अंकिता का कत्ल और न्याय पर महामंथन

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देहरादून(संवाददाता)। आज मानव अधिकार संरक्षण केंद्र की ओर से ”अंकित भंडारी हत्याकांड: निष्पक्ष जांच से न्याय तकÓÓ विषय पर आयोजित एक आईडिया एक्सचेंज प्रोग्राम को संबोधित करते हुए नैनीताल हाईकोर्ट दैनिक लोक अदालत के पीठासीन सदस्य न्यायमूति राजेश टंडन ने कहा कि इंडियन पैनल कोड में हुए संशोधन तथा नए भारतीय न्याय संहिता यबीएनएसद्ध में दिए दिए गये प्रावधानों की वजह से ही अंकिता भंडारी हत्याकंाड मामले में निष्पक्ष और दबाव रहित जांच हो पाई। यही कारण रहा कि ट्रायल कोर्ट में भी त्वरित न्याय हो पाया। न्यायमूति राजेश टंडन ने मानवाधिकारों को रेखांकित करते हुए व्यक्ति की गरिमा और स्वतंत्रता के विषय में दिए गए संवैधानिक अधिकारों के बारे में भी बताया। उन्होंने भारतीय साक्ष्य अधिनियम में हुए संशोधनों को रेखांकित करते हुए बताया कि अंकिता मामले में इलैक्ट्रानिक तथा सरकमटांसेस एविडेंस इतने मजबूत थे कि उनको नजरंदाज कर पाना किसी के वश में नहीं था जबकि जांच प्रक्रिया को मीडिया और जनसाधारण बहुत नजदीक से अध्ययन कर रहे थे।
आईडिया एक्सचेंज का आयोजन स्मार्ट दून लाइब्रेरी में किया गया जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में पुलिस उपमहानिरीक्षक यकानून व्यवस्थाद्ध श्री धीरेंद्र गुंज्याल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। संवाद का संचालन पंजाब केसरी नवोदय टाइम्स के संपादक श्री निशित जोशी जी द्वारा किया गया। पुलिस उपमहानिरीक्षक श्री धीरेंद्र गुंजन द्वारा 23 सितंबर 2०23 को घटी घटना के बारे में और उसके बाद की गई पुलिस कार्रवाई, निष्पक्ष जांच जन दबाव एवं मीडिया के प्रभाव को रेखांकित किया गया। उन्होंने बताया कि शुरू में सोशल मीडिया में कई प्रकार की अफवाहेें तथा अद्र्ध सत्य तैर रहे थे लेकिन बाद में मीडिया ने जिस प्रकार से रिपोर्टिंग उससे पुलिस को भी जांच करने में सहयोग प्राप्त हुआ।
खुले संवाद के दौरान कार्यक्रम में उपस्थित कई वरिष्ठ पत्रकारों ने विभिन्न प्रकार के सवाल जवाब किए, जिन पर श्री धीरेंद्र गुंज्याल जी द्वारा बहुत ही सकारात्मक और स्पष्ट उत्तर दिए गए। इस संवाद कार्यक्रम में अंकित भंडारी हत्याकांड मामले में प्रमुख रूप से तथ्यात्मक, संतुलित एवं सूचनात्मक रिपोर्टिंग करके मामले को जीवित बनाए रखने तथा एक प्रकार का दबाव बनाए रखने के लिए कुछ पत्रकारों को सम्मानित किया गया जिनमें प्रमुख रूप से एएनआई एवं राइटर के ब्यूरो चीफ आशीष गोयल, ईटीवी के स्टेट हेड किरणकांत शर्मा, क्राइम स्टोरी के संपादक राजेश शर्मा, इंडिया वाइस न्यूज के स्टेट हेड अवनीश प्रेमी, पंजाब केसरी नवोदय टाइम्स के समाचार संपादक राजीव थपलियाल, न्यूज 18 के उत्तराखंड संपादक अनुपम त्रिवेदी, रफ्तार मीडिया एवं खबर उत्तराखंड के संपादक बसंत निगम, गढ़वाल पोस्ट के संपादक सतीश शर्मा, इंडिया टुडे-आज तक के ब्यूरो चीफ अंकित शर्मा, देवपथ के संपादक बीडी शर्मा, कंफर्ट टाइम्स समाचार पत्र एवं वेब पोर्टल के संपादक राजीव वर्मा, डीएसआर अनकट के संपादक दिलीप राठौड, स्वदेश न्यूज के स्टेट हेड अवनीश जैन, जनभारत मेल के संपादक गुरदीप टोनी, नवोदय टाइम्स श्रीनगर पौड़ी के ब्यूरो चीफ पंकज मंडोली, अमर उजाला कोटद्वार के ब्यूरो चीफ चंद्र मोहन शुक्ला, संपादक पहाड़ टीवी नवल किशोर खाली, भारत समाचार पंकज पंवार, ब्यूरो चीफ दैनिक भास्कर विक्रम श्रीवास्तव को मानव अधिकार संरक्षण रत्न से सम्मानित किया गया। इसके आतिरिक्त पुलिस उपमहानिरीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल और नवोदय टाइम्स के संपादक निशीथ जोशी को भी स्मृति चिन्ह देखकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ शिक्षाविद् तथा मानव अधिकार संरक्षण केंद्र के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ सुनील अग्रवाल द्वारा किया गया और इस अवसर पर अंकित भंडारी हत्याकांड मामले में निष्पक्ष जांच से लेकर न्याय तक की भूमिका में योगदान देने वाले सभी पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रति आभार भी व्यक्त किया गया कार्यक्रम का संचालन दिव्य हिमगिरि के संपादक कुंवर राज अस्थाना ने किया।
कार्यक्रम में देहरादून चौप्टर के अध्यक्ष अकबर सिद्दीकी, डॉक्टर एसपी सिंह, अनुपम शर्मा, भारतीय श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के संगठन मंत्री गिरधर शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष चंद्रवीर गायत्री, राजेश सोनी, सुनील सेमवाल, देव भट्ट कॉम, लोकेश राज, पूनम आर्य कॉम आदि लोग प्रमुखता से उपस्थित रहे।

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