सडकों पर मंत्री की फाइटिंग

0
204

तो अपनी सुरक्षा के लिए युवक को दौडा-दौडा कर पीटा
पुलिसकर्मियों की टीम ने भी चलाये लात-घुसे
प्रमुख संवाददाता
ऋषिकेश। उत्तराखण्ड के कद्दावर नेता और सरकार मंे पॉवरफुल कैबिनेट मंत्री के साथ धर्मनगरी की सडक पर आखिरकार ऐसा क्या हुआ कि मंत्री को खुद सडकांे पर फाईटिंग करने के लिए आगे आना पडा और जिस तरह से वीडियो मंे वह एक युवक को दौडा-दौडाकर पीटते हुए नजर आ रहे हैं उससे यह बहस शुरू हो गई है कि क्या मंत्री को अपनी सुरक्षा के लिए खुद ही मोर्चा संभालना पड गया और उन्हांेने उस युवक का पीछा कर उसे खुद पीटा और उनके साथ मौजूद पुलिस टीम ने भी युवक पर लात-घुसे चलाये। सोशल मीडिया पर मंत्री और उनके सुरक्षाकर्मियों द्वारा एक युवक की पिटाई का वीडियो खूब वायरल हो रहा है और यह भी दावा किया जा रहा है कि युवक ने मंत्री के साथ अभद्रता और उन पर हमला करने की कोशिश की थी जिससे सवाल खडे हो रहे हैं कि अगर काफी पुलिसकर्मियों के बीच भी मंत्री सुरक्षित नहीं है और उन्हें खुद फाईटिंग करने के लिए सडक पर दौडना पडा तो फिर ऐसे पुलिसकर्मियों की उनके साथ मौजूदगी समझ से परे है जो एक युवक को दबोचकर उसे पुलिस के हवाले करने के बजाए सडकों पर उसके साथ मारपीट करते हुए कैमरे में कैद हो गये और इस पर अब राजनीति भी होने की आशंकायें प्रबल हो गई है तथा इस मारपीट को लेकर सोशल मीडिया पर भी आरोप का दौर शुरू हो गया है। सीओ ऋषिकेश से जब इस मामले के बारे में जानकारी मांगी गई तो उन्होंने कहा कि वह मीटिंग मंे है और उन्हें इस बारे में कुछ पता नहीं है।
आज दोपहर ऋषिकेश की सडकों पर अचानक एक कार से बाहर निकले कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल का एक युवक से विवाद हुआ और उसके बाद चर्चा है कि मंत्री ने उसे एक थप्पड रसीद कर दिया जिसके बाद वहां कुछ विवाद हुआ और मंत्री की सुरक्षा मंे लगे पुलिसकर्मी ने युवक पर लात-घुसों की उस पर बरसात कर दी जिसके बाद मंत्री के साथ मौजूद एक-दो लोगांे ने एक साथ युवक का पीछा कर उसे दौडा-दौडा कर पीटा और यह सारा नजारा वीडियो में कैद हो गया और यह सवाल खडा हुआ कि आखिरकार क्या एक कैबिनेट मंत्री को खुद सडक पर इस तरह से एक युवक के साथ मारपीट करनी चाहिए थी जबकि उनके साथ उनके सुरक्षाकर्मी भी मौजूद थे? सवाल यह खडा हो रहा है कि सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद मंत्री को खुद सडक पर फाईटिंग के लिए उतरना पडा तो उससे सवाल खडा हो रहा है कि आखिरकार सुरक्षा मंे तैनात पुलिसकर्मी क्या इतने कमजोर थे कि वह उस युवक को पकडकर पुलिस के हवाले नहीं कर सकते थे? एक मंत्री और उनके सुरक्षाकर्मी द्वारा सडक पर एक युवक को जिस तरह से पीटा गया वह एक कैबिनेट मंत्री को शोभा नहीं देता यह धर्मनगरी में भी चर्चा का विषय बना हुआ था? जनसेवक होने के नाते अगर किसी युवक में किसी बात को लेकर नाराजगी थी और उसने कुछ अशब्द या ईंट उठाकर उन्हें डराने की कोशिश भी की तो उसे देखते हुए उनके सुरक्षाकर्मियांे को आगे आकर उस युवक को दबोचकर पुलिस के हवाले कर देना चाहिए था न कि फिल्मी अंदाज में सडक पर ऐसी फाईटिंग करनी चाहिए थी? एक युवक क्या इतना पॉवरफुल या दबंग हो सकता है कि वह पुलिस की सुरक्षा में चलने वाले किसी कैबिनेट मंत्री पर हमला करने का दुसाहस कर सके और अगर ऐसा दुसाहस उस युवक ने किया है तो फिर मंत्री की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी का फेलियर ही माना जायेगा? सवाल यह खडे हो रहे हैं कि अगर मंत्री भी बीच सडक मंे एक आम इंसान को अपने सुरक्षाकमी के साथ मिलकर उसे दौडा-दौडाकर पीटेगा तो उससे सरकार की छवि पर बडा असर पडेगा क्योंकि 2024 में भाजपा को लोकसभा चुनाव के लिए आवाम के बीच जाना है ऐसे में अगर सरकार के मंत्री ने फिल्मी अंदाज में सडक पर एक युवक की अपने गनर और अपने एक दो साथियों के साथ मिलकर पिटाई की है तो यह उत्तराखण्ड के लिए शुभ संकेत नहीं माने जा सकते? हालांकि मंत्री और उनके गनर द्वारा एक युवक की गई पिटाई सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। वहीं कैबिनेट मंत्री ने एक टीवी चैनल मंे बयान दिया कि युवक ने उसका कपडा खींचा और उनका कपडा फटा है यह भी दावा किया कि उनका कुर्ता भी फटा और जेब भी फटी है और सारा सामान और सारा पैसा लूट लिया या गिरा है यह उन्हें नहीं पता। मंत्री ने यह भी दावा किया कि जब उनके गनर ने युवक को रोकने की कोशिश की तो उसने उसकी वर्दी फाडी और कहा कि उसके बाद युवक उनके पीछे पत्थर लेकर भागा और मारने का प्रयास किया तो फिर उसके बाद उन्होंने ऐसा किया।

LEAVE A REPLY