भ्रष्टाचार का अंत करके ही बनेगा नया उत्तराखण्ड

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में इक्कीस सालों से राज्य की जनता भ्रष्टाचार का जहरीला घूट पीने के लिए मजबूर होती रही लेकिन किसी भी पूर्व मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार पर प्रहार करने के लिए कोई कदम नहीं उठाये। किसी पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने आंगन में पलने वाले चंद बडे-बडे भ्रष्टाचारियों के भ्रष्टाचार को नजर अंदाज कर आवाम की भावनाओं को सत्ता के घमंड में रौंद दिया तो किसी पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने ही आंगन में पल रहे अपनों को भ्रष्टाचार करने की खुली छूट दी और जब इस भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए कुछ चेहरे सामने आये तो उन्हें एक दो पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने सत्ता के अंहकार में उन्हें जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाकर राज्य में तालिबान की सत्ता की याद उत्तराखण्ड में ताजा कर दी थी और जब चंद पूर्व मुख्यमंत्रियों के अहंकार और घमंड को राज्य की जनता ने अपने हौसलों से उन्हें आईना दिखाकर उनके खिलाफ बगावत का बिगुल बजाना शुरू किया तो चंद पूर्व मुख्यमंत्रियों की सत्ता ही चली गई। अब उत्तराखण्ड की जनता ने इक्कीस साल से चले आ रहे सत्ता में वापसी के मिथक को इस विधानसभा चुनाव में जिस तरह से चूर-चूर किया है और युवा नेतृत्व पुष्कर सिंह धामी में एक बडी आस्था दिखाते हुए समूचे राज्य में कमल खिलाने और चम्पावत में पुष्कर सिंह धामी को एतिहासिक जीत का ताज पहनाने वाली जनता के मन में बस एक ही सवाल तैर रहा है कि नये उत्तराखण्ड का जन्म तभी होगा जब राज्य में फैले भ्रष्टाचार का अंत मुख्यमंत्री खुद आगे आकर करेंगे और भ्रष्टाचार पर प्रहार करते समय मुख्यमंत्री को इंसाफ का तराजू अपने हाथ में रखते हुए हर उस भ्रष्टाचारी को बेनकाब करना पडेगा जो चंद समय में ही भ्रष्टाचार का खुला खेल खेलकर अकूत सम्पत्ति के मालिक बन चुके हैं और यह भ्रष्टाचार सिर्फ विजिलेंस बेनकाब कर पायेगी यह संभव नहीं है इसलिए मुख्यमंत्री को ऐसा प्लान तैयार करना पडेगा जिससे हर भ्रष्टाचारी की बेनामी सम्पत्ति का सारा लेखा जोखा चंद समय के भीतर ही सरकार के पास आ जाये और उसके बाद उत्तराखण्ड के मुख्य सेवक उन पर ऐसा प्रहार करें जिससे देशभर में संदेश जाये कि अब उत्तराखण्ड बदल चुका है। आवाम ने पुष्कर सिंह धामी को पांच साल के लिए सत्ता का तोहफा दिया है और अब पुष्कर सिंह धामी आवाम को कैसे रिटन गिफ्ट देंगे इस पर समूचे राज्य की नजरें टिकी हुई हैं।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पूरा भरोसा है कि वह उत्तराखण्ड को एक आदर्श राज्य बनायेंगे। