पुष्कर की मुस्कराहट का कायल होता आवाम

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देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड में पिछली सरकार के मुखिया रहे त्रिवेन्द्र सिंह रावत के आवास में लगने वाले जनता दरबार में आवाम डरी-डरी नजर आती थी और जिस तरह से एक पूर्व शिक्षिका को त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अपने जनता दरबार में बेइज्जत किया था उसकी गूंज सोशल मीडिया पर गूंजती रही और उसी के चलते त्रिवेन्द्र सिंह रावत आवाम के दिलों पर राज करने के बजाए उनके निशाने पर आते रहे। अब उत्तराखण्ड में पुष्कर सिंह धामी सरकार सत्ता संभाले हुये है और उन्होने एक साल में जिस तरह से आवाम को संदेश दिया कि वह राज्य के मुख्यमंत्री नहीं बल्कि एक मुख्य सेवक हैं तो उसके बाद से ही आवाम को पुष्कर सिंह धामी में हंसता हुआ नूरानी चेहरा नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री आवास में स्थित मुख्य सेवक सदन में आने वाले हर फरियादों के पास जाकर जिस तरह से हसता हुआ चेहरा लेकर मिलते हैं उससे वहां अपनी फरियाद लेकर आने वाले फरियादियों का आधा गम मुख्यमंत्री का हसता हुआ चेहरा दूर कर देता है। आन्दोलनकारियों से लेकर आम आदमी का दर्द सुनकर उसका हल करने के लिए जिस तरह से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आगे आ रखे हैं वह इस ओर इशारा कर रहा है कि राज्य में उनकी सत्ता का युग लम्बे समय तक कोई नहीं हिला पायेगा।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक साल पहले जब सत्ता संभाली थी तो राज्य में किसी को इस बात का इल्म नहीं था कि पुष्कर सिंह धामी एक ऐसे राजनेता के रूप में उभर कर आगे आयेंगे जिन्हें राज्य की जनता अपना हृदय सम्राट मान लेगी। पुष्कर सिंह धामी ने सत्ता चलाने के लिए सबसे पहला काम अपनी किचन टीम में ऐसे चंद अफसरों के हवाले किया जो भ्रष्टाचार के नाम से ही नफरत करते हैं। पुष्कर सिंह धामी की टीम में अपर मुख्य सचिव अभिनव कुमार ईमानदारी और स्वच्छता के साथ अपने काम को अंजाम देने के लिए देशभर में पहचाने जाते हैं और यही कारण है कि वह मुख्यमंत्री के साथ राज्य को सही दिशा में आगे ले जाने के मिशन में तेजी के साथ बढते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक ऐसे राजनेता बन गये हैं जो हर समय सबके लिए उपलब्ध रहते हैं और उनसे मिलना आवाम के लिए ऐसे हो गया है जैसे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य की जनता के लिए ही बने हो। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सत्ता चलाने का पैमाना अपनी खुशमिजाजी बना रखा है जिसके चलते उनसे मिलने वाला हर व्यक्ति मुख्यमंत्री का हसता चेहरा देखकर अपना गम और पीडा भूल जाता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपना जनता दरबार का नाम भी मुख्य सेवक सदन रखा हुआ है और वह आवाम को साफ संदेश दे रहे हैं कि वह एक मुख्य सेवक के रूप में जनता की सेवा करने के लिए हैं और राज्य में कोई भी ऐसा व्यक्ति न दिखे जिसे अपनी पीडा के लिए इधर-उधर भटकना पडे। पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिलाधिकारियों को आदेश दे रखे हैं कि वह आवाम की समस्याओं को सुनकर उनको न्याय दिलाये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की हमेशा यही इच्छा रहती है कि वह मुख्य सेवक सदन में आने वाले हर फरियादियों की फरियाद को सुनकर उनका दुख दूर करें। मुख्यमंत्री के मुख्य सेवक सदन में आने के लिए कोई पहरा नहीं लगा हुआ है और यही कारण है कि राज्य की कुछ विपक्षी पार्टियों के नेता और राज्य आंदोलन में अह्म भूमिका निभाने वाले आंदोलनकारी अपनी फरियाद को लेकर सीधे मुख्यमंत्री से रूबरू होने के लिए उनके पास पहुंच जाते हैं। आज राज्य के अन्दर पुष्कर सिंह धामी को लेकर यह लाइने भी गाई जा रही हैं कि ”नजर को बदलो तो नजारे बदल जाते हैं, सोच को बदलो तो सितारे बदल जाते हैंÓÓ।। कश्तियां बदलने की जरूरत नहीं दिशाओं को बदलो तो किनारे खुद ब खुद बदल जाते हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने एक साल के कार्यकाल में जहां पर भी अपने कदम रखे वहीं उन्होंने मुस्कराते हुए अपना भाषण दिया और उसी के चलते राज्यवासियों को पुष्कर सिंह धामी में हसता नूरानी चेहरा नजर आने लगा है।

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