देहरादून(नगर संवाददाता)। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने कहा है कि चमोली जिले के पीपलकोटी में नमामि गंगे प्रोजेक्ट में करंट से मारे गये लोगों के परिजनों प्रति राज्य सरकार एवं भाजपा का निराशाजनक रवैया रहा है। उन्होंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के बयान की तीखी निंदा करते हुए कहा कि वैदर खराब होने के कारण चौपर नहीं उड़ पाया। उन्होंने कहा कि उन्हें शाम चार बजे सूचना मिली और वह सड़क मार्ग से चमोली पहुंचे। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे प्रोजेक्ट के अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।
यहां कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने चमोली हादसे को लेकर राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला और कहा कि चमोली करंट हादसे में हुई 17 लोगों की मौत पर दु:ख जताया। उन्होंने कहा कि प्लांट ऑपरेटर गणेश लाल के परिवार में महिलाओं को छोड़ कर सभी की मृत्यु हुई है को ऐसे में सरकार को परिवार के लिए विशेष पैकेज की घोषणा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गोपाल सिंह के परिवार में केवल महिलायें ही शेष है और सरकार उनके परिजनों को विशेष पैकेेज दें और इसी प्रकार से होमगार्ड व उनके पिता की मौत पर भी राज्य सरकार विशेष पैकेज घोषित करें। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना जहां से भी आ रही है वहां के प्रभारी मंत्री गायब दिखाई दे रहे है। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भटट जहां पर हादसा वहां के पूर्व विधायक भी रह चुके है लेकिन उन्हें वहां की जनता की कोई चिंता नहीं है और जिस कारण वह इस प्रकार का अनर्गल बयान दे रहे हे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत व पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल भी चौपर से हादसा स्थल पर पहुंचे लेकिन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व विधायक न तो चौपर से ही पहुंच पाये और न ही सड़क मार्ग से, केवल वह बयानबाजी करते हुए नजर आये। उन्होंने कहा कि एम्स ऋषिकेश के लिए एयरलिफ्ट कराए गए घायलों के लिए अस्पतालों में किसी भी तरह की कोई व्यवस्था नहीं की गई। इस अवसर पर पीसीसी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि उन्हें बिस्तर व बैड तक की व्यवस्था नहीं की गई और कई लोगों के साथ दुव्र्यवहार भी किया गया।
उन्होंने कहा कि एयरलिफ्ट कराए गए घायलों की वापसी के लिए कोई प्रबंध नहीं किये गये और पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल व कांग्रेस नेता जयेन्द्र रमोला के एम्स पहुंचने पर वहां पर हंगामा किये जाने के बाद एसडीएम ने डिस्चार्ज किये गये घायलों को अपनी गाडी से भिजवाया लेकिन सरकार की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने एनएसयूआई के एक कर्मठ साथी सुमित असवाल को खो दिया है और पांच लाख के स्थान पर 5० लाख मुआवजा राज्य सरकार मृतकों के परिजनों को दें। उन्होंने कहा कि वहीं भाजपा के कार्यकर्ता भी घायल है और मणिपुर की घटना की जितनी निंदा की जाये वह कम है और प्रधानमंत्री केवल चुनावी रैली में भाग ले रहे है और तीन माह बाद प्रधानमंत्री व गृह मंत्री चुप्पी साधे हुए है और इस ओर कोई ठोस कार्यवाही नहीं कर रहे है। इस अवसर पर मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा है कि दो महिलाओं को मणिपुर में निवस्त्र किया गया है और देश की महिलायें शारीरिक व मानसिक रूप से अपने को भी वहीं मानती है और तीन माह तक मणिपुर सुलगता रहा लेकिन किसी ने भी गृह मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट तक नहीं भेजी और वहां पर बेटी बचाओ बेटी पढाओ का नारा मात्र दिखावा बन कर रह गया है और महिलाओं का चिरहरण व अपमान किसी भी दशा में सहन नहीं किया जायेगा। इस अवसर पर वार्ता में मथुरादत्त जोशी, गरिमा दसौनी, शीशपाल सिंह बिष्ट, अमरजीत सिंह, उर्मिला थापा, मंजू त्रिपाठी आदि शामिल रहे।
