सीएम के तलख तेवरों से डकैत सलाखों के पीछे

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री ने शपथ ग्रहण के बाद से ही ऐलान किया था कि राज्य को अपराधमुक्त बनाना उनका संकल्प है और राज्य के अन्दर अपराधी अपराध न कर पायें ऐसा सुरक्षा चक्र सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को बनाने के लिए आदेश भी दिये थे। चंद दिन पूर्व उधमंिसहनगर में दो कत्ल और राजधानी में कैबिनेट मंत्री के भाई के डोईवाला स्थित आवास में परिवार के सदस्यों को बंधक बनाकर वहां हुई डकैती की घटना के बाद मुख्यमंत्री ने अपने तलख तेवर दिखाये और उन्होंने हत्यारों और डकैतों को पाताल से भी खोज निकालने का जब अल्टीमेटम दिया तो उसके बाद पुलिस महकमें में हडकम्प मच गया और दोनो जनपदों के पुलिस कप्तानों ने वारदात में शामिल अपराध करने वाले गुनाहगारों को सलाखों के पीछे पहुंचाने का ऑपरेशन शुरू किया जिसमें उधमसिंहनगर में स्टोन क्रेशर मालिक की हत्या में शामिल तीन लोगों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया वहीं कैबिनेट मंत्री के भाई के आवास में हुई डकैती की घटना में शामिल चार गुनाहगारों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया। इन वारदातों के खुलासे से एक बात तो साफ हो गई कि अगर पुलिस चाहे तो किसी भी अपराधी को वह चंद समय में ही पाताल से खोज सकती है क्योंकि जब इन वारदातों को लेकर मुख्यमंत्री ने अपने सख्त तेवर दिखाये तो उसके बाद वारदातों में शामिल गुनाहगार पुलिस की गिरफ्त में आ गये। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का साफ कहना है कि अपराधियों को उत्तराखण्ड में अपराध करने नहीं दिया जायेगा इसके लिए सरकार संकल्पबद्ध है।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के एक सारथी उत्तराखण्ड को सही दिशा में ले जाने के लिए एक बडी योजना के तहत काम कर रहे हैं और राज्य को भ्रष्टाचारियों, घोटालेबाजों और अपराधियों से बचाने के लिए मुख्यमंत्री को एक बडे विजन के तहत धरातल पर काम करने के लिए आगे किये हुये हैं। अपराधियों की नाक में नकेल किस तरह से डाली जाती है यह मुख्यमंत्री के एक सारथी अच्छी तरह से जानते हैं और यही कारण है कि जब उधमसिंहनगर में दो कत्ल हुये और डोईवाला में कैबिनेट मंत्री के भाई के आवास में दिन दहाडे डकैती की वारदात हुई तो उसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तलख तेवरों में सामने आये और उन्होंने उधमसिंहनगर व राजधानी के पुलिस कप्तानों को वारदातों में शामिल गुनाहगारों को पाताल से भी खोज निकालने का अल्टीमेटम दिया था। इस अल्टीमेटम का असर ऐसा देखने को मिला कि कुमांऊ और गढवाल रेंज के डीआईजी भी गुनाहगारों को सलाखों के पीछे पहुंचाने के ऑपरेशन में जनपद के पुलिस कप्तानों के साथ खडे हुये। उधमसिंहनगर पुलिस ने मुख्यमंत्री के सख्त रूख को भांपकर क्रेशर मालिक की हत्या में शामिल तीन गुनाहगारों को चंद दिनों के भीतर ही सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। वहीं तीन दिन पूर्व राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजधानी के पुलिस कप्तान को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया था कि डकैती में शामिल अपराधियों को पाताल से भी खोज निकालो। मुख्यमंत्री के इस रूख को भांपकर पुलिस महकमें की नींद उड गई थी और उसके बाद डकैती में शामिल गुनाहगारों को पकडने के लिए कुछ टीमों का गठन किया गया और उन्हें पश्चिमी उत्तर प्रदेश में डकैतों की तलाश में कुछ पुलिस टीमों को रवाना किया और इन टीमों की लगातार डकैतों के साथ आंख मिचौली चल रही है। इस डकैती की घटना में चार गुनाहगार महबूब, मुनव्वर, तहसीम, शमीम जरूर पुलिस के हाथ लगे हैं लेकिन वारदात को अंजाम देने वाले शातिरों की तलाश में अभी भी पुलिस टीमें मुजफ्फरनगर और दिल्ली की खाक छान रही है। ऐसे में कहा जा सकता है कि मुख्यमंत्री के तलख तेवरों का ही असर है कि पुलिस टीमों ने उन गुनाहगारों के चेहरे पता कर लिये थे जिन्होंने डकैती की वारदात को अंजाम दिया था और यह भी तय है कि आज नहीं तो कल डकैती की घटना में शामिल कुछ और शातिर जल्द सलाखों के पीछे होंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का संकल्प है कि उत्तराखण्ड को अपराधमुक्त राज्य बनाना उनका विजन है।

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