मोदी सखा के खिलाफ अपनों ने रची साजिश?

0
113

प्रमुख संवाददाता
देहरादून। देश में अब नई भाजपा का जन्म हो रखा है और देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह व भाजपा हाईकमान जेपी नड्डा सभी राज्यों में साफ छवि के नेताओं को मुख्यमंत्री की कमान सौंपकर उन्हें अपने राज्य को भ्रष्टाचारमुक्त करने का संदेश देकर उन्हें फ्रीहैंड सत्ता चलाने का आशीर्वाद दिये हुये हैं। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा चुनाव से पूर्व स्वच्छ और पारदर्शिता के साथ सरकार चलाकर जिस तरह से एक बार फिर राज्य में भाजपा को सरकार का तोहफा दिया उससे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने खटीमा से पुष्कर को एक साजिश के तहत चुनाव हरवाये जाने के बाद भी उन्हें फिर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन कर यह संदेश दे दिया था कि अब उनकी पार्टी में साजिश रचने वाले किसी भी राजनेता को सफल नहीं होने दिया जायेगा? मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जब चम्पावत से उपचुनाव लडा तो उन्होंने इस चुनाव में इतिहास रच दिया और कांग्रेस उम्मीदवार की जमानत तक जब्त करा दी। पुष्कर सिंह धामी की इस बडी जीत ने भाजपा के ही कुछ नेताओं की नींद उडाकर रख दी थी। पुष्कर सिंह धामी की स्वच्छ छवि के चलते देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें अपना सखा बनाकर राज्य को आदर्श राज्य बनाने के लिए फ्रीहैंड कर दिया लेकिन मोदी के सखा का उत्तराखण्ड में बढता रूतबा भाजपा के ही कुछ नेताओं को अखरने लगा और यही कारण है कि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के कार्यकाल में हुई भर्तियों को लेकर पुष्कर सिंह धामी को एक साजिश के तहत उन्हें अभिमन्यु बनाया जा रहा है? भाजपा के कुछ राजनेता इसलिए भी तडफ रहे हैं कि जिस तरह से राज्य में वर्षों से होते आ रहे भर्ती घोटालों की जांच उन्होंने एसटीएफ और विजिलेंस के हवाले की है उससे उन्हे यह भय सता रहा है कि कहीं इन भर्तियों के खुल रहे राज में उनके ऊपर भी कोई आंच न आ जाये इसी के चलते उत्तराखण्ड में राज्य की जनता के हृदय सम्राट बन चुके पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ भाजपा के ही कुछ नेता एक रणनीति के तहत उनके खिलाफ साजिशों का चक्रव्यूह रचकर उन्हें अस्थिर करने का सपना संजोय हुये हैं? हालांकि राजनीतिक जानकार मानते हैं कि प्रधानमंत्री, गृहमंत्री व भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यकाल में अगर भाजपा के किसी राजनेता ने अपनी ही सरकार के मुख्यमंत्री को अस्थिर करने की साजिश रची तो उसे इसके गम्भीर परिणाम भुगतने पड सकते हैं? पुष्कर सिंह धामी के एक साल के कार्यकाल में उन पर एक भी आरोप नहीं लगा लेकिन इसके बावजूद भी अगर उन्हें राजनीतिक पिच पर साजिश के कुछ बुकी उन्हें सत्ता से उखाडने का सपना देख रहे हैं तो मोदी राज मे ंउनका यह सपना एक सपना ही रह जायेगा?
उल्लेखनीय है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सिक्का देश में ही नहीं बल्कि समूचे संसार में चल रहा है और इसके पीछे उनकी स्वच्छ राजनीति ही मानी जा रही है। नरेन्द्र मोदी भ्रष्टाचार के खिलाफ हमेशा आगे खडे रहते हैं और उनका यह सपना है कि वह अपने कार्यकाल में देश को एक बार फिर सोने की चिडिया बनाने की दिशा में आगे ले जाये। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूर दृष्टि कितनी विशाल है इसका अंदाजा उस समय हो गया था जब उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को हटाकर खटीमा के पूर्व विधायक पुष्कर सिंह धामी को राज्य का नया मुख्यमंत्री बनाया तो भाजपा के सभी राजनेताओं से लेकर उत्तराखण्ड की जनता भी हैरान रह गई थी क्योंकि जिस पुष्कर सिंह धामी को भाजपा शासनकाल में कभी मंत्री तक नहीं बनाया गया उन्हें अगर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन किया गया तो वह देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ही दूर दृष्टि का परिणाम था। पुष्कर सिंह धामी ने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बताये मंत्र पर सत्ता चलाने के लिए अपने कदम आगे बढाये तो मात्र छह माह के भीतर ही राज्य की जनता उन्हें उत्तराखण्ड का भाग्यविधाता मानने लगी और उन्होंने देखा कि जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कभी भी उत्तराखण्ड के किसी पूर्व मुख्यमंत्री के कामों पर उनकी पीठ थपथपाने के लिए आगे नहीं आते थे उन्होंने जब पुष्कर सिंह धामी की भ्रष्टाचार के खिलाफ लडी जा रही रणनीति को देखा और परखा तो उन्होंने पुष्कर सिंह धामी को अपना सखा मान लिया और यही कारण है कि जब भी देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखण्ड की धरती पर अपने कदम रखे तो उन्होंने हमेशा खुले मंच से पुष्कर सिंह धामी की पीठ थपथपाई और उन्हे अपने ड्रीम प्रोजेक्टों को जल्द से जल्द पूरा करने का मिशन सौंपकर उन पर अपनी आस्था दिखाई। पुष्कर सिंह धामी अपनी दूसरी मुख्यमंत्री बनने की पारी को पारदर्शिता और स्वच्छता के साथ आगे बढा रहे हैं और उन्हीं का साहस है कि उन्होंने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में हुई भर्तियों में बडे घोटालों को देखते हुए उसकी जांच एसटीएफ और विजिलेंस से कराने के लिए अपने कदम आगे बढा रखे हैं। पुष्कर ंिसह धामी ने भ्रष्टाचार पर जिस तरह से बडा प्रहार किया है उसके चलते भाजपा के ही कुछ राजनेता उन्हें राजनीतिक पिच पर अभिमन्यु बनाकर उन्हें सत्ता से बेदखल करने का चक्रव्यूह रच रहे हैं जबकि यह समूचे भारत को पता है कि अब नई युग की भाजपा में साजिशकर्ताओं को किस तरह से निपटा जाता है यह किसी से छिपा नहीं है?

LEAVE A REPLY