दर्जाधारी राज्यमंत्री रजनी रावत की जांच किये जाने की मांग

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देहरादून(संवाददाता)। ट्रांसजेंडर समुदाय की निशा चौहान ने समाज कल्याण विभाग की दर्जाधारी राज्यमंत्री रजनी रावत की जांच किये जाने की मांग सरकार से की है और उन्होंने उनके किन्नर होने पर भी सवालिया निशान खड़े किये है और कहा कि रजनी रावत का असली नाम राम बहादुर है और वह नेपाल निवासी है। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि रजनी रावत को दर्जाधारी राज्य मंत्री पद से तत्काल बर्खास्त किया जाये। उन्होंने कहा कि रजनी रावत ने पूरे शहर में तांडव मचा कर रख दिया है जिस पर लगाम लगाये जाने की जरूरत है। यहां परेड ग्राउंड स्थित उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले दिनों दून के सहस्त्रधारा रोड, निकट विश्वनाथ कॉलोनी मुख्य मार्ग पर एक अत्यंत निंदनीय और शर्मनाक घटना घटित हुई, जिसमें दर्जाधारी राज्य मंत्री रजनी रावत के द्वारा अपने निजी गुंडा गिरोह के साथ मिलकर ट्रांसजेंडर निशा चौहान तथा उनके साथ मौजूद अन्य लोगों पर सरेआम हमला कर लाठी डंडों से मारपीट की गई है और अधमरा दिया और उनके पर्स व मोबाइल छीन कर ले गये।
उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों पर आघात है, बल्कि कानून व्यवस्था की भी खुली अवहेलना है। उन्होंने कहा कि यह विशेष रूप से चिंताजनक है क्योंकि निशा चौहान को उत्तराखंड हाईकोर्ट से सुरक्षा प्राप्त है, उन्होंने कहा कि बावजूद इसके उन पर हमला किया गया और पुलिस मूकदर्शक बनी रही। उन्होंने कहा कि शिकायत के अनुसार, शाम पांच से साढ़े छह बजे के बीच जब निशा चौहान, बनी राणा, अदिति शर्मा, तनु , सूमी राजपूत, आदि लोग सहस्त्रधारा रोड की ओर जा रहे थे, तभी दर्जाधारी राज्य मंत्री राजनी रावत और उनके समर्थकों ने तीन गाडिय़ों में आकर उनकी गाड़ी को घेर लिया और लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा। उन्होंने कहा कि घटना का वीडियो भी मौके पर उपस्थित लोगों द्वारा रिकॉर्ड किया गया है, और इस संबंध में रिपोर्ट थाना व रायपुर में दर्ज की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह कोई पहली बार नहीं है जब दर्जाधारी राज्य मंत्री रजनी रावत उर्फ राम बहादुर जो मूल रूप से नेपाल निवासी है ने देहरादून में इस प्रकार की हिंसक और आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया है। उन्होंने कहा कि उनका आतंक शहर में लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को रजनी रावत की जांच करनी चाहिए। इस अवसर पर ट्रांसजेंडर समुदाय की बनी राणा ने कहा कि सबसे गंभीर चिंता का विषय यह है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा ऐसे व्यक्ति को दर्जाधारी राज्य मंत्री पद कैसे सौंप दिया गया और क्या सरकार ऐसे अपराधियों को संरक्षण देकर समाज को अस्थिर करने की दिशा में बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि नेक मांगना सभी का अधिकार है लेकिन रजनी रावत व उनके गिरोह में लगातार शहर में बधाई के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है जिसे हम रोकना चाहते है और जिसका खामियाजा उन्हें इस प्रकार से भुगतना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह बधाई की राशि निर्धारित किया जाये ताकि कोई भी उस राशि से ज्यादा बधाई के रूप में लोगों से वसूल न कर सके। उन्होंने कहा कि मारपीट भी हमारे साथ हुई और जेल में भी हमें रखा गया और यह कैसा इंसाफ है। उन्होंने कहा कि दर्जाधारी राज्य मंत्री रजनी रावत व उनके गिरोह के खिलाफ त्वरित एवं सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। घटनास्थल एवं संबंधित पुलिस थानों के सभी सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग तुरंत सुरक्षित (प्रिजर्व) की जाए ताकि साक्ष्य नष्ट न हो सकें। उन्होंने कहा कि पीडि़तों को तत्काल पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि रजनी रावत को मंत्री पद से बर्खास्त किया जाए। उन्होंने कहा कि पूरी घटना की न्यायिक जांच करवाई जाए। उन्होंने कहा कि इस हमले के बाद देहरादून के ट्रांसजेंडर समुदाय में भारी दहशत और असुरक्षा का माहौल है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते न्याय नहीं मिला, तो हम लोकतांत्रिक ढंग से व्यापक विरोध-प्रदर्शन और आंदोलन के लिए बाध्य होंगें। इस अवसर पर पत्रकार वार्ता में पीडि़त निशा चौहान, बनी राणा, अदिति शर्मा आदि ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े हुए उपस्थित थे। वहीं दूसरी ओर दर्जाधारी राज्यमंत्री रजनी रावत से फोन पर संपर्क किया गया तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

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