चम्पावत(संवाददाता)। उपचुनाव में आज समूचा चम्पावत पुष्करमय हो गया और सभी मतदान स्थलों पर जिस तरह से जनसैलाब उमडा हुआ था उसे देखकर हर कोई यही कहने से नहीं चूक रहा था कि तीन जून को ईवीएम से फूलों की लडियां ही लडियां निकलेंगी और उत्तराखण्ड के इतिहास में पहली बार ऐसा उपचुनाव होगा जिसमें मुख्यमंत्री का सामना मुख्यमंत्री से ही हुआ हो। इस चुनाव में जीत का ढोल पीटने वाली कांग्रेस का समूचे चम्पावत में कहीं नामो निशान ही देखने को मिला और मुस्लिम भी जिस तरह से पुष्कर सिंह धामी के गले लगकर उन्हें अपने भाग्यविधाता मानकर मतदान स्थल पर मत डालने के लिए आगे आये उससे साफ झलक गया कि पुष्कर सिंह धामी सर्वोपरि नेता हैं। इस उपचुनाव में एक विकलांग व्यक्ति के मन में मतदान करने का इतना बडा जोश देखने को मिला कि वह मतदान स्थल पर व्हील चेयर के सहारे अपने परिवार के साथ वहां पहुंचा। पुष्कर सिंह धामी और उनकी पत्नी गीता धामी ने वहां का जायजा लिया और गीता धामी के साथ जिस तरह से महिला शक्ति का आशीर्वाद खुलकर देखने को मिला उससे साफ नजर आ गया कि चम्पावत ने पुष्कर की जीत को एतिहासिक बनाने के लिए अपना फैसला दे दिया है।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आज चम्पावत में उपचुनाव हो रहा है और इस चुनाव में पोलिंग बूथों पर जिस तरह से पुरूष, महिलायें और नये युवा मतदाता मतदान करने के लिए उमडे उससे साफ नजर आ गया कि समूचा चम्पावत पुष्करमय हो गया है। पुष्कर सिंह धामी सुबह ही पूर्व विधायक कैलाश गहतोडी के साथ मतदान स्थलों का जायजा लेने पहुंचे और उन्होंने पोलिंग बूथों पर मतदाताओं को वोट देने की अपील की। सुबह पुष्कर सिंह धामी ने अपनी पत्नी गीता धामी के साथ पोलिंग बूथों पर पहुंचकर सबको मतदान करने की अपील की। जहां-जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनकी पत्नी मतदान स्थलों पर पहुंच रही थी वहां आवाम का हुजूम उन्हें अपने बीच में पाकर बेहद प्रसन्न हो रहा था। गीता धामी ने जिस तरह से नारी शक्ति ने मतदान करने के लिए एक बडा जोश भरा था उसी का परिणाम था कि सुबह से ही महिलाओं का हुजूम मतदान स्थलों पर लगने लगा था और पुष्कर सिंह धामी को देखकर मुस्लिम समाज की महिलाओं और पुरूषों ने उन्हें मतदान स्थल पर अपना अभेद आशीर्वाद दिया उसे देखकर साफ दिखाई दे गया कि राज्य के मुख्य सेवक बने पुष्कर सिंह धामी किस तरह से सभी धर्मों के लोगों का दिल जीतकर उन्हें अपना बना चुके हैं। चुनाव परिणाम भले ही तीन जून को आयेंगे लेकिन जिस तरह से समूचा चम्पावत पुष्करमय हो गया उससे पुष्कर सिंह धामी और गीता धामी भी गद्गद् नजर आये।
