देहरादून(संवाददाता)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की फैन फॉलोइंग यूं ही सबसे ज्यादा नहीं है। मुख्यमंत्री जिस भी जिले के दौरे पर जहां भी जातें हेलीपैड पर उतरते ही सभी कार्यकर्ताओं को पूर्ण गर्मजोशी से सम्मान करते हैं। ये ही नही कार्यक्रमों में भी मुख्यमंत्री की मंचो से अपने उद्बोधन में दूर खड़े पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता पर भी नजर पड़ते ही तुरंत नाम लेते हैं। जिससे पुराने कार्यकर्ता का सम्मान भी होता है और पार्टी कार्यक्रमों में कार्यकर्ता दुगनी ऊर्जा के साथ सक्रिय बनता हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लंबे समय तक भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष रहे हैं। वो जानते हैं सबसे ज्यादा पार्टी के संघर्ष करने वाले कार्यकर्ता को क्या चाहिए होता हैं। जब पार्टी कार्यकर्ता को एक मुस्कान वा सम्मान से उसके कंधे पर नेता हाथ रख दे इतने भर से ही उसे ऊर्जा मिलती है। भाजपा के अधिकांश नेता बड़ी जिम्मेदारी मिलते ही कार्यकर्ताओं के प्रति शुष्क व्यवहार करने लगते हैं जिसका सीधा नुकसान पार्टी को ही पहुंचता हैं। इन सबसे परिचित मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पार्टी पदाधिकारियों एवं मंत्रियों से अलग दूर खड़े सामान्य कार्यकर्ता तक प्रोटोकॉल तोड़कर पहुंचते हैं। पूर्व के मुख्यमंत्रियों से अलग लगातार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सक्रियता भी कार्यकर्ताओं को भी सक्रिय रखती है। पूर्व के कई मुख्यमंत्री अपना आवास या सचिवालय ही नहीं छोडऩा चाहते थे। उन सब बुराइयों को दरकिनार कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चंद घंटों में अपनी फाइलों वा बैठकों को पूरा कर विभिन्न जिलों के भ्रमण पर पहुंचते हैं। इससे अलग मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने कार्यकर्ताओं से दूरभाष पर भी जिले की फीडबैक लेते रहते हैं। रोजाना अपने कार्यकर्ताओं से संबंधित जिले की जानकारी जुटाकर अधिकारियों को दिशा निर्देश करने से वो अधिकारी भी कार्य के प्रति सतर्क रहते हैं की कब किसकी नेगेटिव रिपोर्ट पहुंच जाएं। मुख्यमंत्री का भी कार्यकर्ताओं के बीच यूं सक्रिय बना रहना भी सही है। क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्रियों की कुर्सियां कार्यकर्ताओं की नाराजगी के कारण भी गई हैं।
