सीएम के खिलाफ साजिश हुई बेनकाब?

0
116

देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड में शेर की तरह सत्ता चला रहे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इकबाल से गिद्डों की कुछ फौज उनके खिलाफ विधानसभा में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के कार्यकाल में हुई नियुक्तियों पर उनके खिलाफ एक साजिश रचने के लिए तेजी के साथ आगे आये और राज्य में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने का जो चक्रव्यूह रचा गया उसका सच सामने आ चुका है? उत्तराखण्ड में बैठे कुछ सफेदपोश और उनकी गोद में हमेशा झूलने वाले कुछ मीडियाकर्मियों को मुख्यमंत्री के स्वच्छ प्रशासन देने के एजेंडे से खलबली मची हुई है क्योंकि कुछ पूर्व मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में वह ट्रासफर पोस्टिंग से लेकर खनन के पट्टे और शराब का लाइसेंस कराने का जो खेल खेलते थे वह पुष्कर राज में बंद हो चुका है और यही कारण है कि सीएम के खिलाफ एक बडी साजिश रचने का जो गिद्डों के झुंड ने जो तांडव मचाया है उससे साफ झलक गया है कि पुष्कर सिंह धामी की जीरो टॉलरेंस सरकार के कदम से साजिशकर्ता भयभीत हो चुके हैं और उनकी दलाली का खेल जिस तरह से नेस्तनाबूत हो गया है उसी के चलते वह स्वच्छ और पारदर्शी के साथ सरकार चला रहे पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ समय-समय पर कोई न कोई साजिश का चक्रव्यूह रचकर उन्हें अस्थिर करने का तानाबाना बुनने से बाज नहीं आ रहे हैं?
गजब की बात है कि उत्तराखण्ड की जनता राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखण्ड का महानायक मान चुकी है और इस महानायक से राज्यवासियों को एक बडी उम्मीद है कि वह आने वाले समय में उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढते चले जायेंगे। पुष्कर सिंह धामी राज्य के अन्दर शेर की तरह सत्ता चला रहे हैं और वह भ्रष्टाचारी और दलाली की चासनी में डूबे लोगों को जिस तरह से अपने पास फटकने नहीं दे रहे हैं उसी से भ्रष्टाचारियों और दलालों की नींद उडी हुई है। विधानसभा चुनाव से पहले सत्ता की बागडोर संभालने वाले पुष्कर सिंह धामी ने जब देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बताये मंत्र पर सत्ता चलाने के लिए अपने कदम आगे बढाये और मोदी के विजन भ्रष्टाचारमुक्त देश को उत्तराखण्ड में धरातल पर उतारने के लिए उन्होंने भ्रष्टाचारियों और घोटालेबाजों के खिलाफ अपनी दहाड लगाई तो उससे भ्रष्टारियों और सरकार के आस-पास रहकर पूर्व में दलाली का खेल खेलने वालो ंकी नींद उड गई थी। विधानसभा चुनाव में पुष्कर सिंह धामी को भाजपा हाईकमान ने चुनावी रण में उन्हें आगे किया था और देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी उनके साथ चुनावी मैदान में विपक्ष को राज्य के अन्दर चित करने के लिए आगे आये थे तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को खटीमा में चुनाव हरवाने के लिए दिल्ली से लेकर उत्तराखण्ड में बैठे कुछ सफदेपोशों ने अपनी गोद में बैठने वाले कुछ मीडियाकर्मियों को आगे किया था और उन्होंने खटीमा में पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ जो पर्दे के पीछे रहकर षडयंत्र रचा उसका खेल भी बेनकाब हुआ था और जब वह चुनाव में हारे तो अपने सफेदपोश नेताओं की गोद में बैठने वाले चंद मीडियाकर्मियों ने पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री न बनने देने के लिए जो प्रपंच रचा वह किसी से छिपा नहीं रहा और यह दावे किये जाते रहे कि पुष्कर सिंह धामी राज्य के मुख्यमंत्री नहीं बन पायेंगे? हालांकि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा राष्ट्रीय अघ्यक्ष जेपी नड्डा ने उत्तराखण्ड में भाजपा की सरकार बनाने का रियल हीरो पुष्कर सिंह धामी को माना और उन्हें एक बार फिर मुख्यमंत्री की कमान सौंप दी थी। पुष्कर सिंह धामी को दुबारा मुख्यमंत्री देखकर साजिशकर्ताओं के पैरों तले जमीन खिसक गई और उन्हें इस बात का खतरा सता गया कि अब पुष्कर राज में उनका दलाली का खेल नहीं चल पायेगा? पुष्कर ंिसह धामी ने जब यूकेएसएसएससी में हुई भर्तियों में घोटाले को लेकर उसकी जांच एसटीएफ को सौंपी और एसटीएफ एक के बाद एक अब तक 31 गुनाहगारों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में कामयाब हुई तो उससे उत्तराखण्ड में बैठे चंद सफेदपोश और कुछ गिद्डों की फौज डर गई और उन्होंने मुख्यमंत्री के पारदर्शी रूप से उनकी उत्तराखण्ड से लेकर दिल्ली में हो रही वाहवाही से घबराकर विधानसभा में हुई पूर्व में भर्तियों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी के खिलाफ एक बडी साजिश रच दी और उत्तराखण्ड में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने का जो चक्रव्यूह रचकर मुख्यमंत्री को अभिमन्यु बनाने का प्रपंच रचा गया उसका खेल अब बेनकाब हो चुका है और इस खेल को खेलने वाले सभी षडयंत्रकारियो को बेनकाब करने का अब जो चाबुक चलेगा उसकी गूंज लम्बे समय तक उन गिद्डों की फौज को सुनाई देती रहेगी जिन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ बडी साजिश रचने का चक्रव्यूह रचा था?

LEAVE A REPLY