चारधाम यात्रा पर धामी उतर रहे खरे

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देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ऐसे मुख्य सेवक बन गये हैं जो शेर की तरह चारधाम यात्रा को सुखद बनाने के मिशन में रात-दिन एक किये हुये हैं। हैरानी वाली बात है कि जैसे ही चारधाम यात्रा शुरू होने वाली थी तभी कोरोना की तीसरी लहर का खतरा मंडराने लगा तो स्वास्थ्य मंत्री ने ऐलान कर दिया था कि बॉडर पर सभी श्रद्धालुओं का कोरोना टेस्ट कराकर ही उन्हें चारधाम यात्रा में प्रवेश करने दिया जायेगा लेकिन राज्य के मुख्य सेवक को आभास हुआ कि इस आदेश से चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में फिर कमी आयेगी और उससे चारधाम यात्रा मार्ग पर व्यापार करने वाले व्यापारियों के सामने एक बार फिर रोजी-रोटी का संकट आकर खडा हो जायेगा जिसके चलते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा को बिना किसी डर के शुरू कराने का साहस दिखाया और कोरोना टेस्ट पर उन्होंने सीधे बैन लगा दिया इसी का परिणाम था कि देश-विदेश से चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड आया और उनके मन में तिनकाभर भी कोरोना का डर देखने को नहीं मिला। उत्तराखण्ड के इतिहास में पहली बार चारधाम यात्रा का नजारा देखते ही बन रहा है और इसके पीछे जो कारण हैं वह मुख्य सेवक पर लाखों श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास ही है जिसके चलते वह चारधाम यात्रा पर बिना किसी भय के आगे बढते आ रहे हैं और चारधाम यात्रा का नजारा जिस तरह से अद्भुत नजर आ रहा है उससे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी यह इल्म जरूर हो गया होगा कि उत्तराखण्ड का मुख्य सेवक चारधाम यात्रा को सकुशल कराने के लिए किस तरह से रात-दिन एक किये हुये हैं जिससे चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं का कारवां रूकने का नाम ही नहीं ले रहा।
उत्तराखण्ड में कोरोना काल के चलते दो वर्षों से चारधाम यात्रा पर ब्रेक लगा हुआ था और उसके चलते चारधाम मार्ग पर व्यापार करने वाले व्यापारियों के सामने अपने परिवार और अपने स्टाफ को पालने का एक बडा संकट आकर खडा हो गया था और वह इस वर्ष यही दुआ मांग रहे थे कि इस बार चारधाम यात्रा में कोरोना का कोई डर फिर उनके व्यापार पर ग्रहण न लगा दे। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भी चाहत थी कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालु आयें और वह बाबा केदारनाथ से लेकर सभी धामों में भगवान के दर्शन करें। प्रधानमंत्री के इस इच्छा को देख पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा की शुरूआत से पहले ही व्यापक स्तर पर अपनी किचन टीम के साथ चारधाम की तैयारियों को लेकर बडा खाका तैयार कर लिया था लेकिन चारधाम यात्रा की शुरूआत से चंद दिन पूर्व एकाएक कोरोना की तीसरी लहर का खतरा मंडराने लगा तो राज्य के स्वास्थ्य मंत्री धनसिंह रावत ने ऐलान कर दिया कि चारधाम यात्रा में आने वाले सभी श्रद्धालुओं का बोर्डर पर कोरोना टेस्ट कराया जायेगा। स्वास्थ्य मंत्री के इस फैसले ने जहां श्रद्धालुओं की नींद उडा दी वहीं चारधाम मार्ग पर व्यापार करने वाले व्यापारियों में एक बडी मायूसी दिखाई दे गई कि उन्होंने जिस तरह से श्रद्धालुओं के होटल, धर्मशाला, टैक्सियां बुक करा रखी हैं वह अब स्वास्थ्य मंत्री के आदेश के बाद कहीं कैसिल होनी शुरू न हो जायें। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी किचन टीम के साथ जब कोरोना टेस्ट को लेकर मंथन किया तो उसके बाद मुख्य सेवक ने स्वास्थ्य मंत्री के आदेश पर ब्रेक लगा दिया और कहा कि चारधाम मार्ग पर आने वाले किसी भी श्रद्धालु को कोरोना टेस्ट से होकर नहीं गुजरना पडेगा। मुख्यमंत्री के इस फैसले से जहां देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं के मन में पुष्कर ंिसह धामी के इस बडे फैसले से विश्वास बढा वहीं चारधाम मार्ग में व्यापार करने वाले व्यापारियों के चेहरे यह सोचकर खिलखिला गये कि दो साल से बंद पडी चारधाम यात्रा के कारण उन्हें हुये नुकसान का अब दंश नहीं झेलना पडेगा। शेर की तरह जिस तरह से राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा को अभूतपूर्व बनाने के लिए श्रद्धालुओं को चारधाम यात्रा में उनकी सुरक्षा का भरोसा दिलाया उसी का परिणाम हुआ कि देश विदेश के लाखों श्रद्धालुओं के मन मे इस बात का तिनकाभर भी भय नहीं रहा कि यात्रा में लाखों की भीड में उन्हें कोरोना के कहर से सामना न करना पडे? मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम मार्ग में पीने के पानी से लेकर खाने के सामान तक की जहां व्यवस्था करवाई वहीं मेडिकल टीमों को भी चारधाम मार्ग में इसलिए तैनात किया गया कि अगर किसी भी श्रद्धालु को कोई बीमारी का सामना करना पडे तो उसका वहीं बेहतर इलाज हो सके। मुख्यमंत्री ने यह भी संदेश दिया था कि अगर चारधाम मार्ग में किसी ने श्रद्धालुओं को मिलावटी सामान बेचने का दुसाहस किया तो उसके खिलाफ इतनी बडी कार्यवाही अमल में लाई जायेगी कि उन्होंने इसकी कल्पना भी नहीं की होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बिना किसी भय के जिस तरह से चारधाम यात्रा को इस बार एतिहासिक बनाने के लिए खुद आगे आकर कमान अपने हाथों में सौंपी तो उसी का परिणाम है कि चारधाम मार्ग में यात्रा करने वाले किसी भी श्रद्धालु ने पूर्व की भांति सरकार पर यह आरोप नहीं लगाया कि यात्रा मार्ग पर उन्हें कोई कठिनाई हुई और न ही किसी श्रद्धालु ने इस बात की शिकायत की कि मंदिर में दर्शन करने के दौरान उन्हें किसी असुविधा का सामना करना पडा। चारधाम यात्रा को एतिहासिक बनाकर पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दिल जीत लिया है।

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