देहरादून। लोकसभा चुनाव के बाद प्रतिष्ठा की सीट केदारनाथ में कमल खिलाने का जो जज्बा मुख्यमंत्री ने दिखाया है उससे उनकी राजनीतिक बुलंदियों को एक नई उडान मिली है और यही कारण है कि मुख्यमंत्री पूरे पांच साल तक आवाम से किये गये एक-एक वायदे को पूरा करने की दिशा में आगे बढ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जिस शैली के साथ सरकार चलाने का हुनर दिखा रखा है उससे विपक्ष भाजपा के सामने कहीं नजर ही नहीं आ रही और यही कारण है कि भाजपा के दिग्गज नेताओं को यह विश्वास हो रहा है कि निकाय चुनाव में भाजपा का राज्यभर में डंका बजेगा और 2०27 में होने वाले विधानसभा चुनाव में भी भाजपा का परचम लहरायेगा। मुख्यमंत्री भविष्य की राजनीति को साधने की दिशा में विजन के साथ आगे बढे हुये हैं और उसी के चलते आज उन सभी राजनेताओं की नींद उडी हुई है जो तीन साल से अपने आपको मुख्यमंत्री बनने का खुली आंखों से ख्वाब देखते आ रहे हैं?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जबसे सत्ता संभाली है उनका पहला विजन है कि आवाम से उन्होंने जो भी वायदे किये हैं उन्हें एक-एक कर वह पूरा करें। मुख्यमंत्री अपने वायदों को पंख लगाने की दिशा में एक नई उडान पर उड रहे हैं और उस उडान को देखकर राज्य की जनता यह समझ चुकी है कि अब उन्हें आने वाले समय में एक नये उत्तराखण्ड के दर्शन होंगे। मुख्यमंत्री ने पहाड से लेकर मैदान तक के हर जिले को विकास की नई उडान पर ले जाने की जो पटकथा लिखनी शुरू की है उसे देखकर भाजपा के काफी राजनेताओं के माथे पर अपनी भविष्य की राजनीति को लेकर चिंता की लकीरें दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री का साफ मानना है कि 2०27 तक वह उत्तराखण्ड का नक्शा ही बदल देंगे और अपने कार्यकाल में आवाम से किये गये हर वायदे को वह शत-प्रतिशत पूरा करेंगे।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखण्ड में सत्ता संभालने के बाद से ही मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी ने चाणक्य नीति से सरकार चलाने के लिए अपने कदम आगे बढाये और सबसे पहले वह राज्य के हर जिले मे आवाम के दिलों मे अपनी एक नई पहचान बनाने के लिए आगे बढ़े जिसके चलते वह चप्पे-चप्पे पर अपनी धमक कायम करते चले गये। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस बात का इल्म था कि उन्हें पांच साल तक बस चलते ही जाना है और जहां वह रूकेेंगेे तो विकास भी रूक जायेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गये हैं जिन्होंने राज्य के हर जिले मे दर्जनों बार अपनी एंट्री की और आवाम से जुडने के लिए उन्होंने सड़कों पर अकेले उतरकर आवाम से अपनी सरकार के फीडबैक को लेकर सीधा संवाद किया। आवाम ने भी अपनी बीच अकसर मुख्यमंत्री को पाकर यह समझ लिया था कि मुख्यमंत्री एक बडी सोच के राजनेता हैं जो अपने अफसरों के बजाए आवाम से सरकार का फीडबैक लेने मे ही विश्वास रखते आ रहे हैं और उसी से उन्हें यह पता चलता रहा कि सिस्टम मे कहां खामियां हैं और कहां बेहतर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने अब तक के कार्यकाल मे स्वच्छता के साथ सरकार चलाने के लिए कदम आगे बढाये तो उसके चलते वह देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लॉडले और सखा बनकर उत्तराखण्ड को एक नई उडान पर ले जाने की दिशा मे आगे बढते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी ने लोकसभा की पांचो सीट पर जिस तरह से पार्टी प्रत्याशियों को बडी जीत का स्वाद चखाया है उससे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा हाईकमान की पाठशाला मे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सबसे ऊंचे पायदान पर आकर खडे हो गये हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आशीर्वाद से उत्तराखण्ड को अब तेजी के साथ विकास की नई उडान पर ले जाने के लिए एक संकल्प के साथ आगे बढने का रोड मैप तैयार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी की स्वच्छ राजनीति के चलते वह उत्तराखण्ड की जनता की नजरों मे उनके दुलारे बन चुके हैं जिन्हें वह एक लम्बे दशक तक उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री के रूप मे देखने का आशीर्वाद दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सफलता के राज के पीछे आवाम देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उनको दिया गया गुरूमंत्र मान रहे हैं जिस पर चलते हुए मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने के विजन पर आगे बढते हुए आवाम का दिल जीत रहे हैं। मुख्यमंत्री को चंद दिन पूर्व ही दिल्ली से भाजपा नेता बी.एल गौतम ने मुख्यमंत्री द्वारा स्वच्छता के साथ चलाई जा रही सरकार पर उनकी पीठ थपथपाई थी और कहा था कि निकाय चुनाव ने भाजपा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अपना परचम लहरायेगी। भाजपा के दिग्गज नेताओं ने जिस तरह से स्वच्छ सरकार चलाने पर मुख्यमंत्री की पीठ थपथपाई है उससे साफ हो चुका है कि मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड में बेहतर सरकार चला रहे हैं।