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने आठ साल के कार्यकाल में जिस तरह से भ्रष्टाचार पर बडा प्रहार करने के लिए अपने कदम आगे बढाये हैं उससे वह देश में युग पुरूष माने जा रहे हैं और अब इस युग पुरूष ने जिस तरह से पुष्कर सिंह धामी को अपना सखा मानकर उन्हें स्वच्छता के साथ सरकार चलाने का अभेद आशीर्वाद दिया हुआ है उस पर पुष्कर सिंह धामी दस माह के भीतर शत-प्रतिशत खरे उतरते हुए नजर आये हैं और यही कारण है कि जब चम्पावत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एतिहासिक जीत दर्ज की तो उसके बाद देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट कर पुष्कर सिंह धामी को आशीर्वाद तो दिया ही साथ में उत्तराखण्ड की जनता का भी धन्यवाद किया। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से समूचा देश इसलिए उन्हें युग पुरूष मान रहा है क्योंकि वह भ्रष्टाचार करने वालों को कभी भी बक्शने के लिए तैयार नहीं होते। उत्तराखण्ड में इक्कीस साल के भीतर कांग्रेस व भजपा ने सत्ता पर राज किया लेकिन किसी भी पूर्व मुख्यमंत्री के कार्यकाल में भ्रष्टाचार का अंत करने के लिए राज्य के किसी भी पूर्व मुख्यमंत्री ने कोई बडा एक्शन किया हो ऐसा देखने तक को नहीं मिला। यही कारण है कि उत्तराखण्ड की जनता ने कभी भी किसी राजनीतिक दल को पांच साल के बाद दुबारा सत्ता नहीं सौंपी लेकिन छह माह के लिए मुख्यमंत्री बनाये गये पुष्कर सिंह धामी ने अपने कार्यकाल में सत्ता चलाने के लिए पारदर्शिता व स्वच्छता दिखाई उसी के चलते पुष्कर सिंह धामी ने आवाम का दिल जीत लिया और इक्कीस सालों से चले आ रहे सभी मिथक को तोडते हुए एक बार फिर राज्य में भाजपा को प्रचंड बहुमत की सरकार सौंप दी। चम्पावत में हुये उपचुनाव में जिस तरह से पुष्कर सिंह धामी पर एक बडा विश्वास दिखाकर वहां की जनता ने उन्हें एतिहासिक जीत दिलाई उससे भाजपा समूचे राज्य में जश्न मना रही है लेकिन अब सबसे बडा सवाल यही खडा हो रहा है कि नये उत्तराखण्ड का जन्म तभी सम्भव होगा जब राज्य में भ्रष्टाचार कर रहे काफी सफेदपोश और अनगिनत अफसरों पर पुष्कर सिंह धामी का सख्त एक्शन देखने को मिलेगा? उत्तराखण्ड में दर्जनों सफेदपोश ऐसे हैं जिन्होंने अपनी सरकार आने के बाद तेजी के साथ जिस तरह बडे-बडे भ्रष्टाचार कर बेनामी सम्पत्तियों का अकूत किला खडा किया वह किसी से छुपा भी नहीं है और काफी अफसर ऐसे हैं जिनके पास अपार सम्पत्तियां हैं लेकिन राज्य की विजिलेंस सिर्फ उन्हीं पर अपना शिकंजा कसने के लिए आगे आती है जिनके खिलाफ कोई शिकायत करता है। सवाल यह है कि सफेदपोशों और दर्जनों अफसरों के पास जो बेनामी सम्पत्तियों का किला खडा हुआ है उसके दस्तावेज एक आम इंसान कहां से लाकर विजिलेंस को देगा जिसके बाद विजिलेंस उसकी जांच पडताल कर कार्यवाही करने का दम दिखायेंगी? मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से राज्य की जनता को एक बडी उम्मीद है कि वह अपने शासनकाल में भ्रष्टाचार के रावण का अंत करेंगे। आवाम के मन में बस एक ही सवाल है कि जिस तरह से न्याय के मन्दिर में न्यायधीश इंसाफ के तराजू का पलडा भारी रखते हैं उसी तरह का इंसाफ मुख्यमंत्री भी करें और भ्रष्टाचार करने वाला चाहे कोई भी हो उस पर कार्यवाही करते हुए वह आगे बढे तो उससे उत्तराखण्ड के अन्दर उनका कद भी एक युग पुरूष की तरह बुलंद होगा क्योंकि राज्य की जनता इक्कीस सालों से भ्रष्टाचार के रावण का अंत देखने के लिए टकटकी लगाये बैठी है।

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