वर्ष 2०25 तक ड्रग्स फ्र ी देवभूमि का लक्ष्य करना है हासिल

0
135

देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड में नशा माफिया जिस तरह से युवा पीढी को अपने जाल में फंसाकर उन्हें मौत के दलदल में धकेलने का खेल खेलने में जुटे हुये हैं उस खेल के खिलाफ अब राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बडी जंग का ऐलान कर दिया है और अफसरों को साफ आदेश दिया है कि 2०25 तक देवभूमि नशामुक्त हो जाये इस दिशा में अफसर काम करें। इसके साथ ही उन्होंने दो सरकारी नशामुक्ती केन्द्र बनाने के लिए भी आदेश दिये। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संकल्प लिया है कि नशा माफियाओं की चेन को तोडने के लिए खुफिया विभाग को और मजबूत किया जाये और इस मिशन में पुलिस आबकारी व ड्रग कंट्रोलर मिलकर नशा माफियाओं के खिलाफ ऑपरेशन चलायें। युवा पीढी जिस तरह से नशे की गुलामी होती जा रही थी उसको लेकर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बेहद चिंतित नजर आ रहे थे और आखिरकार उपचुनाव जीतने के बाद उन्होंने उत्तराखण्ड को नशामुक्त बनाने की दिशा में राज्य की जनता के सामने जो संकल्प लिया है उसे धरातल पर सच साबित करने के लिए एंटी ड्रग्स टास्क फोर्स का भी गठन करने के आदेश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने जिस तरह से आज नशा तस्करों पर बडा प्रहार करने के लिए अफसरों को खुला अल्टीमेटम दिया है कि राज्य की रजत जयंती पर उत्तराखण्ड नशामुक्त हो जाये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2०25 तक ड्रग्स फ्री देवभूमि के लिए मिशन मोड में काम किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिये सभी संबंधित विभाग मिलकर काम करें। मुख्यमंत्री सचिवालय में नार्को कॉर्डिनेशन की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड को नशामुक्त करने के लिए सभी को जिम्मेदारी और समन्वय से कार्य करना है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2०25 तक ड्रग्स फ्री देवभूमि का लक्ष्य हासिल करना है। उन्होंने कहा कि एक ओर जहां ड्रग्स सप्लायर्स पर कड़ा प्रहार करना है, वही दूसरी ओर बच्चों और युवाओं को ड्रग्स की चपेट में आने से बचाना है। उन्होंने कहा कि ड्रग्स सप्लाई की चेन को तोडऩे के लिए पुलिस विभाग मुखबिर तंत्र को और मजबूत करे।
उन्होंने कहा कि ड्रग्स नेटवर्क को तोडने के लिए पुलिस, आबकारी व ड्रग्स कंट्रोलर मिलकर काम करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रग्स लेने वाले बच्चों और युवाओं की सही तरीके से काउंसलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कॉलेजो में एडमिशन के समय विशेष काउंसिल की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रग्स लेते हुए पकड़े जाने वाले बच्चों के साथ अपराधियों की तरह बर्ताव न करके उनके पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि कॉलेजों में पेरेंट्स टीचर्स मीटिंग नियमित रूप से की जाएं। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण व अन्य विभाग युवाओं की जागरूकता पर फोकस करें। उन्होंने कहा कि इसके लिये सोशल मीडिया व अन्य मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में दो सरकारी नशामुक्ति केंद्र बनाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होने के साथ स्किल डेवलपमेंट पर भी ध्यान दिया जाए। सभी संबंधित विभागों को लेते हुए एंटी ड्रग्स टास्क फोर्स को एक्टिव किया जाए। उन्होंने कहा कि निजी नशामुक्ति केंद्रों के लिए सख्त गाइडलाइन बनाकर उस पर फालोअप किया जाए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिये। उन्होंन कहा कि जिला स्तर पर डीएम भी लगातार मॉनिटरिंग करे। बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अशोक कुमार, प्रमुख सचिव एल फैनई, सचिव शैलेश बगोली, राधिका झा, डॉ पंकज कुमार पाण्डे, दीपेंद्र चौधरी, डीआईजी रिद्धिम अग्रवाल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

LEAVE A REPLY