खननमाफियाओं के खिलाफ धामी का एक्शन शुरू

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देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड में विधानसभा चुनाव से पूर्व कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत आये दिन राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर वार करते रहते थे कि वह खनन प्रेमी मुख्यमंत्री हैं लेकिन जैसे ही उत्तराखण्ड के अन्दर भाजपा की सत्ता आई तो उसके बाद हरीश रावत ने यह यलगार लगाई कि वह सिर्फ चुनाव को देखते हुए पुष्कर सिंह धामी पर खनन प्रेमी होने का वार कर रहे थे लेकिन अब कांग्रेस को भी समझ आ गया है कि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खनन प्रेमी नहीं बल्कि खनन माफियाओं का काल बनते हुए आगे आ गये है। राजधानी में खनन माफियाओं पर शिंकजा कसने के लिए डीएम ने सीएम के सख्त रूख को भांपकर जिस तरह से अपना एक्शन शुरू कर रखा है उससे खनन माफियाओं की नींद उड गई है और वह इस बात को समझ चुके हैं कि अब पुष्कर राज में उनका सिंडिकेट पांच साल पनप नहीं पायेगा। पुष्कर सिंह धामी ने साफ संदेश दिया है कि उनके राज्य में अब जो भी माफियागिरी दिखाने का दुसाहस करेगा उसे सरकार का प्रकोप झेलना पडेगा।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को राज्य में सत्ता चलाते हुए दस माह का समय हो गया है लेकिन इस कार्यकाल में उन पर कोई भी भ्रष्टाचार या घोटाले का आरोप नहीं लगा पाया है हालांकि हरीश रावत ने विधानसभा चुनाव से पूर्व उन पर जिस तरह से खनन प्रेमी मुख्यमंत्री होने का आरोप लगाया था उस आरोप को उन्होंने ही राज्य में भाजपा की सत्ता आने के बाद यह कहकर खारिज कर दिया था कि चुनाव के दौरान ऐसे आरोप लगाये जाते हैं लेकिन यह आरोप सही नहीं थे। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री ने शपथ ग्रहण के बाद से ही साफ संदेश दे दिया था कि राज्य में भू-माफियाओं, खनन माफियाओं को किसी भी कीमत पर बक्शा नहीं जायेगा और पूर्व में जिस तरह से वह सिंडिकेट बनाकर नदियों का सीना चीरते रहते थे वह अब उनके शासनकाल में नहीं होगा।
उत्तराखण्ड के अन्दर भू-माफियाओं पर सबसे बडी कार्यवाही राजधानी के डीएम डा. आर राजेश कुमार करते आ रहे हैं और उन्होंने अपनी समूची टीम को जिस तरह से पछवादून और आसारोडी पर तैनात कर बाहर से आने वाले खनन पर प्रहार करने का ऑपरेशन चला रखा है उससे उत्तराखण्ड और बाहरी राज्यों के खनन माफियाओं के हलक सूख गये हैं। पुष्कर सिंह धामी तो भ्रष्टाचार के खिलाफ बडे एक्शन करते ही आ रहे हैं जबकि उनकी किचन टीम का भी एक ही संदेश है कि राज्य में किसी भी कीमत पर भ्रष्टाचार करने वाले को बक्शा नहीं जायेगा और राज्य में नदियों का सीना चीरने वाले हर भू-माफिया के खिलाफ बडी कार्यवाही करेगी। उत्तराखण्ड के इतिहास में पहली बार ऐसा देखने को मिल रहा है कि विपक्ष राज्य के मुख्यमंत्री पर अवैध खनन को लेकर प्रहार करने का साहस नहीं दिखा पा रही है क्योंकि उसे साफ दिखाई दे रहा है कि राज्य के अन्दर खनन माफियाओं पर बडा चाबुक चलाने के लिए खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कमान अपने हाथों में ले रखी है।
पुष्कर ंिसह धामी ने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केे सपनों का उत्तराखण्ड बनाने के लिए जो संकल्प लिया हुआ है उसका ही परिणाम है कि सरकार पारदर्शिता के साथ सत्ता चला रही है और भ्रष्टाचार करने वालों पर पैनी निगाह रखी हुई है और साफ संदेश है कि चाहे कोई कितना भी बडा क्यों न हो अगर उसने अवैध खनन या भू-माफियागिरी करने का दुसाहस किया तो उसे किसी भी कीमत पर बक्शा नहीं जायेगा। इक्कीस सालों में पहली बार देखने को मिला कि मुख्यमंत्री आये दिन अवैध खनन के खिलाफ सभी जिलों के अफसरों को खनन माफियाओं पर बडा शिकंजा कसने का आदेश देते आ रहे हैं और मुख्यमंत्री के आदेश का राजधानी में तो शत-प्रतिशत पालन होता हुआ दिखाई दे रहा है जिसके चलते हिमाचल और उत्तर प्रदेश के खनन माफियाओं में खलबली मच गई है कि अगर उन्होंने खनन सामग्री को उत्तराखण्ड के अन्दर प्रवेश कराने का साहस किया तो उस पर पुष्कर सरकार का चाबुक सख्ती के साथ चलेगा।

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