मेयर का दावा:मेरे खिलाफ रचा जा रहा षडयंत्र

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देहरादून(नगर संवाददाता)। दून नगर निगम के मेयर सुनील उनियाल गामा ने अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी एवं कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा है कि चुनाव के दौरान जो सम्पति दिखाई उसको लेकर उन पर सवाल खडे किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि 11 संपत्तियों में पांच छह को बेचकर दूसरी संपत्ति खरीदी गई है और उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ षडयंत्र रचा जा रहा है जिनके खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। हालांकि पत्रकारों के प्रश्नों से मेयर गामा लगातार बचते रहे और जवाब देने में असमर्थ दिखाई दिये।
यहां नगर निगम के सभागार में पत्रकारों से रूबरू होते हुए मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि मेरी संपत्तियों के बारे में सवाल उठाये जा रहे है। सुनील उनियाल ने कहा कि जो मेरी संपत्तियों के बारे चुनावी घोषणा पत्र में जितनी भी संपत्तियां मैंने दिखाई उसके साथ आज तक की संपत्तियां छोड़ दी गई हैं। उन्होंने कहा कि 18 साल की उम्र से काम करना शुरू किया। उन्होंने कहा कि पान का खोखा चलाया, चाऊमीन बेची, वीडियो ग्राफी का काम किया वीडियो लाइब्रेरी चलाई और ठेकेदारी की इसके बाद 2०12 तक कुछ संपत्तियां ली। उन्होंने कहा कि उस समय उनकी ठेकेदारी अच्छी चलती थी और बी केटेगरी का ठेकेदार रहे और लोनिवि, नगरपालिका और अन्य विभागों में काम किये और लेकिन नगर निगम बनने के बाद निकाय में ठेकेदारी छोड़ दी और बाद में मेयर बनने के बाद अपने तमाम लाइसेंस भी निरस्त करवा दिए।
उन्होंने कहा कि 2०12 के बाद कुछ संपत्तियाँ खरीदी और 2०17 में अपने चुनावी घोषणा पत्र में ढाई करोड़ तक की संपत्तियां उन्होंने चुनावी घोषणा पत्र में दिखाई थी और उनमें से अपनी कई संपत्तियां बेची और संपत्तियों की दरें बढ़ी जिसका केवल मुझे ही नहीं सबको फायदा हुआ है और कुछ संपत्तियां बेची हैं, तो कुछ खरीदी भी हैं। उन्होंने कहा कि मेरी पत्नी नौकरी करती है, मेरी बेटी लंदन में रहती है और वहां नौकरी करती है और मेरा बेटा एमटेक है वो भी अपना काम करता है और ऐसे में कोई कैसे कह सकता है कि वह जमीन नहीं ले सकते है। उन्होंने कहा कि वही दरबार साहिब से जमीन लीज में लेने के मामले में भी मेयर गामा ने जवाब देते हुए साफ कहा कि मैंने 2०12 में दरबार साहिब के महंत को आवेदन किया कि मुझे भी एक छोटा सा टुकड़ा दुकान बनाने के लिए दे दें तो दरबार साहिब के महंत ने किराए पर प्लॉट दिया और ऐसे में उसे मेयर बनने के बाद से क्यों जोड़ा जा रहा है जबकि श्री गुरुराम राय से जुडी सम्पत्तियों का वाद अभी भी चल रहा है और उन्हें लगातार नोटिस दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दरबार साहिब का टैक्स माफ नहीं किया गया है। इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा ने साफ किया है कि मेरा कोई पेट्रोल पंप भी नहीं है और यदि मेरे नाम पर पेट्रोल है तो आप ही दिला दो। उन्होंने कहा कि सारी संपत्तियां घोषित की हुई हैं और उन्होंने कहा कि कोई बेनामी सम्पत्ति नहीं है और अपनी सम्पत्तियों का खुलासा इनकम टैक्स में हुआ है तभी लोगों तक उनकी सम्पत्ति के कागज आएं है और उन्होंने कहा कि कुछ नहीं छिपाया ह।
उन्होंने कहा कि एक करोड़ 25 लाख का लोन भी लिया है और उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ यह षड्यंत्र रचा है उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जायेगी और जो लोग मेरे खिलाफ षड्यंत्र कर रहे है उनका इतिहास भी सभी लोग जानते भी है और लोग क्या करते है और उन पर क्या मामले चल रहें है इसका भी वह खुलासा करेंगें। उन्होंने कहा कि पुरानी संपत्तियां बेचकर नई संपत्तियां खरीदी है और इसमें उन्होंने क्या गलत किया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम की संपत्तियों को किसी को नहीं बेचा जाएगा बल्कि नगर निगम की सम्पत्ति की रक्षा करने का काम किया जायेगा और किसी भी दशा में अतिक्रमण नहीं होने दिया जायेगा। इस अवसर पर वार्ता में राजपुर विधायक खजानदास, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल, अमिता सिंह, कमली भटट, संजीव वर्मा, देवेन्द्र पाल सिंह मोंटी आदि शामिल रहे।

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