विधानसभा में नियमों एवं परंपराओं का हुआ है हनन: माहरा

0
124

नगर संवाददाता
देहरादून। विधानसभा से बर्खास्त कार्मिकों को कांग्रेस का पूर्ण रूप से समर्थन मिल रहा है, पहले पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत व पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने भी धरना स्थल पहुंचकर बर्खास्त कार्मिकों को कांग्रेस की ओर से पूर्ण समर्थन दिया। इस दौरान द्वाराहाट से कांग्रेस के विधायक मदन बिष्ट सहित कई कांग्रेसी नेताओं ने बर्खास्त कार्मिकों के साथ धरना स्थल पर बैठकर समर्थन दिया। इस अवसर पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा है कि विधानसभा में नियमों व परम्पराओं का उल्लंघन हुआ है
इस अवसर पर विधानसभा के समीप बर्खास्त कार्मिकों का 2०वें दिन भी उपवास एवं धरना प्रदर्शन जारी रहा। इस अवसर पर धरना स्थल पर पहुंचे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि विधानसभा भर्ती प्रकरण में बर्खास्त कर्मचारी कहीं से भी दोषी नहीं है बल्कि दोषी वह लोग हैं जिन्होंने इस प्रकार की नियुक्ति प्रक्रिया बनाई। उन्होंने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने विचलन के माध्यम से विधानसभा में पदों को भरे जाने की स्वीकृति दी थी वहीं राजनीति के चलते अब सरकार कार्मिकों को बर्खास्त करने पर बधाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि यदि नियुक्ति देने वाला दोषी नहीं तो बर्खास्त कार्मिक भी दोषी नहीं हो सकते हैं। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इसका जल्द से जल्द समाधान निकाला जाना चाहिए, ऐसा रास्ता निकाला जाए की जिससे पहाड़ की गरीब युवाओं की नौकरी भी ना जाए। उन्होंने कहा कि नेताओं के परिजन अब भी विधानसभा में कार्य कर रहे हैं जिन्हें बचाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष व सरकार प्रयास कर रही है, जो कि बिल्कुल निंदनीय है। उन्होंने कहा कि सभी कार्मिकों के साथ एक जैसा व्यवहार हो या फिर बर्खास्त कार्मिकों को भी बहाल किया जाए एवं आगे के लिए नियम प्रक्रिया में सुधार लाया जाएद्य प्रदेश अध्यक्ष ने बर्खास्त कार्मिकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे, कोर्ट में भी सहयोग करेंगे एवं कार्मिकों की इस लड़ाई में कांग्रेस पूर्ण रूप से साथ देगी।
इस अवसर पर विधायक मदन बिष्ट ने कहा कि सरकार रोजगार देने का नहीं बल्कि छिनने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के बाद से विधानसभा में एक ही प्रक्रिया व एक ही रास्ते से नियुक्तियां हुई है तो कार्मिकों को बैकडोर कहकर बर्खास्त नहीं किया जा सकता है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष पर सीधा आरोप लगाया कि ऋतु खंडूडी ने मुख्यमंत्री की कुर्सी को देखते हुए अपनी राजनीति चमकाने के उद्देश्य से ढाई सौ कार्मिकों की बलि चढ़ा दी है। उन्होंने सभी कार्मिकों को एकजुट होकर इस लड़ाई को लडऩे के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर बर्खास्त कर्मचारियों ने कहा है कि विधानसभा अध्यक्ष ने माना है एवं डी के कोटिया कमेटी की रिपोर्ट में भी 2००1 से 2०21 तक विधानसभा में अवैध भर्ती हुई है तो यह सवाल लाजिमी है कि सिर्फ 2०16 एवं उसके बाद नियुक्त कार्मिकों को ही क्यों हटाया गया है इसका जवाब देना होगा। उनका कहना है कि यह एक विचारणीय प्रश्न है और विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी भूषण को जवाब देना होगा और आंदोलन को लगातार जारी रखा जायेगा। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से न्याय की गुहार भी लगाई है।
इस अवसर पर बर्खास्त कर्मचारियों ने कहा है कि विधानसभा अध्यक्ष ने माना है एवं डी के कोटिया कमेटी की रिपोर्ट में भी 2००1 से 2०21 तक विधानसभा में अवैध भर्ती हुई है तो यह सवाल लाजिमी है कि सिर्फ 2०16 एवं उसके बाद नियुक्त कार्मिकों को ही क्यों हटाया गया है इसका जवाब देना होगा। उनका कहना है कि यह एक विचारणीय प्रश्न है और विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी भूषण को जवाब देना होगा और आंदोलन को लगातार जारी रखा जायेगा। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से न्याय की गुहार भी लगाई है। इस अवसर पर बर्खास्त कर्मचारियों ने कहा कि अब जब विधानसभा में बैकडोर भर्ती से 2००1 से 2०21 तक सभी को समान प्रक्रिया से नियुक्ति मिली है तो ऐसा क्यों किया गया कि किसी को बिना सुने बाहर का रास्ता दिखाया दिया गया जो चिंता का विषय है। इस पर तत्काल प्रभाव से कार्यवाही कर उन्हें बहाल किया जाये। इस अवसर पर कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसौनी मेहरा, नवीन जोशी, कौशिक भैसोड़ा, सुजीत थपलियाल, आशीष शर्मा, निहारिका उनियाल, लक्ष्मी चिराल, मोनिका सेमवाल, दीप्ति पांडे, हेमंत जोशी, अनिल रयाल, शिव चरण डबराल, प्रदीप सिंह, तुशांत बिष्ट, बबीता भंडारी, अमित ममगांई, कुंदन सिंह, हरीश चंद्र भट्ट एवं समस्त बर्खास्त कर्मचारी उपस्थित रहे।

LEAVE A REPLY