देहरादून(नगर संवाददाता)। पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी भक्त चरण दास ने कहा है कि केन्द्र सरकार ने अडानी को बचाने के लिए गलत तरीके से पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की सदस्यता रदद की है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोकतंत्र का गला घोंट रहेंहैं। श्री राहुल गांधी को निशाना बनाया गया है क्योंकि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अडानी के बारे में पूछा था। उन्होंने कहा कि आज लोकतंत्र को बचाने की जरूरत है जिसके लिए राहुल गांधी जुट गये है।
यहां कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस लोकतंत्र को बचाने के लिए सब कुछ करेगी। उन्होंने कहा कि 7 फरवरी, 2०23 को राहुल गांधी ने संसद में अपने भाषण में अडानी महा घोटाले पर दो सीधे सवाल किये और कहा कि क्या अडानी की शेल कंपनियों में रूपये 2०,००० करोड़ या तीन बिलियन डॉलर हैं। उन्होंने कहा कि अडानी इस पैसे को खुद कमा नहीं सकता। उन्होंने कहा कि क्योंकि वो इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस में है। यह पैसा कहां से आया? किसका काला धन है और यह किसकी शेल कंपनियां है और कंपनियों डिफेंस फील्ड में काम कर रही है। कोई क्यों नहीं जानता है यह किसका पैसा है इसमें एक चीनी नागरिक शामिल है। कोई यह सवाल क्यों नहीं पूछ रहा है कि यह चीनी नागरिक कौन है। उन्होंने कहा कि इसके बाद राहुल गांधी ने पूछा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अडानी से क्या रिश्ता है। उन्होंने अडानी के विमान में आराम करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर दिखाई। उन्होंने रक्षा उद्योग के बारे में हवाई अड्डों के बारे में, श्रीलंका में दिए गए बयानों के बारे में बांग्लादेश में दिए गए बयानों के बारे में ऑस्ट्रेलिया में स्टेट बैंक (भारत के) के चेयरमैन के साथ बैठे नरेंद्र मोदी और अडानी की तस्वीरें, जिन्होंने कथित तौर पर 51 बिलियन का ऋण स्वीकृत किया था, के बारे में दस्तावेज दिए। यह सबूत के साथ सवालों का दूसरा सेट था।
उन्होंने हा कि अडानी के घोटाले पर संसद में राहुल गांधी के भाषण के ठीक नौ दिन बाद, उनके खिलाफ मानहानि का मामला फिर से शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े के भाषण से अडानी घोटाले के महत्वपूर्ण अंश और राहुल गांधी के भाषण को लगभग पूरी तरह से संसद के रिकॉर्ड से हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि संसद के बजट सत्र के चल रहे दूसरे भाग में भारत के इतिहास में पहली बार एक सत्तारुढ़ पार्टी भाजपा संसद को बाधित कर रही है और इसे काम नहीं करने दे रही है। यह अडानी को बचाने के लिए एक ध्यान भटकाने की साजिश है। जबकि संयुक्त विपक्ष इस पर संयुक्त संसदीय समिति चाहता है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पर भाजपा मंत्रियों द्वारा हमला किया गया। लोक सभा अध्यक्ष को राहुल ने दो लिखित अनुरोध किये कि उनकी संसद में जवाब देने दें। उन्होंने कहा कि इसके बाद तीसरी बार लोकसभ अध्यक्ष से मीटिंग भी की पर तीन अनुरोधों के बावजूद अध्यक्ष ने संसद में उन्हें बोलने का अवसर देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इससे साफ पता चलता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नहीं चाहते कि अडानी के साथ उनके रिश्ते का पर्दाफाश हो।
उन्होंने कहा कि बीजेपी की ध्यान भटकाने की कवायद तीन हास्यास्पद आरोपों से साबित होती है। सबसे पहले उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने विदेशी ताकतों से लंदन में भारत की मदद करने के लिए कहा है और यह एक सफेद झूठ है। अगर कोई उनके वक्तव्यों को ध्यान से देखें, तो उन्होंने कहा कि ये भारत का अंदरुनी मामला है, हम स्वयं इसका हल निकालने में सक्षम है। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, मथुरादत्त जोशी, विजय सारस्वत, पी के अग्रवाल, गरिमा दसौनी, गोदावरी थापली, अमरजीत सिंह, शीशपाल बिष्ट, नवीन जोशी आदि उपस्थित थे।