हरिद्वार(संवाददाता)। सरकार के लिए कांवड को सकुशल सम्पन्न कराना एक बडी चुनौती होती है और उसी को देखते हुए जिला और पुलिस प्रशासन के अफसर रात-दिन सडकों पर दिखाई देते हैं लेकिन उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर बिना स्वार्थ के ट्रैफिक वालिंटियरों ने शिव भक्तों की सेवा में रात-दिन सड़कों पर खडे होकर जिस कर्तव्य का पालन किया और उनके पैरों में छाले पड गये और किसी की उंगली गल गई जिससे यह सवाल खडे हो रहे हैं कि राज्य सरकार के मुखिया को इन ट्रैफिक वालिंटियरों को भी सम्मान देना चाहिए जिससे इनके मन में एक आस दिखे कि जिस भक्ति के साथ उन्होंने रात-दिन सरकार के लिए चुनौती बने कांवड को सकुशल सम्पन्न कराया उसमें उन्हें सरकार ने भी शाबाशी दी है।
कल संपन्न हो गये कावड़ मेले में लगभग चार करोड़ से अधिक श्रद्धालु गंगाजल लेकर अपने-अपने शहरों और शिववालों की तरफ गुजरे हैं। इसमें कोई दो राय नहीं है कि पुलिस प्रशासन ने इस दौरान व्यवस्थाओं को बनाने और यात्रा को सफल करने के लिए दिन रात मेहनत की लेकिन पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अगर किसी ने काम किया तो वह है वो ट्रैफिक वालिंटियरों जो बिना स्वार्थ के ही पुलिस के कंधे से कंधा मिलाकर भगवान शिव के भक्तों की सेवा में लगे रहे दस दिनों से सड़कों पर खड़े रहने वाले ऐसे सैकड़ों लोगों की हर और प्रशंसा हो रही है।
पुलिस प्रशासन कावड़ यात्रा से पहले शहर के उन लोगों से अपील करता है जो लोग समाज के लिए सोचते हैं ऐसे ही कुछ लोगों का एक समूह है जो बीते दस सालों से कावड़ यात्रा के दौरान कुंभ मेले के दौरान पुलिस की रीड की हड्डी बनता है पुलिस ने नाम दिया है एसपीओ यानी स्पेशल पुलिस ऑफिसर इन लोगों का काम होता है पुलिस के साथ शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को बनाना क्योंकि अमूमन मेले में बाहर से पुलिसकर्मी बुलाए जाते हैं ऐसे में स्थानीय लोगों का पुलिस के साथ होना बेहद जरूरी हो जाता है। दस दिनों से बारिश बाढ़ और भीड़ में ड्यूटी कर रहे ऐसे तमाम लोगों की सराहना पूरा शहर करता है बीते दस साल से कावड़ यात्रा और कुंभ मेले सहित दूसरे मेलों में पुलिस की सहायता कर रहे और ग्रुप इंचार्ज धर्मेंद्र विश्नोई कहते हैं कि इस दौरान कई बार दिक्कतें भी आती हैं इस बार का मेला बेहद कठिन था और बहुत अधिक भीड़ होने की वजह से ड्यूटी भी दिन और रात की देनी पड़ी धर्मेंद्र विश्नोई कहते हैं कि उनके ग्रुप में दस लोग हैं जो निस्वार्थ भाव से पुलिस के साथ मिलकर भगवान भोलेनाथ के इन भक्तों को सुरक्षित शहर से निकालने का काम करते हैं बरसात के दौरान धर्मेंद्र बताते हैं कि कई लोगों के पैरों में छाले और पानी की वजह से दिक्कतें भी आ गई है लेकिन उन्हें यह सब करके बेहद सुकून मिलता है।
समस्याओं और परेशानियों के बीच भी यह एसपीओ कहते हैं कि इतना बड़ा मेला हरिद्वार शहर में लगना यह हरिद्वार के लिए बेहद गर्व और गौरव की बात होती है आज आप जितने बड़े भी शहर में जाओगे अगर छोटे-मोटे मेले भी लगते हैं तो बहुत कम लोग अपनी भागीदारी इसमें दिखाते हैं धर्मेंद्र विश्नोई कहते हैं कि पुलिस के साथ काम करके सड़क पर खड़े होकर सुरक्षित इन शिव भक्तों को शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाने का काम करके उन्हें बेहद अच्छा लगता है और यही उनके लिए भगवान शिव की सच्ची सेवा भी होती है।
