अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच को लेकर सीएम आवास घेराव की दहाड़

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घेराव को लेकर सड़कों पर उतर रही युवा पीढ़ी
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में एक लम्बे समय बाद फिर अंकिता भंडारी हत्याकांड सुर्खियों में उस समय आ गया जब भाजपा के एक पूर्व विधायक की पत्नी ने सोशल मीडिया में आकर एक कथित वीआईपी के नाम का खुलासा कर उत्तराखण्ड की राजनीति में एक बडा भूचाल लाकर खडा कर दिया। अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने को लेकर विपक्षी दल और काफी संगठन एक साथ आकर खडे हो गये हैं और वह अंकिता भंडारी हत्याकांड में शामिल कथित वीआईपी को सजा दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में सीबीआई जांच कराये जाने की मांग पर अब सड़कों पर उतरकर एक बडी अलख जगाते हुए नजर आ रहे हैं। सीबीआई जांच को लेकर अब उत्तराखण्ड के काफी संगठनों ने मुख्यमंत्री आवास घेराव की दहाड़ लगाकर सरकार के माथे पर चिंता की लकीरें डाल दी हैं और युवा पीढी सड़कों पर आवाम से रूबरू होते हुए उन्हें पर्चे थमा रही हैं कि उत्तराखण्ड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए सबको परेड ग्राउंड पहुंचना है जिससे कि वहां से एक जनसैलाब मुख्यमंत्री आवास कूच करके अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी का नाम सामने आने पर उसकी जांच सीबीआई से कराने के लिए सरकार को मजबूर कर दें।
उत्तराखण्ड के अन्दर पिछले कुछ दिनों से उस समय राजनीति में बडा भूचाल आ गया है जबसे भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी उर्मिला सनावर ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी के नाम का सोशल मीडिया पर खुलासा करके एक नया भूचाल ला दिया है। उत्तराखण्ड से लेकर दिल्ली तक और सोशल मीडिया पर अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराये जाने को लेकर एक बडा शोर मचा हुआ है। कांग्रेस आक्रामक मुद्रा मे है और उसका साफ कहना है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराये और ऐसा न होने तक कांग्रेस खामोश नहीं बैठेगी। उत्तराखण्ड के पहाड़ से लेकर मैदान तक में अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी के नाम की गूंज ने राजनीति में एक बडी तपिश ला दी है और हर तरफ एक ही गूंज है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में शामिल हर उस गुनाहगार को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाये जिसने स्पेशल सर्विस मांगने से लेकर अंकिता की मौत के बाद रिजॉट के उस हिस्से को तोडने का हुक्म दिया था जिसमें अंकिता रहती थी।
उत्तराखण्ड क्रांति दल से लेकर कुछ दलों ने अंकिता भंडारी की हत्या के दोषियों के खिलाफ मुख्यमंत्री आवास घेराव की दहाड़ लगाई है और कल होने वाले इस घेराव को लेकर कांग्रेस से लेकर तमाम संगठन और दल घेराव के लिए बडी रणनीति के तहत आवाम को परेड ग्राउंड पहुंचने की अपील कर रहे हैं। उक्रांद ने अपने पदाधिकारियों को कहा है कि अठारह सितम्बर 2022 को अंकिता की निर्मम हत्या की गई थी। न्यायालय द्वारा तीस मई 2025 को कुछ दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी गई थी। उक्त हत्या प्रकरण में वीआईपी का नाम सामने आया है, परंतु सरकार द्वारा वीआईपी दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। जिसका प्रदेशभर में सरकार तथा दोषियों के खिलाफ भारी जन आक्रोश व्याप्त है। उक्रांद के केन्द्रीय अध्यक्ष सुरेन्द्र कुकरेती ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को निर्देष दिये हैं कि अंकिता भंडारी के निर्मम हत्या के वीआईपी दोषियों व सरकार द्वारा आरोपियों को बचाने के खिलाफ पार्टी को अपने बैनर सहित विशाल जन आक्रोश प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री आवास घेराव किया जायेगा। उक्रांद अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने व दोषियों के विरूद्व अतिशीघ्र कडी कार्यवाही न होने पर प्रदेशभर में सरकार एवं दोषियों के खिलाफ जन विरोध प्रदर्शन जारी रखेगा।
वहीं मूल निवास भू कानून संघर्ष समिति के लोग भी सड़कों पर उतर कर आवाम के बीच पर्चे बांट रहे हैं कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में शामिल कथित वीआईपी का नाम सामने आने के बाद मामले की जांच सीबीआई से कराने के लिए कल मुख्यमंत्री आवास घेराव करेगा इसलिए पहाड़ की बेटी को न्याय दिलाने के लिए सभी इस घेराव में शामिल हों। मुख्यमंत्री आवास घेराव को लेकर सभी संगठनों ने एक बडी रणनीति के तहत सडकों से लेकर घरों तक आवाम को संदेश दे रहे हैं कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में हर उस चेहरे को बेनकाब करना है जिसने अंकिता भंडारी हत्याकांड में अपनी भूमिका निभा रखी थी।

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