कावंड मंे दिखेगा धामी का शिवभक्ति प्रेम

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देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अन्दर चारधाम यात्रा को चलाने का जो जिगरा देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं ने देखा उससे यह बात उठी कि अगर सरकार का हाकिम इच्छाशक्ति से किसी काम को अंजाम तक पहुंचाने की ठान ले तो उस काम को बेहतरीन तरीके से अंजाम दिया जा सकता है। कोरोना की तीसरी लहर के खतरे ने चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के मन में एक बडा डर पैदा कर दिया था लेकिन इस डर को उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बडा साहस दिखाते हुए हवा-हवाई कर दिया था और साफ संदेश दिया था कि चारधाम यात्रा में आने वाले किसी भी श्रद्धालु का उत्तराखण्ड के बॉडर व चारधाम स्थल पर कोरोना टेस्ट नहीं किया जायेगा। मुख्यमंत्री के इस फैसला का कितना बडा असर रहा कि देश-विदेश के लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखण्ड पहुंच गये लेकिन पुष्कर सिंह धामी लाखों की भीड देखकर भी भयभीत नहीं हुये और उन्होंने जिस तरह सफल रणनीति के चलते चारधाम यात्रा को कराया उसी का परिणाम है कि देश-विदेश के श्रद्धालुओं के मन में पुष्कर सिंह धामी का इकबाल बुलंद दिखाई दे रहा है। वहीं पुष्कर सिंह धामी ने कावंड मेले को देखते हुए उसका मैनेेजमेंट अपने हाथों में लिया है और यह तय माना जा रहा है कि धामी के कावंड मैनेजमेंट से शिवभक्त गद्गद् हैं और वह कुंभ में आने वाली भीड का रिकार्ड कांवड यात्रा में तोडने के लिए अपने कदम उत्तराखण्ड की ओर बढायेंगे। पुष्कर सिंह धामी ने कांवड में आने वाले कांवडियों का सत्कार करने की भी योजना तैयार की है और उत्तर प्रदेश की भांति उत्तराखण्ड में भी सम्भवत: पुष्कर सिंह धामी कांवडियों पर हैलीकाप्टर से गुलाब की पंखडियों की बारिश कराकर उनका वैलकम करेंगे।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल में जिस तरह से चारधाम यात्रा को उन्होंने अलौकिक बनाया और देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं को वचन दिया था कि उत्तराखण्ड में श्रद्धालुओं को सुरक्षापूर्ण चारधाम यात्रा कराई जायेगी। पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं को जो वचन दिया उसी पर उन्होंने आगे बढकर काम किया और चारधाम मार्ग पर उन्होंने जिस तरह से मेडिकल टीमों को चप्पे-चप्पे पर तैनात किया और श्रद्धालुओं के लिए हर व्यवस्था को सरल बनाया उसी का परिणाम रहा कि देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं को कोरोना काल की तीसरी लहर का कोई खतरा ही नहीं लगा और वह पुष्कर सिंह धामी के दिये गये वचन पर भरोसा कर उत्तराखण्ड चारधाम यात्रा करने के लिए घरों से निकल पडे थे। उत्तराखंड सरकार के लिए इस बार चार धाम यात्रा किसी चुनौती से कम नहीं है मानसून आने के बाद भले ही चार धाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आ गई हो लेकिन अब सबसे बड़ी चुनौती सरकार और प्रशासन के सामने कावड़ यात्रा की है राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की माने तो हिमाचल प्रदेश उत्तर प्रदेश पंजाब बिहार और दिल्ली के पुलिस अधिकारियों से जो तालमेल उत्तराखंड पुलिस का बैठा है उसके बाद यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस बार की कावड़ यात्रा कुंभ मेले का रिकॉर्ड तोड़ सकती है एक आंकड़ों के मुताबिक इस बार 12 जुलाई से शुरू होने वाली कावड़ यात्रा में लगभग 4 करोड श्रद्धालु गंगा स्नान और जल भरने के लिए आ सकते हैं ऐसे में सरकार के माथे पर बल है और पुलिस प्रशासन तमाम राज्यों के पुलिस अधिकारियों से मिलकर तैयारियों को अमली जामा पहनाने के लिए कमर कस रहा है चंद दिनों की बात है जब एक बार फिर से उत्तराखंड के ऋषिकेश हरिद्वार या यूं कहें पूरा गढ़वाल भक्तों की आमद से भरा दिखाई देगा।

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