उत्तराखण्ड में एक ही शोर

0
142

सीएम साहब अहंकारी आईपीएस का फन कब कुचलोगे?
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। किसी भी सरकार के कार्यकाल में अगर कोई भी अफसर बेलगाम होकर सरकार को चुनौती देने के लिए आगे आने का साहस करता है तो वह सरकार के खिलाफ खुली बगावत माना जाता है। उत्तराखण्ड के इतिहास में शायद पहला ऐसा मामला देखने को मिल रहा है जब राज्य का एक आईपीएस अपने आपको सरकार से बडा समझकर कुछ भी कर गुजरने के लिए अकसर आगे बढ निकलता है। उत्तराखण्ड के अन्दर अब एक शोर मचने लगा है कि सीएम साहब अहंकारी आईपीएस का फन कब कुचलोगे?
उत्तराखण्ड के अन्दर पहली बार देखने को मिल रहा है जब राज्य के अन्दर एक बार भी यह शोर नहीं मचा कि ब्यूरोक्रेसी बेलगाम हो रखी है। मुख्यमंत्री ने जिस विजन के साथ सरकार चलाने का आईना आवाम के सामने रखा हुआ है उससे राज्य की जनता से लेकर भाजपा के दिल्ली में बैठे बडे-बडे राजनेता मुख्यमंत्री की कार्यशैली से गदगद नजर आ रहे हैं और यह बात साफ दिखाई दे रही है कि राज्य के अन्दर आवाम के लिए मुख्यमंत्री फलावर तो माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ वह फायर रूप अपनाये हुये हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य के अन्दर दमदार तरीके से सरकार चलाने का जो हुनर दिखा रखा है उसे देखकर राज्य के अन्दर मुख्यमंत्री को धाकड़ मुख्यमंत्री के रूप में बडी पहचान मिल चुकी है। धाकड़ अंदाज में सरकार चलाने वाले मुख्यमंत्री को उत्तराखण्ड का एक आईपीएस अगर अपनी वर्दी का अहंकार दिखा रहा है तो यह राज्यवासियों को भी बहुत अखर रहा है और यह सवाल पनप रहे हैं कि उत्तराखण्ड जैसे छोटे राज्य में कोई पुलिस अफसर आखिर किस भ्रम में आकर सरकार को अपनी वर्दी का अहंकार दिखा रहा है? अहंकार के समुद्र में गोते लगा रहे आईपीएस की कार्यशैली को देखकर राज्य के अन्दर यह शोर मचा हुआ है कि सीएम साहब सरकार को ललकारने वाले आईपीएस का फन कब कुचलोगे जिससे कि आम जनमानस को यह विश्वास रहे कि उत्तराखण्ड के अन्दर सरकार का राज है न कि किसी अफसरशाही का?
मुख्यमंत्री की सादगी और उनके स्वच्छ रूप से शासन चलाने के उद्देश्य से राज्य की जनता तो मुख्यमंत्री को एक लम्बे दशक तक अवैध रूप से सरकार चलाने का अपना आशीर्वाद दे रही है लेकिन सरकार के कुछ अफसरों की आंखों में मुख्यमंत्री इसलिए खटक रहे हैं क्योंकि वह पारदर्शिता और स्वच्छता के साथ सरकार चलाकर उनके भ्रष्टाचार के काले अध्याय को बंद कर चुके हैं। मुख्यमंत्री आज राज्य के अन्दर विकास के पथ पर तेजी के साथ आगे बढ़ रहे हैं लेकिन उन अफसरों और सफेदपोशों को मुख्यमंत्री की पारदर्शी शैली रास नहीं आ रही है क्योंकि उनका दौलत कमाने का जो सपना था वह पुष्कर राज मे तो खत्म हो रखा है। अब मुख्यमंत्री उस बेलगाम आईपीएस अफसर को कब अपनी रडार पर लेंगे जो सरकार से भी अपने आपको बडा समझने का चस्का पाले हुये है।

LEAVE A REPLY