नगर संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड की अस्थाई राजधानी में वर्षों से एमडीडीए की कार्यशैली को लेकर सवालिया निशान लगते रहे हैं और आम आदमी के मन में इस बात को लेकर बडी पीडा है कि अगर वह अपने निर्माण में दो ईंट नक्शे से हटाकर लगाते हैं तो उन्हें एमडीडीए का नोटिस मिल जाता है लेकिन शहर में भू-माफियाओं और बिल्डरों ने एमडीडीए के सारे नियमों को ताक पर रखकर जिस तरह से बडे-बडे निर्माणों को अंजाम दिया वह किसी से छिपा नहीं है? रेजिडेंशियल को कार्माशियल में तब्दील करने का जो खेल शहर के अन्दर देखने को मिलता रहा है उस पर एमडीडीए के अफसरों की रहस्यमय चुप्पी सवाल खडे करती रही है और अब सुराज सेवा दल ने एमडीडीए में हुंकार लगाते हुए जिस तरह से वहां गेट पर तालाबंदी की और यह खुला आरोप लगाया कि एमडीडीए भ्रष्टाचार का अड्डा है उससे सवाल खडे होने लग गये हैं कि आखिरकार एक आम आदमी एमडीडीए की कार्यशैली को हमेशा अपनी रडार पर ले रहा है तो उसके पीछे कहीं न कहीं एमडीडीए में कुछ न कुछ भ्रष्टाचार का खेल जरूर चल रहा होगा जिसको लेकर एक बार फिर आज एमडीडीए में वहां के भ्रष्टाचार को लेकर घमासान होता हुआ दिखाई दे गया।
एमडीडीए में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार के विरोध में सुराज सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने गरजते हुए एमडीडीए का घेराव कर धरना प्रदर्शन किया और आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने एमडीडीए के मुख्य गेट पर तालाबंदी करते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। उनका कहना है कि एमडीडीए में भ्रष्टाचार को पनपने नहीं दिया जायेगा और इसका लगातार विरोध किया जायेगा।
इस अवसर पर सुराज सेवादल के अध्यक्ष रमेश जोशी ने कहा है कि एमडीडीए में लगातार नक्शा पास कराने सहित अन्य कामों में लगातार भ्रष्टाचार किया जा रहा है और सुविधा शुल्क लिया जाता है और शिकायत करने के बाद भी संबंधित अधिकारी पर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की जाती है जिससे सुराज सेवादल के कार्यकर्ता आक्रोशित है। इस अवसर पर उन्होंने उपाध्यक्ष से पूछा है कि नक्शा पास कराने के एवज में जो शुल्क लेते हैं उसका उपयोग कहां कर रहे हैं कितने पार्क कितनी पार्किंग कितनी सड़कें आपने आम जनमानस के लिए मुहैया कराएं आवासीय योजनाओं पर मैनेजमेंट बुक कहां है और आज तक जो भी नोटिस काटे क्या उस पर विधि पूर्वक कार्यवाही हुई और जिन होटलों के नक्शे आवासीय होमस्टे में पास है क्या उनके वस्ती कारण हुए एमडीडीए की अपने कार्यालय के लिए पार्किंग पूर्ण क्यों नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि जेई नोटिस काटकर धन उगाही का कार्य कर रहे हैं और क्या यह मामले उपाध्यक्ष के संज्ञान में नहीं है और अगर नहीं है तो क्यों नहीं कार्यवाही करते हैं और कमिश्नर के आदेश के बाद भी फाइल वहां तक समय से नहीं पहुंचती है और ऐसा क्यों नहीं कार्यवाही कर रहे हैं तथा सरकारी संपत्ति पर भूमाफिया पर कॉलोनी काटकर बेच देते हैं। उन्होंने कहा कि तब भी तक कोई कार्यवाही नहीं करते जब तक कॉलोनी पिक नहीं जाती और जब बैठ जाती है तब गरीब लोगों को परेशान करते हैं तब गरीब लोगों पर कार्यवाही करते हैं पहले से ही बिना नक्शा पास कॉलोनी की रजिस्ट्री पर रोक क्यों नहीं लगा देते जब कोई शिकायत करता है तो भूमाफिया पुलिस से मिलकर उस पर ब्लैकमेलिंग का मुकदमा पंजीकृत करवाने का प्रयास करते हैं और कभी-कभी करवा भी देते हैं।
उन्होंने कहा कि एमडीडीए सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के लिए नगर निगम भेज देती है नगर निगम राजस्व के पास भेज देती है क्या सब लोग मिलकर इस जिम्मेदारी को नहीं निभा सकते है और जिसके संज्ञान में पहले आ जाए क्या वह सरकारी संपत्ति की सुरक्षा नहीं कर सकते क्यों जुमलेबाजी करते हैं और लोग गरीबों के लिए छोटे-छोटे घरों के लिए आपके पास मानक हैं।
उन्होंने कहा कि अमीरों के लिए चाय का प्याला उनके लिए कोई नियम कानून नहीं है और ऐसे कई सवाल किए एमडीडीए उपाध्यक्ष से सुराज सेवादल के अध्यक्ष रमेश जोशी ने किये है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश की बात करते हैं और प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर रखा है अगर एमडीडीए ने तत्काल प्रभाव से अपने अधिकारियों के ऊपर कार्रवाई नहीं की और इसके साथ भू माफियाओं के ऊपर कारवाई नहीं की गई तो सुराज सेवा दल पूरे प्रदेश में जन आंदोलन करेगा और इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शहरी विकास मंत्री शहरी विकास सचिव, एमडीडीए उपाध्यक्ष और अधिकारियों की होगी। इस अवसर पर घेराव व धरना प्रदर्शन करने वालों में कावेरी, रेखा, पूजा नेगी, सुनीता, सरला, नीतू शहालम, सुचित अग्रवाल, नितेश, मोहिनी, शौर्य, मोनिका, उज्जवल, लक्ष्मण, दिलशाद, मेहरबान, कुर्बान, वसीला जैनुल, अयान, वरुण, कृष्णा, पीयूष, रिंकू, आशीष मिश्रा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।