सीएम ने संभाले रखा मोर्चा

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संवाददाता
देहरादून। उत्तरकाशी के यमुनोत्री राजमार्ग पर डामटा के पास बीते रोज हुये बस हादसे में 26 लोगों की मौत का मंजर देख उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का दिल भी दहल गया और इस हादसे के बाद उन्होंने जिस तरह से घायलों को बेहतर उपचार देने और खाई में मृतकों को बाहर निकालने के लिए खुद मोर्चा संभाला उसको देखते हुए साफ झलक रहा था कि राज्य के मुख्यमंत्री के मन में कितना बडा दर्द छलक रहा था कि चारधाम पर आने वाले श्रद्धालुओं की बस हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। आपदा प्रबंधन कार्यालय में मुख्यमंत्री ने रात्रि में ही खुद मोर्चा संभालते हुए देश के प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से फोन पर बातचीत कर उन्हें भरोसा दिलाया कि वह खुद इस हादसे से आहत हैं और वह व उनकी समूची टीम बचाव व राहत कार्य में लगी हुई है। मुख्यमंत्री को भले ही बस चालक ने बताया कि स्टेयरिंग फेल होने के कारण बस खाई में जा गिरी लेकिन राज्य के मुख्यमंत्री ने 26 मौतों का सच पता लगाने के लिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिये हैं और मृतकों को एक-एक लाख और घायलों को पचास-पचास हजार रूपये देने की घोषणा की है।
बीते रोज यमुनोत्री राजमार्ग पर डामटा के पास बस हादसे में 26 लोगों की दर्दनाक मौत की खबर जैसे ही राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लगी तो उन्होंने आनन-फानन में आपदा प्रबन्धन कार्यालय में पहुंचकर बचाव व राहत कार्य के लिए खुद मोर्चा संभाला और पुलिस, एसडीआरएफ व परिवहन विभाग के अफसरों को मौके पर रवाना किया। पुष्कर सिंह धामी ने कंट्रोल रूम में बैठकर खुद एसडीआरएफ को आदेशित किया कि वह तत्काल मौके पर पहुंचकर घायलों को इलाज के लिए भिजवाये और सभी मृतकों को खाई से निकालने का ऑपरेशन चलाया जाये। पुलिस व एसडीआरएफ ने रात्रि ढाई बजे तक अपना रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और सभी मृतकों को बॉडी बैग के माध्यम से मुख्य मार्ग तक पहुंचाया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन की मॉनिटिरिंग करने के लिए खुद उत्तरकाशी के डीएम अभिषेक रूहेला और पुलिस अधीक्षक अर्पण यधुवंशी मौके पर डेरा डाले हुये थे। इस भीषण हादसे की खबर से देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने तत्काल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात कर रेस्क्यू ऑपरेशन को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कहा था और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने भी राज्य के मुख्यमंत्री से कई बार फोन पर बात की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस हादसे को लेकर काफी आहत दिखाई दिये और उनका कहना था कि यह बस तीस लोगों को लेकर जा रही थी और बस के ड्राइवर ने बताया कि बस का स्टेरिंग फेल हो गया था लेकिन इसके बावजूद भी उन्होंने इस हादसे की मजिस्ट्रियल जंाच के आदेश दिये हैं क्योंकि चारधाम यात्रा में लगातार लोगों की सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर है और श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम बनाने के लिए उन्होंने रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था कर रखी है उसके बावजूद भी यह घटना हुई यह बहुत दुखद है और इस दुर्घटना में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी लगातार इसको स्वयं व्यक्तिगत रूप से लिया है और गृहमंत्री ने भी लिया है और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कई बार दूरभाष पर उनसे बातचीत की और आज सुबह वह दून पहुंचे और वह सीधे कंट्रोल रूम गये और उसके बाद उन्होंने अस्पताल में जाकर घायलों को देखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता है कि सभी मृतकों के पार्थिक शरीर उनके घर तक पहुंच जायें उसके लिए हम कोशिश कर रहे हैं कि जल्द से जल्द जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर सारी ऑपचारिकतायें पूरी करा दें और सभी पार्थिक शरीर को उनके घर तक पहुंचायें। इस बडे दर्दनाक हादसे के बाद राज्य के मुख्यमंत्री लगातार खुद ही जिस तरह से मोर्चे पर डटे हुये थे उससे साफ झलक रहा था कि वह चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए किस तरह से रात-दिन एक किये हुये हैं जिससे कि बाहर से आने वाले किसी श्रद्धालु के सामने जीवन मरण का संकट न खडा हो सके।

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