भ्रष्टाचार पर सीएम का चलता चाबुक

0
120

देहरादून(संवाददता)। पुष्कर सिंह धामी राज्य के अन्दर ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन नहीं रह पायेंगे लेकिन जिस तरह से पुष्कर सिंह धामी ने आवाम के दिलों के अन्दर राज करना शुरू किया और भ्रष्टाचार पर उन्होंने बडा प्रहार करने के लिए अपने कदम आगे बढाये उससे तो राज्य में बडे-बडे भ्रष्टाचारियों और घोटालेबाजों की नींद उड गई थी। विधानसभा चुनाव से पूर्व काफी सफेदपोश और मीडिया के कुछ लोग यह प्रपंच रच रहे थे कि राज्य में कांग्रेस की सरकार सत्ता में आयेगी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का राजनीतिक भविष्य अंधकार में चला जायेगा। ऐसी सोच रखने वालों को उस समय मुंह की खानी पडी थी जब राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड में भाजपा को एक बार फिर सत्ता का सुख दे दिया लेकिन उन्हें साजिशकर्ताओं ने बडा षडयंत्र रचकर खटीमा में चुनाव हरवा दिया था।
पुष्कर सिंह धामी की हार का जश्न मनाने वाले कुछ सफेदपोशों और मीडिया के चंद लोगों के उस समय नींद उड गयी थी जब भाजपा हाईकमान ने उन्हें एक बार फिर उत्तराखण्ड का मुख्यमंत्री बनाकर उन पर अपना बडा विश्वास दिखा दिया था। मुख्यमंत्री के रूप में दूसरी बार पुष्कर सिंह धामी की ताजपोशी से वो षडयंत्रकारी बिलबिला गये जो उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में नहीं देखना चाहते थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दूसरी बार सत्ता संभालने के बाद भ्रष्टाचारियों पर बडा प्रहार करते हुए भ्रष्टाचार की हर दुकान पर ताला लगवा दिया जिसके चलते कुछ पूर्व मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में ट्रांसफर पोस्टिंग से लेकर खनन के पट्टे तक दिलाने वालों में खलबली मच गई कि अब पुष्कर राज में उनके भ्रष्टाचार का खेल खत्म हो गया है। यही कारण है कि जब प्रेमचंद अग्रवाल के कार्यकाल में हुई नियुक्तियों को लेकर सवाल खडे किये गये तो मीडिया के कुछ लोगों ने सरकार को अस्थिर करने का जो प्रपंच रचा वह किसी से छिपा नहीं रहा और उनके प्रपंच पर प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में हुई सभी नियुक्तियों की विधानसभा अध्यक्ष से जांच कराने के लिए पत्र लिख दिया और अब सम्भवतरू विधानसभा अध्यक्ष इन भर्तियों की जांच के लिए विधिक राय लेकर राज्य के अन्दर इतना बडा मास्टर स्ट्रोक खेल सकती हैं जिसकी कल्पना शायद उन चंद मीडियाकर्मियों को भी नहीं होगी जो प्रेमचंद अग्रवाल के कार्यकाल में हुई भर्तियों को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाना साधने की साजिश रचे हुये थे। अब सबकी नजरें विधानसभा अध्यक्ष द्वारा लिये जाने वाले फैसले पर टिकी हुई है कि वह इन भर्तियों को लेकर क्या रूख अपनायेंगी।

LEAVE A REPLY