सखा के राज्य को संकट मंे नहीं देख पाते पीएम
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड में दस माह से सत्ता चला रहे हैं और वह देश के प्रधानमंत्री के सपनों का राज्य बनाने के लिए हर दिन विकास को एक नई दिशा दे रहे हैं और यही कारण है कि देश के प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री द्वारा स्वच्छता के साथ सरकार चलाने से इतने प्रसन्न हैं कि उन्हांेने मुख्यमंत्री को अपना सखा और छोटा भाई मान रखा है। उत्तराखण्ड में मुख्यमंत्री के लिए हमेशा प्रधानमंत्री सकंटमोचन बनकर उनके साथ खडे हुये दिखाई दे रहे हैं और यह बात भी सच है कि वह अपने सखा के राज्य मंे आने वाले संकट को नहीं देख पाते और वह मुख्यमंत्री को हर सहायता मुहैय्या कराने के लिए हमेशा आगे खडे हुये दिखाई दिये हैं। चंद समय पूर्व जैसे ही चमोली के जोशीमठ में भूधसाव से वहां बडी-बडी दरारें आने से जोशीमठ पर एक बडा संकट आकर खडा हुआ तो राज्य के मुख्यमंत्री जोशीमठवासियों के साथ खडे हुये दिखाई दिये और उन्होंने जोशीमठवासियों को वचन दिया कि देश के प्रधानमंत्री और वह उनकी हर मोर्चे पर रक्षा करंेगे और उन्हें कभी भी इस बात का एहसास नहीं होगा कि इस संकट की घडी मंे सरकार उनके साथ खडी नहीं है। मुख्यमंत्री के उत्तराखण्ड पर जोशीमठ में आये संकट को देखते हुए देश के प्रधानमंत्री फिर उनके लिए संकटमोचन बने हैं और उन्हांेने जिस तरह से मुख्यमंत्री से सीधे फोन पर बात कर उन्हें कहा है कि वह उत्तराखण्ड को हर सम्भव मद्द देंगे। प्रधानमंत्री और राज्य के मुख्यमंत्री के बीच जिस तरह की कैमेस्ट्री हमेशा देखने को मिलती आ रही है उससे साफ झलक रहा है कि मुख्यमंत्री के लिए देश के प्रधानमंत्री हर बार उनके संकटमोचन बनकर उनके साथ अभेद खडे हैं जो उत्तराखण्ड के लिए एक गौरव की बात है।
उत्तराखण्ड के युवा विधायक पुष्कर सिंह धामी को जब राज्य की कमान सौंपी गई तो देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हंे सत्ता चलाने का जो मंत्र दिया था उस मंत्र को धारण करके पुष्कर सिंह धामी राज्य के अन्दर स्वच्छता के साथ सत्ता चलाते हुए दिखाई दे रहे हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य देखने का जो सपना संजोया है उसे धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक बडे विजन के तहत राज्य के अन्दर विकास की बुनियाद को आगे बढाते जा रहे हैं जिससे राज्य की जनता के मन मंे एक आशा बंध गई है कि अब युवा मुख्यमंत्री के कार्यकाल में उत्तराखण्ड जरूर देश के अन्दर आदर्श राज्य बनेगा। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को राज्य में जिस तरह से बार-बार अपना खुला आशीर्वाद देकर उन्हें कभी अपना सखा तो कभी अपना छोटा भाई कहकर राज्य में यह संदेश देते आ रहे हैं कि पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड को स्वच्छता के साथ आगे बढा रहे हैं। उत्तराखण्ड के अन्दर जब भी कोई आपदा आई तो राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस आपदा को लेकर संकट में खडे दिखाई दिये तो देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उस आपदा से राज्य को बचाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संकटमोचन बनते रहे और यही कारण है कि राज्य में आई हर आपदा में मुख्यमंत्री खुद चौबीस घंटे मोर्चे पर डटकर आपदा से डरे लोगों को सीने से लगाकर उन्हें हर मुश्किल से बचाते रहे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उत्तराखण्ड पर विशेष नजर रहती है क्योंकि वहां की सत्ता उनके सखा और छोटे भाई पुष्कर सिंह धामी ईमानदारी से सरकार चला रहे हैं। चमोली के जोशीमठ में जब भूधसाव से मकानों, व्यापारिक संस्थानों और होटलों में दरारें पडनी शुरू हुई तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संकट में फंसे जोशीमठ की रक्षा के लिए खुद मोर्चा संभाला और उन्होंने जोशीमठवासियों के धर-धर जाकर जिस तरह से उन्हें दिलासा दिलाया कि सरकार उनके साथ खडी है और उनके पुर्नवास और विस्थापन के लिए वह संकल्पबद्ध हैं। वहीं जोशीमठ में आये इस संकट के समय में मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी की चिंता को देखते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक बार फिर अपने सखा के साथ उनके संकटमोचन बनकर खडे हो गये और उन्होंने जिस तरह से मुख्यमंत्री से फोन पर बात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि केन्द्र सरकार उनके साथ खडी है और राज्य को हर सम्भव सहायता दी जायेगी इतना ही नहीं पीएमओ ने जोशीमठ में आये इस संकट को देखते हुए जिस तरह से हाईलेवल बैठक कर जोशीमठ को बचाने के लिए मंथन व चिंतन किया है वह यह बताने के लिए काफी है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने सखा पुष्कर सिंह धामी के उत्तराखण्ड को बचाने के लिए उनके संकटमोचन बनकर उनके साथ खडे हो गये हैं और यही कारण है कि राज्य के मुख्यमंत्री ने अपने अफसरों की बडी टीम को जोशीमठ में उतार दिया है और वह जिस तरह से इस संकट का मोर्चे पर डटकर सामना कर रहे हैं उससे जोशीमठवासियों के मन में चल रहे चिंतन और डर का भाव कम हो गया है?