तदर्थ कर्मचारियों का विधानसभा के सामने धरना प्रदर्शन

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देहरादून(संवाददाता)। विधानसभा से बर्खास्त हुए सभी तदर्थ कर्मचारी विधानसभा के सामने परिवार सहित धरने पर बैठ गये और इस दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और 2०16 के बाद वालों पर ही क्यों कार्यवाही कर बर्खास्त किया गया। इस दौरान कर्मचारियों ने स्पीकर के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया। वहीं उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों को अपना समर्थन दिया।
यहां विधानसभा से बर्खास्त हुए सभी कर्मचारियों ने विधानसभा भवन के बाहर प्रदर्शन करते हुए पांच दिवसीय धरना शुरू कर दिया और कहा कि उन्हीं पर ही क्यों कार्यवाही की गई है और बर्खास्त हुए सभी कर्मचारी केवल एक ही बिन्दु पर बात कर रहे कि 2०16 के बाद वालों पर ही क्यों कार्यवाही कर बर्खास्त किया गया। यह केवल कर्मचारियों पर अत्याचार है। कर्मचारियों ने कहा कि 2०16-21 तक विधानसभा में हुई बैकडोर भर्तियों के चलते 228 कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया था। इस अवसर पर सभी बर्खास्त कर्मचारियों ने विधानसभा गठन के बाद से अभी तक की हुई सभी भर्तियों की जांच की मांग कर रहे हैं। इस अवसर पर तदर्थ कर्मचारियों ने कहा कि 2००1 से 2०15 तक की नियुक्तियां किस प्रकार से वैध है और स्पीकर को इसका जवाब देना होगा।
इस अवसर पर सभी तदर्थ कर्मचारियों की पुकार नहीं सहेंगे अत्याचार के जमकर नारे लगाये। विस बैकडोर भर्ती- हटाये गए तदर्थ कर्मियों ने खोला मोर्चा, दोहरे रवैये पर नाराजगी जताई। इस अवसर पर तदर्थ प्रदर्शनकारी कर्मचारी हाथों में तख्तियां लिए हुए थे और जिसमें लिखा था कि पिता के समय हुई नियुक्ति वैध और बाकी नियुक्तियां अवैध। इस अवसर पर अनेकों कर्मचारी शामिल रहे।

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