हाकम का हाकिम आखिर कौन
मुख्यमंत्री से की सीबीआई जांच की मांग
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अधिकारियों की भी हो जांच
नगर संवाददाता
देहरादून। नकल माफियाओं पर एक बार फिर से संग्राम मच गया है और उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने नकल माफियाओं पर शिकंजा कसते हुए इस प्रकरण की सीबीआई से जांच कराये जाने की मांग मुख्यमंत्री से की है और इसके साथ कहा है कि प्रदेश सरकार उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) के अधिकारियों की भी जांच की जानी चाहिए क्योंकि कहीं न कहीं इस प्रकरण में उनकी संलिप्तता हो सकती है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि शीघ्र कार्रवाई न होने पर प्रदेश में एक बार फिर से बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आखिरकार हाकम सिंह का हाकिम कौन है इसका खुलासा भी किया जाना चाहिए।
यहां परेड ग्राउंड स्थित उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि भर्ती घोटाला व नकल माफिया हाकम सिंह रावत व उसका साथी गिरफ्तार हुआ है और एक माह से बेरोजगार संघ की टीम लगी हुई थी और लक्सर में पूरी रात बिताई और संघ के पदाधिकारियों ने पूरा जाल बिछाया और उन्होंने कहा कि उनके इस कार्य में एसटीएफ ने पूरा साथ दिया। उन्होंने कहा कि हाकम सिंह का साथी पंकज गौड का नंबर हमारी टीम के हाथ लगा और उसके बाद आगे की कार्रवाई संघ के पदाधिकारियों द्वारा की गई।
उन्होंने कहा कि हाकम सिंह को गिरफ्तार कराने के लिए संघ की टीम ने एक युवक को तैयार किया और युवक को समझाया कि क्या क्या बोलना है और जिस लडके को तैयार किया और वहास्टअप कॉल हाकम सिंह की और रिकार्डिंग भी की गई और एसटीएफ के साथ पूरे दिन मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि एसटीएफ ने कुछ ही घंटों में हाकम सिंह व उसके साथ को दबोच लिया और मीडिया के सामने किया। ठगी के माध्यम से साजिश रची जा रही है और 2022 में भर्ती घोटाले में सबसे पहले हाकम सिंह रावत का नाम सामने आया।
उन्होंने कहा कि हाकम सिंह को छोटा नहीं समझना चाहिए और आयोग अध्यक्ष ने पूरा साथ दिया और पूर्व में आयोग के अध्यक्ष व सचिव को छोड दिया गया और आयोग के अंदर के अधिकारी संलिप्त हो सकते है और आयोग के अधिकारियों की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का पटवारी व वीडियो का पेपर शुरू होने के थोडी देर बाद पेपर की कुछ चीजे आई है।
उन्होंने कहा कि उसका बाद में खुलासा किया जाएगा और प्रश्नों का मिलान करना है अगर सत्यता होती है तो यह प्रदेश में एक और भर्ती घोटाला है और युवाओं के साथ धोखा हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भर्ती घोटालों ने सीबीआई जांच की बात कही लेकिन तीन साल हो गये सीबीआई जांच नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि हाकम का हाकिम कौन है इसका भी खुलासा होना जरूरी है और इस प्रकरण की सीबीआई जांच कराये और युवाओं को सच्चे हितैषी है। उन्होंने कहा कि तथ्यों के आधार पर गिरफ्तारी हुई है। उन्होंने हाकम सिंह व युवक के बीच की बातचीत की रिकार्डिंग मीडिया जनों को सुनाई। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में नकल माफियाओं की संेधमारी को लेकर खुलासा किया गया है।
उन्होंने कहा कि देहरादून आने की बात हाकम सिंह ने युवक से कही और कैश होगा और आधा अभी और आधा बाद में उस किस्से को खत्म कर दिया गया है। पटवारी बनोगे और पन्द्रह लाख का रिकार्डिंग में किया गया और पहले यह काम बारह लाख में होता था। कंडवाल ने कहा है कि यह स्टिंग किया गया और नौ सितमबर को और नकल के तरीके बदल दिए है और एमओआर में भी कुछ किया गया है।
उन्होंने कहा कि बीते दिनों आयोग के सचिव से मिले और कहा कि हरिद्वार में भी एक गैंग काम कर रहा है और आयोग सचिव गिरधारी लाल ने कोई कार्रवाई नहीं की है और परीक्षा को स्थगित किए जाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास गए और संघ के सचिव सुरेश सिंह को रोक दिया गया और कहा कि बेरोजगार संघ के है और मुख्यमंत्री नहीं मिल रहे है और जमीनी स्तर पर यह कार्य किया जा रहा है और संघ के पास यह सबूत नहीं होते तो हाकम सिंह गिरफ्तार नहीं होता और प्रदेश के युवाओं को गारंटी दे कि इस बार हाकम सिंह बाहर नहीं आएगा।
कंडवाल ने कहा है कि सीएम को शर्त रखनी होगी की वह युवाओं के साथ है और इस मामले की सीबीआई जांच की जाए। उन्होंने कहा कि प्रश्नों का मिलान कर उसके बाद जानकारी देंगें। संघ के सचिव सुरेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे थे लेकिन वह नहीं मिले और आयोग के अध्यक्ष जी एस मार्तोलिया से भी आज होने वाली परीक्षा को स्थगित करने की मांग की गई लेकिन आयोग अध्यक्ष ने भी नहीं सुना।
उन्होंने कहा कि बेरोजगार संघ एक बड़े आंदोलन की तैयारी में है और कलैंडर के बाद भी सीबीआई जांच नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारों के संदेश आ रहे है और प्रदेश के बेरोजगारों का अहित नहीं होना चाहिए। इस अवसर पर पत्रकार वार्ता में संघ के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

