हाईकमान के रूख से आक्रामक होती कांग्रेस
उत्तराखण्ड मुद्दों को खूब उठा रहे राहुल
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में दो बार विधानसभा चुनाव हार चुकी कांग्रेस को लेकर अब कांग्रेस हाईकमान ने राज्य के सभी बडे राजनेताओं को दो टूक संदेश दे दिया है कि अगर उन्होंने आपसी गुटबाजी करके पार्टी को कमजोर करने का तिनकाभर भी काम किया तो उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पडेगा। पिछले काफी समय से राहुल गांधी की नजर उत्तराखण्ड पर लगी हुई है और यही कारण है कि जब भी राज्य में कोई बडी आपदा या घटना होती है तो वह अपने सोशल हैंडल पर उसे पोस्ट करके कांग्रेस नेताओं को यह संदेश दे देते हैं कि अब उनकी नजर सीधे उत्तराखण्ड पर है। उत्तराखण्ड के सभी दिग्गज राजनेता यह समझ चुके हैं कि अब राहुल बाबा की नजर उन सब पर है। अब हर दूसरे मुद्दे पर जिस तरह से कांग्रेस के सभी दिग्गज एक साथ आकर सरकार के खिलाफ अपनी दहाड लगाने से पीछे नहीं हट रहे हैं उससे साफ नजर आ रहा है कि राहुल गांधी ने उन्हें 2027 का विधानसभा चुनाव जीतने का एक बडा मिशन दे दिया है जिसको लेकर वह पार्टी के हर उस राजनेता पर अपनी रडार लगाये हुये हैं जो सरकार के आंगन में अकसर घुमा करते हैं?
उत्तराखण्ड में कांग्रेस के काफी नेताओं पर मित्र विपक्ष होने का दाग लगता रहा और उसी के चलते कांग्रेस के छोटे-छोटे कार्यकर्ताओं के मन में एक पीडा देखने को मिलती रही कि पार्टी के कुछ बडे राजनेताओं की आपसी लडाई के चलते आज पार्टी हाशिये पर आकर खडी हो गई है और तो और दो बार कांग्रेस विधानसभा चुनाव में भाजपा के सामने चारो खाने चित हुई और उसको लेकर पार्टी में भी कई बार महासंग्राम मचा था कि पार्टी के कुछ राजनेताओं के चलते ही विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना करना पडा था। कांग्रेस के कुछ राजनेताओं पर यह भी आरोप लगे कि वह पार्टी के विभीषण बने और उन्होंने पर्दे के पीछे रहकर अपनों को चुनाव में हरवाने का ऐसा प्रपंच रचा था कि जिससे सत्ता में कांग्रेस की एंट्री न हो सके? उत्तराखण्ड में दो बार कांग्रेस की हार के बाद कांग्रेस हाईकमान और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की नजर अब उत्तराखण्ड पर जा टिकी है और उन्होंने बार-बार दिल्ली से कुछ राजनेताओं को उत्तराखण्ड भेजकर गोपनीय रूप से भेजा कि वह पता लगायें कि कांग्रेस को कमजोर करने के लिए आखिर कौन से वो राजनीतिक लोग हैं जो दिखाई तो कांग्रेस में देते हैं लेकिन काम वह गुप्त रूप से भाजपा को मजबूत करने के लिए कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने अब उत्तराखण्ड के अन्दर कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए अपना ऑपरेशन शुरू कर दिया है और उसी के चलते अब राहुल गांधी के आक्रामक रूख को देखते हुए कांग्रेस के सभी दिग्गजों ने एक साथ आकर जनहित के मुद्दों और भ्रष्टाचार को लेकर सरकार के खिलाफ अपना खुला मोर्चा खोल दिया है। इन दिनों कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, हरक सिंह रावत, प्रीतम सिंह और हरीश रावत भी सरकार को हर मोर्चे पर धेरने के लिए अगली पक्ति में खडे हुये नजर आ रहे हैं। राहुल गांधी उत्तराखण्ड को लेकर कितने सजग हैं इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह उत्तराखण्ड में होने वाले हर छोटे-बडे हादसों व मामलों पर अपनी पैनी नजर बनाकर उसे अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करने के लिए आगे बढ निकलते हैं। इन दिनों कांग्रेस के तमाम बडे राजनेता अब सरकार को कुछ मुद्दों पर जिस आक्रामकता से घेर रहे हैं उससे साफ नजर आ रहा है कि उनका मिशन अब 2027 का विधानसभा चुनाव है।

