देश की राजधानी में चलने वाली मेट्रो में गूंजता अंकिता हत्याकांड

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में अंकिता भंडारी हत्याकांड के पांच गुनाहगारों को भले ही न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुना दी हो लेकिन एक लम्बे समय से इस हत्याकांड में कथित वीआईपी के नाम को लेकर बडा भूचाल मचता आ रहा है। हत्याकांड की चिंगारी उस समय विकराल हो गई जब भाजपा के पूर्व विधायक की पत्नी ने सोशल मीडिया पर भाजपा के एक बडे राजनेता को कथित वीआईपी बताकर उत्तराखण्ड की सियासत में एक बडा भूचाल मचाकर रख दिया है। अंकिता भंडारी हत्याकांड ने उर्मिला के अचानक हुई एंट्री से उत्तराखण्ड के पहाड और मैदान कथित वीआईपी के नाम को लेकर सुलगने लगे हैं? कांग्रेस इस मामले में आक्रामक रूख में दिखाई दे रही है और अब तो देश कीे राजधानी दिल्ली में चलने वाली मेट्रो में भी अंकिता भंडारी हत्याकांड की गूंज उठ रही है और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अंकिता के चित्र लेकर मेट्रो ट्रेन में यह बताने का दौर शुरू कर रखा है कि किस तरह से अंकिता हत्याकांड हुआ और उसमें शामिल एक वीआईपी का नाम सामने आने के बावजूद सरकार उसके खिलाफ सीबीआई जांच की संस्तुति नहीं कर रही है। देश के दिल कहे जाने वाली दिल्ली की मेट्रो में अंकिता भंडारी हत्याकांड की गूंज ने सरकार के सामने एक बडा संकट लाकर खडा कर दिया है। मेट्रो ट्रेन में अंकिता भंडारी हत्याकांड को जिस रूप में कांग्र्रेसी कार्यकर्ता बता रहे हैं उससे आवाम के मन में एक नाराजगी भी देखने को मिल रही है।
उत्तराखण्ड के अन्दर सर्द हवाओं में अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी का नाम सामने आने के बाद से ही राजनीति तपिश में भाजपा के अन्दर एक बडी खलबली मचती हुई नजर आ रही है। उत्तराखण्ड के अन्दर अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी का नाम सामने आने के बाद से ही राजनीतिक तापमान चरम पर नजर आ रहा है। 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पूर्व अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी के नाम को लेकर जो एक बडी चिंगारी सुलगी हुई है उसने उत्तराखण्ड के अन्दर एक नया भूचाल लाकर खडा कर रखा है। कांग्रेस के दिग्गज राजनेता कथित वीआईपी का नाम सामने आने के बाद से ही आग बबूला नजर आ रहे हैं और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने तो दिल्ली में मीडिया से रूबरू होकर अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी का नाम सामने आने के बाद मामले की जांच सीबीआई से कराये जाने की ताल ठोक दी थी। उन्होंने तो यहां तक अल्टीमेटम दिया था कि अगर सरकार ने इस मामले में सीबीआई जांच न कराई तो उसके बाद उत्तराखण्ड के अन्दर कांग्रेस अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए एक बडा आंदोलन करेंगे।
उत्तराखण्ड के अन्दर अब अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी का नाम उजागर होने के बाद से मैदान और पहाडों में इस मामले की जांच सीबीआई से कराने को लेकर जहां धरना-प्रदर्शन हो रहे हैं वहीं अब इसकी चिंगारी देश की राजधानी दिल्ली तक भी पहुंच गई है। सबसे अहम बात यह है कि कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं ने इस हत्याकांड को लेकर मेट्रो मे सफर करने वाले लोगों के सामने अंकिता भंडारी की फोटो दिखाकर उसे न्याय दिलाने का संकल्प लेना शुरू कर रखा है। युवा कांग्रेसी आवाम को यह बता रहे हैं कि किस तरह से पहाड की बेटी को मौत की नींद सुलाया गया और इस मामले में अब एक वीआईपी का नाम सामने आने के बाद से ही मामले की जांच सीबीआई से कराये जाने की मांग हो रही है लेकिन सरकार इस मामले की जांच सीबीआई से कराने के लिए आगे नहीं आ रही है। मेट्रो टेªन में युवा कांग्रेसी का अंकिता की फोटो लेकर उसे न्याय दिलाने की जो आवाज बुलंद की जा रही है उससे अब सरकार के सामने एक बडी चुनौती आकर खडी हो गई है कि यह मामला तो अब उत्तराखण्ड से लेकर देश की राजधानी तक सुलग गया है तो फिर उनका अगला कदम क्या होना चाहिए?

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