चमोली(संवाददाता)। चमोली में देर रात बादल फटने से मची तबाही को देखते हुए दिल्ली में मौजूद मुख्यमंत्री ने वहीं से ही बचाव व राहत कार्य का मोर्चा संभाल लिया और मलबे में दबने से युवती की हुई मौत पर उन्होंने गहरा दुख प्रकट किया और बचाव व राहत कार्य के लिए पुलिस, आपदा प्रबंधन, जिला प्रशासन और कुछ एजेंसियों को मैदान में उतारकर युद्ध स्तर पर बचाव और राहत का ऑपरेशन शुरू करवाया। मुख्यमंत्री ने आपदा को देखते हुए स्वास्थ्य सचिव को मौके पर स्वास्थ्य महकमे की टीमों को तैनात करने का आदेश दिया तो उसके बाद थराली के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में तैनात स्वास्थ्य महकमे की टीमें अलर्ट मोड में आ गई और वहां अतिरिक्त एम्बुलेंस और विशेषज्ञ चिकित्सा अधिकारियों को भी तैनात कर दिया है जिससे कि वहां किसी भी व्यक्ति के स्वास्थ्य पर कोई संकट आये तो उसका इलाज कर उसे बचाया जाये। आपदा को देखते हुए मौके पर खुद डीएम ने मोर्चा संभाल रखा है और उन्होंने आमजन से अपील की है कि वह सुरक्षित स्थानों पर रहें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जैसे ही चमोली के थराली में बादल फटने से आई आपदा का पता चला तो उन्होंने वहीं से ही रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के लिए खुद मोर्चा संभाल लिया और उन्होंने बचाव व राहत कार्य के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भी जिला प्रशासन की टीमों के साथ युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने का आदेश दिया, जिसके बाद डीएम संदीप तिवारी स्वंय मौके पर बचाव व राहत कार्य के लिए मैदान में डटे गये। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वास्थ्य सचिव डा० आर राजेश कुमार को थराली में स्वास्थ्य महकमे की टीमों को चौबीस घंटे तैनात रहने का आदेश दिया तो उसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा० अभिषेक गुप्ता ने बताया कि थराली आपदा में राहत के लिए स्वास्थ्य महकमे की टीमें तैनात कर दी गई हैं और वह अलर्ट मोड पर हैं।
वहीं जिला प्रशासन राहत व बचाव कार्य में जुटा है। जिलाधिकारी संदीप तिवारी स्वयं मौके पर मौजूद रहकर कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं। इस दौरान जिलाधिकारी ने स्थानीय लोगों से जानकारी ली। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस बल की टीमें राहत बचाव का कार्य कर रही हैं तथा हरमनी के पास मार्ग सुचारु कर दिया गया है। भारी बारिश को देखते हुए आज थराली, देवाल व नारायणबगड़ विकासखंड के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें। डीएम ने आईटीबीपी, एनडीआरएफ, पुलिस टीमों और गांववासियों के साथ उन इलाकों को देखा जहां तबाही का मंजर जनमानस को डरा रहा था।

