ऋषिकेश(संवाददाता)। संयुक्त रोटेशन व्यवस्था समिति ने चार धाम यात्रा पर जाने वाले यात्रियों के लिए प्रशासन द्वारा मंदिरों में वीआईपी दर्शन व्यवस्था के लिए जारी किए जाने वाले टोकन और पंजीकरण की प्रक्रिया मैं सरलीकरण किए जाने का प्रस्ताव पारित किया । जिसके लिए एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही प्रदेश के मुख्यमंत्री से भी मिलेगा।
सोमवार को ऋषिकेश नगर निगम के सभागार में आयोजित? संयुक्त रोटेशन व्यवस्था समिति के आह्वान पर नगर के तमाम व्यापारिक संस्थाओं, धर्मशालाओं ,होटलों प्रबंधकों एवं परिवहन से जुड़े तमाम नेताओं के प्रतिनिधियों की बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया कि यात्रा प्रशासन द्वारा देश-विदेश यात्रा पर जाने वाले यात्रियों की? ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था?? ?का सरलीकरण किया जाए।बैठक में कहा गया कि पूर्व के अनुभव में पाया गया कि सरकार द्वारा किए जा रहे ऑनलाइन पंजीकरण के दौरान चार धाम आने वाले यात्रियों की संख्या लाखों में बताई जा रही है जबकि यह आंकड़ा वास्तविकता से काफी दूर होता है ।देखने में आया कि एक एक व्यक्ति द्वारा 1० से 15 पंजीकरण करवा लिए जाते हैं, जिसके कारण पंजीकरण का कोटा फुल हो जाता है, लेकिन यात्रा पर कुछ हजारों में ही यात्री पहुंचते हैं ।जिससे बसों को लेकर अफरा-तफरी फैल जाती है जिसे रोक पाना स्थानीय प्रशासन और परिवहन व्यवसाय से जुड़ी संस्थाओं के सामने भी संकट उत्पन्न हो जाता है। इससे बचने के लिए सभी संस्थाओं ने एक स्वर से मांग की कि पंजीकरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शिता के दायरे में लाते हुए उसमें सरलीकरण किया जाए ।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि इस व्यवस्था में सुधारी करण को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र प्रदेश के मुख्यमंत्री से भी मिलेगा और इसके लिए एक बैठक आगामी 1० मार्च को पुन: आयोजित की जाएगी। यह सभी प्रस्ताव संयुक्त रोटेशन व्यवस्था समिति के अध्यक्ष सजय शास्त्री की अध्यक्षता में पारित किए गए जिसमें महंत विनय सारस्वत ,संदीप गुप्ता, , गो मोहन मिश्र,पाल सिंह नेगी, रवि कुमार जैन, पंकज शर्मा, सीमा चौधरी, अमर गुप्ता, विजयपाल रावत, प्रतीक कालिया, पवन शर्मा, बलजीत सिंह, सुनील कुमार, अभिषेक शर्मा, विजेंद्र सिंह कंडारी, हेमंत डंग, रमेश सिंह रावत, बलवीर रौतेला, पंकज गुप्ता, भगवती भगवती प्रसाद रतूड़ी, हर्ष मणी कुडियाल आदि उपस्थित थे।