अनिल से जल्द हटेगा पिटकुल एमडी का चार्ज!

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चंद्र प्रकाश बुड़ाकोटी
देहरादून। यूपीसीएल के एमडी से अब पिटकुल एमडी का अतिरिक्त चार्ज हटने वाला है,पिटकुल को जल्द ही नया प्रबंध निदेशक मिल जायेगा\ राज्य में लगातार ऊर्जा निगम के घोटाले घपलों से सरकार पर भी सवाल खड़े होने लगे है। आए दिनों बिजली कटौती और घोटाले घपले से नाखुश सीएम पुष्कर धामी इस मामले में गंभीर दिखाई दे रहे है। दो रोज पहले सीएम ने अधूरी जानकारी के कारण यूपीसीएल एमडी को फटकार लगाई है।दरअसल यूपीसीएल और पिटकुल का एमडी एक ही अफसर होने के कारण बिधुत खरीद और वितरण में हो रही हीलाहवाली सामने नही आ पा रही है। बैठकों में रखी जाने वाली फाइलों को भी अपने हिसाब से बनाया जा रहा है। शासन सूत्रों की माने तो शासन में हुई बैठकों में हर बार पत्रावलियां डाटा अलग अलग दिया गया। प्रदेश में बिजली कटौती ने सरकार की टेंशन बढ़ा दी है। हालांकि बिजली की उपलब्धता और मांग में काफी अंतर है। शासन सूत्रों की माने तो सीएम इस पूरे मसले पर काफी गंभीर है ऊर्जा अफसरों के सामने अपनी नाराजगी जता चुके है।सख्त हिदायत भी दे चुके है। यूपीसीएल एमडी अनिल यादव से पिटकुल का चार्ज हटा कर पिटकुल को नया एमडी देने जा रहे है।

 

एमडी यूपीसीएल के ट्रांसफार्मर घोटाले की हो जांच: रघुनाथ
विकास नगर। जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि सरकार द्वारा अनिल कुमार नामक जिस अधिकारी को अक्टूबर दो हजार इक्कीस में यूपीसीएल का एमडी नियुक्त किया गया है, उस भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ एक सौ साठ एमवीए ट्रांसफार्मर एवं चालीस एमवीए ट्रांसफॉमर्स की गुणवत्ताध् खरीद मामले में लगभग तीन वर्ष से जांच लंबित है,बावजूद इसके करोड़ों की डील कर इनको एमडी, यूपीसीएल एवं पिटकुल का अतिरिक्त चार्ज दिया गया। उक्त अधिकारी ट्रांसफार्मर क्रय किए जाने की अवधि में अधीक्षण अभियंता (क्यूएध्क्यूसी) के पद पर कार्यरत थे ।नेगी ने कहा कि सचिव, ऊर्जा द्वारा वर्ष दो हजार उन्नीस में इनके घोटाले का संज्ञान लेते हुए इस प्रकरण पर तीनों निगमों के प्रबंध निदेशकों एवं निदेशक (परिचालन) यूपीसीएल की एक संयुक्त कमेटी का गठन करते हुए उक्त घोटाले की जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन आज तक रिपोर्ट शासन तक नहीं पहुंच पाई। इस मामले में उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग को लेकर भी तत्कालीन एमडी,यूपीसीएल दीपक रावत ने नवंबर दो हजार इक्कीस को शासन को पत्र प्रेषित किया था। उक्त भ्रष्ट अधिकारी द्वारा अपनी सेटिंग-गेटिंग के आधार पर उक्त जांच को आज तक ठंडे बस्ते में डलवाया हुआ है। झाझरा उप संस्थान के एक अन्य मामले, जिसमें 8० एमवीए ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने के मामले में भी इनकी भूमिका की जांच कराई गई थी, जिसमें सेटिंग- गेटिंग के आधार पर इनको दोषमुक्त किया गया था। अनिल कुमार के पिटकुल, एमडी के कार्यभार ग्रहण करने से लेकर आज तक इनके कारनामों की भी जांच की जानी आवश्यक है। अगर पूरे प्रकरणों की ईमानदारी से जांच हो जाए तो बहुत कुछ जनता के सामने आएगा। मोर्चा ने राजभवन से इनके काले कारनामों की उच्च स्तरीय जांच की मांग को लेकर गुहार लगाई। पत्रकार वार्ता में- मोर्चा महासचिव आकाश पंवार, विनय कांत नौटियाल,विजय राम शर्मा व जाबिर हसन मौजूद थे।

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