जोशीमठ को बचायेंगे पुष्कर

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चमोली(संवाददाता)। भगवान बद्रीनाथ का प्रवेश द्वार जोशीमठ पिछले कुछ दिनों से संकट में है और उस पर जिस तेजी के साथ खतरा मंडराया हुआ है उससे वहां के लोगों के सामने अपने परिवार को बचाये रखना एक बडी चुनौती बना हुआ है। भूधसाव के कारण जिस तरह से रास्तों से लेकर मकानों तक में दरारें आ गई हैं उससे जोशीमठ खतरे की जद में है और इस खतरे की गंूज समूचे भारत में सुनाई दे रही है और सबकी इस बात पर निगाहें लगी हुई हैं कि आखिरकार सरकार जोशीमठ के सैकडों परिवारों को कैसे बचायेगी क्योंकि जिस तेजी के साथ वहां खतरे की घंटी बज रही है वह सरकार के लिए एक चिंता का विषय बना हुआ है और इसी के चलते आज राज्य के मुख्यमंत्री ने जोशीमठ का रूख किया और उन्होंने वहां के नागरिकों से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ खडी है और उन्हें सुरक्षित रखने का दायित्व सरकार का है इसलिए किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है और उनके पुर्नवास को लेकर भी सरकार मंथन व चिंतन में लग गई है और किसी भी नागरिक को सरकार खतरे में नहीं डालेगी और हर खतरे से उन्हें बचाने के लिए राज्य और केन्द्र सरकार मिलकर इस बात का अध्ययन कर रहे हैं कि आखिरकार जो खतरा मौजूदा समय में जोशीमठ में खडा हो गया है उस खतरे को कैसे टाला जाये जिससे कि जोशीमठ सुरक्षित रह सके। जोशीमठवासियों को मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया है कि वह जोशीमठ को बचायेंगे और सारी सरकार और सिस्टम जोशीमठ में आई इस भूधसाव से लडने के लिए चौबीस घंटे वहां के परिवारों के साथ खडा हुआ है।
उत्तराखंड का जोशीमठ खतरे में है खतरे में वहां के 6०० से अधिक परिवार है राज्य से लेकर केंद्र सरकार तक इस पूरे मामले पर गंभीरता से नजर बनाए हुए हैं केंद्र सरकार की 6 सदस्यों की टीम ना केवल मौके पर पहुंची बल्कि आज पुष्कर सिंह धामी भी स्थलीय निरीक्षण करने के बाद स्थानीय लोगों का दर्द जानने के लिए पहुंचे लगभग 2 घंटे के चमोली दौरे में सीएम के निर्देश पर जोशीमठ में भू धंसाव के कारण विस्थापित परिवारों को मकान किराये के लिए 4 हजार रूपये प्रति माह की दर से 6 माह तक दिये जाने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से राशि स्वीकृत की गई है। जनपद चमोली के तहसील जोशीमठ के नगरपालिका क्षेत्र जोशीमठ के अन्तर्गत विगत दिनों से हो रहे भूधसाव से प्रभावित ऐसे परिवार जिनके मकान क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण अधिवासन योग्य नहीं है अथवा ऐसे परिवार जो बेघर हो गये हैं, परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर किराये के मकान में अस्थायी रूप से विस्थापित करने के लिए घ्4००० प्रति परिवार की दर से 6 माह के किराये मद में मुख्यमंत्री राहत कोष से अग्रिम के रूप में व एक करोड़ रूपये स्वीकृत कर जिलाधिकारी चमोली के निवर्तन रखा गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि जोशीमठ जिस आपदा से गुजर रहा है उसने किसी की जनहानि ना हो इसका विशेष रुप से ध्यान रखा जाएगा राज्य सरकार केंद्र सरकार की मदद से जल्द ही विस्थापन की योजना बनाकर लोगों को छत देने का काम करेगी मुख्यमंत्री ने भी मान रहे हैं कि जोशीमठ में जो कुछ भी हो रहा है वह बेहद भयानक है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि फिलहाल सरकार का पूरा फोकस सभी को सुरक्षित रखना है इसके साथ ही जोशीमठ में सर्वे कर रहे केंद्र सरकार की तरफ से आए और रुड़की आईआईटीके वैज्ञानिक यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिरकार अचानक से इतनी तेजी से जमीन क्यों हस रही है और जब तक इस बात का पता नहीं लगाया जा सकता तब तक हम किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचेंगे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जोशीमठ धार्मिक और सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण स्थान है भारत और चीन सीमा को जोडऩे वाली सड़कें भी भूस्खलन के कारण कई जगह चटक नी शुरू हो गई है ऐसे में सैनिकों को किसी तरह की कोई दिक्कत ना हो इसके लिए भी राज्य सरकार कटिबद्ध है मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि जोशीमठ के लोगों के साथ पूरी सरकार खड़ी है और आने वाले दिनों में यहां के लोगों को जो भी दिक्कतें हो रही हैं उसको खत्म किया जाएगा।

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