तो आईपीएस है आयुष!

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आयुष बोलाः मैं मुख्यमंत्री का सीएसओ हंू
ड्रामेबाज का फिल्मी हमला निकला ‘झूठ का पुलिंदा’
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। त्रिवेन्द्र शासनकाल मंे अपने आपको पॉवरफुल समझने वाले आयुष गौड़ को शायद अभी भी इस बात का भ्रम है कि राज्य मंे त्रिवेन्द्र सरकार सत्ता में है? सुरक्षाकर्मी लेकर अपना भौकाल दिखाने वाले आयुष गौड ने तीन दिन पूर्व अपने ऊपर हमले का जो नाटक रचकर खानपुर के विधायक व वरिष्ठ पत्रकार उमेश कुमार को घेरने का चक्रव्यूह रचा था उस चक्रव्यूह मंे वह खुद ही फसता हुआ दिखाई दे रहा है। मोटरसाइकिल व कार सवार लोगों द्वारा बोतलों, डंडों व सरियों से अपने ऊपर हमले की जो पटकथा लिखी थी उसकी उस समय हवा निकल गई जब इस बात का खुलासा हुआ कि आयुष गौड ने एक कैफे में काम करने वाले वहां के कर्मचारी और उसकी महिला साथियों के साथ गंदी-गंदी गालियां दी और यहां तक धमकाया कि उससे कैफे में उसने कैसे बिल मांग लिया और यहां तक धमकी दी कि वह आईपीएस अधिकारी है और तुम्हें गोली मार दूंगा। आयुष गौड की फिल्मी शिकायत से काफी पहले ही कैफे के कर्मचारी ने राजपुर थाने में आयुष गौड के खिलाफ पांच धाराओं मंे मुकदमा दर्ज कराया था और इस मुकदमें से बचने के लिए आयुष गौड ने अपने ऊपर फिल्मी हमले की कहानी रचकर पुलिस महकमें को ही एक बडा धोखा देने का काम किया है अब देखने वाली बात है कि क्या जनपद के पुलिस कप्तान इस फिल्मी हमले का सच सामने लाने के लिए किसी आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन कर जांच कराने के आदेश देंगे जिससे यह सच सामने आ सके कि राजधानी में ऐसा कोई जंगलराज नहीं है कि सरेआम राजपुर जैसे पॉस इलाके में किसी पर इतना बडा हमला हो सके?
हैरानी वाली बात है कि जब भी किसी व्यक्ति को सुरक्षा मुहैया कराई जाती है तो उसके पीछे सिस्टम की यही मंशा होती है कि उक्त व्यक्ति पर कोई हमला न कर सके और न ही उसे कोई नुकसान पहुंचा सके। उच्च न्यायालय के आदेश पर आयुष गौड को राजधानी से एक सुरक्षाकर्मी मिला हुआ है। काफी समय से आयुष गौड़ का नाम व चेहरा प्रकाश में नहीं आया लेकिन तीन दिन पूर्व अचानक सोशल मीडिया पर आयुष गौड की कुछ फोटो और एक वीडियो खून से सनी हुई वायरल हुई और यह ढोल पीट दिया गया कि खानपुर से विधायक उमेश कुमार के लोगों ने सम्भवतः आयुष पर यह हमला किया है। आयुष गौड की वीडियो व फोटो देखकर साफ नजर आ रहा था कि वह नशे में था लेकिन उसे इस बात का भी सम्भवतः इल्म था कि वह थाने में अपनी फिल्मी कहानी सुनाने के लिए पुलिस के पास गया तो कहीं पुलिस उसका मेडिकल ही न करा दे? हालांकि उसके अगले दिन आयुष गौड ने राजपुर थाने में एक लिखित शिकायत दी तो उसकी सारी पटकथा फिल्मी नजर आ रही थी। ‘क्राईम स्टोरी’ ने पहले ही खुलासा कर दिया था कि आयुष गौड ने अपने ऊपर जो हमले की कहानी पुलिस को बताई है