का पूर्व विधायक उन्हें धमका रहा है कि वह अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी के रूप में उस राजनेता का नाम ले जिससे उसकी दुश्मनी है। बाबा अपना जोगीपन छोडकर जिस तरह से मीडिया के सामने पंचायत लगाने के लिए आगे आये उससे कई सवाल खडे हो गये हैं कि जिस उर्मिला को वह मात्र कुछ दिनों से जानते हैं वह उन पर अभेद भरोसा करते हुए कैसे देहरादून में पुलिस की जंाच में शामिल होने के लिए बिना डर के पहुंच गई? स्वामी अपने आपको जज बनते हुए जिस तरह से यह दहाड गये कि पूर्व विधायक व कथित वीआईपी का नार्को टेस्ट होना चाहिए और उन्होंने इस मामले की सीबीआई जांच कराने पर अपनी नाराजगी दिखाई वह स्वामी को कहीं न कहीं कटघरे में खडा कर रहा है?
स्वामी दर्शन भारती ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा है कि साधारण जांच की पूछताछ कर रही है और गिरफ्तार करना और जांच में साक्ष्य जुटाना है। उन्होंने कहा कि साधु संत के संपर्क में सब है। उन्होंने कहा कि उर्मिला ने आडियो दियाहै कि प्रमाण किया है कि इस मामले में मुझे किसी भाजपा नेता के बारे में सुरेश राठौर ने बोला था की दुष्यंत कुमार गौतम के बारे में बोल नहीं तो तेरा मेरा रिश्ता खत्म हो जाएगा , सुरेश राठौर ने बोला और उसकी आवाज भी ऑडियों में है।
उन्होंने कहा कि यह भी एक कड़ी है और यह साजिश की नहीं है और किसी की साजिश नहीं है पक्ष व विपक्ष की साजिश नहीं है यह एक वंनतारा रिजॉर्ट को तोड देना चाहिए था और योगी का राज होता तो वंन्तरा से होता था और वीआईपी का नाम होता तो मैं मार देता और मात्शक्ति के बारे में कुछ नहीं कह सकता है और किस समय किस प्रभाव में किस रूप में लिया नौ नवंबर की घटना है और राजनीति कौन कर रहा है बेटी क ेनाम पर लडाई होनी चाहिए राजनीति नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस बात की स्क्रीप्ट सुरेश राठौर लिख रहा है और सुरेश राठौर ही और दोनों का नारकोटेस्ट किया जाए और लोग विश्वास करते है और इसमें भाजपा के लोगों का नाम लिया और भाजपा के लोगों का बदनाम करने का काम किया और हमें सच्चाई से कोई परहेज नहीं है और वह लडकी ईमानदार है और बडे बडे लोग ऑडियो लेने गए और वह फुटपाथ सोती है और बिकी नहीं है।
उन्होंने कहा कि मुझे तो इसमें उर्मिला सनावर व राठौर की कहानी है जो तीन साल से है। उर्मिला को यह बात सुरेश राठौर ने कही है और नारकोटेस्ट होना चाहिए और जेल भेजना चाहिए और वह पीछे हटने वाली लडकी नहीं है और सीबीआई जांच से सब कुछ मिल जाएगा कुछ नहीं मिलता है। सीबीआई व पुलिस वाला भी उन्हीं का है सीबीआई पर कैसे विश्वास कर रहे है। पुलकित आर्य भी उन्ही की परिवार का आदमी है और पुलकितआर्य की सजा को कम कराने का षडयंत्र है और वीआईपी का खुलासा कोर्ट करे और हम कौन होते है और हमें कोई अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि आज की तिथि में साक्ष्य क्या है आज की तिथि ओर सरकार का कहना है वह गलत है और उर्मिला की आडियों की भी जांच कराए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जन भावनाओं को भडकाने का नहीं है और ऐसी बाते माहौल करती है और वह कहीं दोषी नजर आती है दोष है और निजी स्वार्थ तो नहीं है।
उत्तराखण्ड की सियासत में इन दिनों एक बडा तमाशा चल रहा है और इस तमाशे ने राज्य की फिजाओं में एक बडी तपिश ला रखी है। उत्तराखण्ड के अन्दर उर्मिला हत्याकांड के कुछ साल बाद अचानक भाजपा के एक पूर्व विधायक की कथित पत्नी ने सोशल मीडिया पर आकर इस हत्याकांड में एक कथित वीआईपी के नाम का खुलासा कर पहाड से लेकर मैदान तक को सुलगा कर रख दिया। गांव-गांव गली-गली एक ही आवाज गूंज रही है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट की सिटिंग जज की देखरेख में सीबीआई जांच कराई जाये। वहीं सरकार और भाजपा के कुछ नेता यह दम भर चुके हैं कि एसआईटी कीे जांच के बाद ही तीन गुनाहगारों को उम्रकैद की सजा हुई है लेकिन आवाम और राजनीतिक दल इस मामले की जांच सीबीआई से कराये जाने को लेकर अपनी दहाड़ सडकों पर लगा रहे हैं। उर्मिला सनावर को जो पुलिस खोज रही थी वो अचानक स्वामी दर्शन भारती के साथ राजधानी में एंट्री कर गई और जिस अंदाज में वह नजर आई उसको देखकर आवाम को उर्मिला फाइल्स में एक बदलाव होने की आशंका प्रबल हो गई? स्वामी दर्शन भारती की उर्मिला फाइल्स में एंट्री और उनके द्वारा दावा किया जाना कि उत्तराखण्ड में जो बवंडर मचा हुआ है वह दो राजनेताओं के बीच की लडाई का हिस्सा है और उन्होंने जिस तरह से भाजपा के पूर्व विधायक को ललकारा उससे सवाल खडे हो रहे हैं कि क्या आवाम दर्शन भारती पर विश्वास करेगा जो लम्बे समय से सरकार के करीब देखे जा रहे हैं?

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