देहरादून(संवाददाता)।उत्तराखण्ड के युवा मुख्यमंत्री विधायक रहते हुए एक अनजान चेहरा दिखाई देते थे और किसी को भी इस बात का इल्म नहीं हुआ कि खटीमा में भी एक ऐसा विधायक है जिसे भाजपा सरकार ने कभी मंत्री बनाने के लिए भी अपने कदम आगे नहीं बढाये लेकिन खटीमा में इस अनजान चेहरे की चमक को जब देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देखा तो उन्होंने मात्र छह माह के लिए पुष्कर सिंह धामी की राजनीतिक अग्निपरीक्षा लेने के लिए उन्हें राज्य का मुख्यमंत्री बनाकर राज्य में एक बार फिर भाजपा सरकार की सत्ता में वापसी का मुश्किल टास्क सौंपा क्योंकि साढे चार साल भाजपा सरकार के कार्यकाल से राज्य की जनता त्राहिमान हो चुकी थी लेकिन पुष्कर सिंह धामी राजनीति के इतने बडे धुरंदर निकले कि उन्होंने इन छह माह में ही राज्य की जनता को अपना बना लिया और उसी का परिणाम रहा कि भाजपा की सत्ता में फिर वापसी हुई और दस माह के कार्यकाल में मुख्यमंत्री खुशमिजाजी से सत्ता चलाते हुए नजर आये और इस कार्यकाल में आवाम को उनमें जरा सा भी अहंकार नजर नहीं आया। गजब बात तो यह है कि पुष्कर बच्चों के भी प्यारे बन गये और बच्चों ने जिस तरह से हमारा नेता कैसा हो पुष्कर धामी जैसा हो के अगर नारे लगाये हैं तो उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जो नन्हें पैर अभी ठीक से संभले ही है अगर वह भी पुष्कर सिंह धामी को अपना राजनेता मानकर उनके नारे लगा रहे हैं तो यह साफ है कि पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड के अन्दर एक युगपुरूष के पायदान पर आकर खडे हो गये हैं।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखण्ड के इतिहास में अधिकांश पूर्व मुख्यमंत्रियों ने अपना कार्यकाल अहंकार में बिताया और यही कारण रहा कि जब उनके हाथों से सत्ता छीन गई तो फिर उन्हें कभी भी मुख्यमंत्री की कुर्सी नसीब नहीं हुई। पुष्कर सिंह धामी को जहां भाजपा सरकार ने दो बार अपनी सरकार में मंत्री तक नहीं बनाया उस पुष्कर सिंह धामी पर जब देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्वास जताकर उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंपी तो उन्होंने तो राज्य की जनता में ऐसा जादू कर दिया कि हर तरफ पुष्कर सिंह धामी, पुष्कर सिंह धामी ही गंूज रहा है। पहाडों में महिला शक्ति ने जिस तरह से पुष्कर सिंह धामी पर एक बडा विश्वास दिखाकर उन्हेें एक बार फिर राज्य में सत्ता का तोहफा दिया है उससे नारी शक्ति को पहाडों में पहाड की जिंदगी से मुक्ति दिलाने की दिशा में पुष्कर सिंह धामी ने जिस तरह से एक बडे विजन के तहत काम करना शुरू किया है उससे पहाड की महिलाओं को इक्कीस साल बाद एक आशा की किरण दिखाई दे रही है कि जिन समस्याओं को लेकर वह हर सरकार में अपने आपको उपेक्षित महसूस करती थी वह समस्यायें अब पुष्कर सरकार में जल्द खत्म होने की कगार पर दिखाई देगी। नारी शक्ति जहां पुष्कर सिंह धामी पर एक बडा विश्वास दिखा रही हैं वहीं एक समारोह की वीडियो में एक बच्चा माइक लेकर यह बोलता हुआ दिखाई दे रहा है कि हमारा नेता कैसा हो पुष्कर सिंह धामी जैसा हो। बच्चा अगर माइक पर पुष्कर सिंह धामी के नारे लगा रहा है तो उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पुष्कर सिंह बच्चों के भी प्यारे हैं जिन्हें बच्चे अपना नेता मान रहे हैं और उन्हें शायद इस बात का आभास हो गया है कि अगर पुष्कर सिंह धामी के हाथों में ही उत्तराखण्ड की सत्ता रही तो उनका भविष्य भी सितारों की तरह झिलमिलाता रहेगा।
