शिक्षकों ने वाद्ययंत्रों के साथ निकाली सरकार जागरण रैली

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देहरादून(नगर संवाददाता)। राजकीय शिक्षक संघ उत्तराखंड ने अपनी पदोन्नति लागू किये जाने सहित अनेकों मांग को लेकर राजधानी में वाद्ययंत्रों के बीच सरकार जागरण रैली निकालकर सरकार को जगाने का काम किया और प्रदेश भर से आये हुए शिक्षकों का हुजूम जैसे ही परेड ग्राउंड से निकला तो प्रमुख चौराहों सहित सभी मार्गों पर जाम लगा रहा और पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। राजकीय शिक्षक लगातार राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चल रहे थे।
यहां राजकीय शिक्षक संघ प्रांतीय व मंडल कार्यकारिणी के आव्हान पर शिक्षकों की मांगों के सम्बंध में सरकार जागरण रैलीÓ के लिए प्रांतीय एवं मण्डलीय पदाधिकारी एवं शिक्षक परेड ग्राउंड में इकटठा हुए और वहां से अपनी मांगों के समाधान के लिए रैली निकालकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और रैली परेड ग्राउंड से प्रारंभ होकर लैंसडाउन चौक, सुभाष रोड, एस्ले हॉल, गांधी पार्क, घंटाघर होते हुए राजपुर रोड दिलाराम बाजार से वापस परेड ग्राउंड में समाप्त हुई और इस दौरान सडकों पर शिक्षकों का हुजूम था और जगह जगह जाम लगा रहा और लोगों को परेशानियों का भी सामना करना पड़ा। इस अवसर पर प्रांतीय अध्यक्ष राम सिंह चौहान एवं मण्डलीय अध्यक्ष श्याम सिंह सरियाल ने संयुक्त रूप से कहा कि लगातार पदोन्नति को लागू नहीं किया जा रहा है और शिक्षकों की भर्ती नहीं की जा रही है जो चिंता का विषय है और लगातार सरकार से आश्वासन मिले लेकिन आज तक इस ओर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई है जिससे शिक्षक अपने आपको उपेक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह सरकार जागरण रैली केवल सरकार को जगाने के लिए है।
उन्होंने कहा कि रैली न केवल शिक्षक संघ के हित के लिये है, बल्कि छात्र के अधिकार, शिक्षा से जुड़े हर वर्ग, हर आम नागरिक एवं हर किसी घटक संघ से जुड़ी है, आखिर सरकारी शिक्षा को क्यों उपेक्षित किया जा रहा, राज्य एवं देश भर से कड़ी परीक्षा में खरा उतरने वाले शिक्षकों की भर्ती करने के बावजूद छात्र संख्या घटने का कारण शिक्षक कभी नहीं हो सकता है और जिसकी जिम्मेदारी वेवजह शिक्षकों के ऊपर डाल दी जाती है । उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी देश प्रदेश की रीढ़ है यदि सरकारी शिक्षा की व्यवस्थाएं ठीक हो तो राजकीय शिक्षक संघ हर सम्भव साथ होकर सारे प्राइवेट विद्यालय बन्दी के मार्ग खोल देगा। उन्होंने कहा कि मगर सरकारी उपेक्षा के शिकार शिक्षक अब शक्ति प्रदर्शन एवं आगे आंदोलन को मजबूर हैं। इस अवसर पर प्रदेश भर से आये हुए शिक्षकों में रोष झलक रहा था। इस अवसर पर शिक्षकों का कहना था कि लगातार सरकार की ओर से कई बार आश्वासन मिला की मांगों को हल कर दिया जायेगा लेकिन बार बार कोरे आश्वासन दिये जा रहे है जिसे शिक्षक किसी भी दशा में सहन नहीं करेगा। इस अवसर पर प्रदेश भर से आये हुए शिक्षक शामिल रहे।

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