खटीमा में पुष्कर को हराने की रची थी साजिश?

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चम्पावत/देहरादून। 2०22 के विधानसभा चुनाव से पूर्व मीडिया का एक संगठित 35ह्नद्ब आवाम में यही भ्रम फैला रहा था कि अगर राज्य में भाजपा की सत्ता आई तो पुष्कर ंिसह धामी को मुख्यमंत्री नहीं बनाया जायेगा और भाजपा का एक बडे राजनेता की मुख्यमंत्री के रूप में ताजपोशी होगी? खटीमा में जिस तरह से मीडिया के संगठित ग्रुप ने पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ पर्दे के पीछे से एक साजिश का खेल इसलिए खेला था कि उनका एक करीबी राजनेता मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन हो जाये और यही कारण था कि खटीमा में भीतरघात के चलते पुष्कर सिंह धामी को चुनाव हरवा दिया गया और उसके बाद से ही यह बहस चली थी कि साजिश के तहत धामी को चुनाव हराया गया। बीते रोज योगी आदित्यनाथ के एक बयान ने इस आशंका को जिस तरह से प्रबल किया है उससे फिर तूफान मच गया है कि आखिर वह कौन नेता था जो पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री नहीं बनने देने के लिए बडा खेल खेल गया था?
उत्तराखंड में हुए बीते दिनों विधानसभा चुनावों में क्या बीजेपी मैं भीतरघात हुआ था ऐसी सूचनाएं और ऐसी चर्चाएं तब सामने आई जब बीजेपी के कुछ विधायक हारे और उन्होंने संगठन के लोगों पर आरोप लगाए कि उन्हें जानबूझकर हरवाया गया है इतना ही नहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खटीमा से हारने के बाद भी यह चर्चा तेज हो गई थी लेकिन एक बार फिर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के टनकपुर दौरे के बाद कुछ ऐसा हुआ जिसके बाद कोई भी सोचने पर मजबूर हो जाएगा कि क्या हकीकत में बीजेपी के ही कुछ लोगों ने चुनाव के दौरान कुछ ऐसा किया जिसका खामियाजा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भुगतना पड़ा है। हुआ कुछ ऐसा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज टनकपुर में रोड शो करने के बाद जनसभा को संबोधित करने के लिए पहुंचे हुए थे बारी-बारी ने से सभी नेताओं ने अपना अपना संबोधन दिया अंत में योगी आदित्यनाथ की बारी थी योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में शुरुआत में मंच पर बैठे और मंच के सामने बैठे तमाम बीजेपी नेताओं का स्वागत किया और अपने भाषण की शुरुआत की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने शुरुआती भाषाओं के शब्द में यह कहा कि पहले विधानसभा चुनावों में उनका कार्यक्रम उनकी रैली खटीमा में होनी थी और यह कार्यक्रम तय भी हो गया था लेकिन अचानक उनके कार्यक्रम को बदल दिया गया योगी आदित्यनाथ का यह कहना यह बताता है कि आखिरकार वह कौन व्यक्ति थे जिन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विधानसभा से योगी आदित्यनाथ का कार्यक्रम भी हटा दिया योगी आदित्यनाथ को जैसे ही लगा कि उन्होंने कुछ ऐसा बोल दिया है तो संगठन के लिए या बीजेपी के लिए सही नहीं है लिहाजा उन्होंने अपने बयान को एक बार फिर से साधने की कोशिश की आगे उन्होंने कहा कि शायद इसी कारण क्योंकि रुद्रपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली होनी थी आगे योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर से कहा कि उन्हें मलाल है कि अगर विधानसभा चुनावों में वहां पर जाते और सब मिलकर के खटीमा में चुनाव लड़ते तो वहां पर तस्वीर कुछ और होती लेकिन ऐसा नहीं हुआ और उन्हें इस बात का मलाल है। योगी आदित्यनाथ का यह बयान बताता है कि बीजेपी में चुनावों के दौरान कुछ ना कुछ ऐसा जरूर हुआ जिसकी चर्चा है हारे हुए तमाम विधायक लगातार कर रहे थे लिहाजा इस पूरे मामले पर हमने बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता और चुनाव संचालन समिति के सदस्य से बातचीत की बीजेपी नेता ने कहा कि वह इस बारे में फिलहाल कुछ नहीं बोल सकते और ना ही उनका बयान खबर में दर्ज किया जाए।

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