वह किसी साउथ फिल्म की स्टोरी जैसी नजर आ रही है। आयुष गौड के मुंह पर लगे चंद खून के धब्बे देखकर ऐसा ढोल पीटा गया कि मानो उस पर कितना बडा प्राण घातक हमला किया हो जिससे उसकी सुरक्षा खतरे में पड गई हो। सवाल यह भी उठ गये थे कि जब आयुष गौड के साथ एक सुरक्षाकर्मी तैनात है तो जब उस पर हमला हुआ तो सुरक्षाकर्मी हमलावरों पर क्यों आक्रामक नहीं हुआ? आयुष गौड की फिल्मी कहानी का उस समय दी एंड हो गया जब पता चला कि आयुष गौड से पहले शास्त्री नगर सीमाद्वार बसंत विहार निवासी प्रत्यक्ष ध्यानी ने राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि आयुष गौड नामक व्यक्ति द्वारा उसके व उसकी साथी महिलाओं के साथ गाली गलौच, अभद्रता करने व छीटाकशी करते हुए पीछा करने के सम्बन्ध मंे बताया था कि 19/20 की रात्रि को एक व्यक्ति जिसका नाम आयुष गौड है वह उनके कैफे मंे आया था जहां पर उसने उसके साथ बहुत गाली-गलौच की लेकिन वह अपनी ड्यूटी के कारण चुप रहा जब वह और उसकी महिला साथी ड्यूटी खत्म करके अपने घर जा रहे थे तो वे चार दुकान के पास चाय पीने रूके तभी लगभग रात्रि डेढ बजे आयुष गौड अपनी गाडी में वहां आया और उसे अपने पास बुलाया और जैसे ही वह वहां गया तो आयुष गौड बहुत नशे में था तथा उसे गंदी-गंदी गालियां देने लगा और कहने लगा कि तुमने कैफे में मुझसे बिल कैसे मांग लिया तुम जानते नहीं कि मै कौन हूं। मैं आईपीएस अधिकारी हूं तुम्हें गोली मार दूंगा। प्र्रकाश ध्यानी ने शिकायत में यह भी लिखा कि आयुष गौड ने उसे कहा कि वह मुख्यमंत्री का सीएसओ है जब मैने उनसे गाली न देने के लिए कहा तो आयुष ने मेरी साथी लडकियों को भी गाली-गलौच करते हुए अभद्रता की और उन पर अश्लील फबतियां कसने लगा जब उन्होंने विरोध किया तो आयुष गौड ने सबको जान से मारने की धमकी देने लगा इस पर वहां से वह वहां से जाने लगे तो आयुष गौड अश्लील कमेंट करता रहा और उसका और लडकियों का पीछा करने लगा। रिपोर्ट मंे कहा गया कि रास्ते में उसने उनकी गाडियों को जबरदस्ती व लापरहवाही से ओवरटेक करने की कोशिश की जिससे उसकी गाडी डैमेज हो गई। प्रकाश ने शिकायत ने कहा कि आयुष गौड के इस हमले से वह और उसकी बेटी नीचे गिर गये और मुश्किल से जान बचाकर अपने घर पहुंचे लेकिन आयुष गौड हमें धमकी दी कि तुम सबके फोटो और गाडी के नम्बर उसके पास हैं वह उन्हें काम पर नहीं जाने देगा और उन्हें रास्ते से उठवा लेगा रिपोर्ट मंे कहा गया कि आयुष गौड अपनी गाडी यूपी16सीई-9299 पर सवार था। प्रकाश ध्यानी की इस शिकायत से आयुष गौड पर हुये फिल्मी हमले का सच बाहर आ गया अब देखने वाली बात है कि जो आयुष गौड अपने आपको आईपीएस अफसर और मुख्यमंत्री का सीएसओ बता रहा था क्या दून पुलिस उसकी सुरक्षा वापस लेने को लेकर कोई बडा कदम उठायेगी जिससे आयुष गौड को इस बात का इल्म हो सके कि अब उत्तराखण्ड में त्रिवेन्द्र सरकार नहीं है?

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