तीस दिन में सुपरमैन दिखे धामी

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देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दूसरी बार सत्ता सम्भालने के बाद हर दिन 2०-2० मैच के तर्ज पर विकास का खाका खींचा और तीस दिन के अन्दर उन्होंने राज्य को आदर्श राज्य बनाने की दिशा में जिस तरह से आगे बढाने का अपना विजन साफ किया उससे स्पष्ट हो गया कि पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड को देश का आदर्श राज्य बनाने के अपने संकल्प पर किस तेजी के साथ आगे बढते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड में पनप रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ जिस तरह से अपना इरादा साफ किया है उससे भ्रष्टाचारियों की नींद उड गई है और जबसे चारधाम यात्रा में गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर सबका सत्यापन कराने के आदेश मुख्यमंत्री ने दिये हैं तबसे कांग्रेस में भी हलचल मची हुई है। मुख्यमंत्री राजनीति में एक ऑल रॉडर की भूमिका में नजर आ रहे हैं जिसको लेकर चम्पावत की जनता भी पुष्कर सिंह धामी के विजन को लेकर गद्गद् नजर आ रही है और उसे एक आशा की किरण दिखाई देने लगी है कि जब मुख्यमंत्री पुष्कर ंसिह धामी चम्पावत का उपचुनाव जितेंगे तो यह तय है कि वहां का विकास बहुत तेजी से होगा जिसकी उम्मीद चम्पावत के लोग बाइस सालों से राज्य सरकार से लगाते आ रहे थे।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जैसे ही सत्ता संभाली तो उन्होंने विकास के पथ पर अपने कदम तेजी से रखे और अपनी पहली कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्य में समान नागरिक संहिता के क्रियान्वयन के लिये विशेषज्ञों की समिति बनाई जाएगी। न्यायविदों, सेवानिवृत्त जजों, समाज के प्रबुद्ध जनों और अन्य स्टेकहाल्डर्स की एक कमेटी गठित की जाएगी जो कि उत्तराखण्ड राज्य के लिये यूनिफार्म सिविल कोड का ड्राफ्ट तैयार करेगी। मुख्यमंत्री ने एक बडा फैसला लेते हुए आदेश जारी किया कि उत्तराखण्ड में वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत अब पात्र पति व पत्नी दोनों को लाभ मिल सकेगा। वृद्धावस्था, निराश्रित विधवा भरण पोषण अनुदान तथा दिव्यांग पेंशन योजना के अंतर्गत प्रदत्त दर 12०० रूपये प्रतिमाह में 2०० रूपये की वृद्धि की गई है। अब इनमें प्रतिमाह 14०० रूपये पेंशन प्राप्त होगी। इतना ही नहीं केंद्र सरकार द्वारा एन.एच. 72 के पांवटा साहिब-बल्लूपुर (देहरादून) खण्ड के उन्नयन और फोर लेन के निर्माण के लिये 1०93.०1 करोड़ रूपये के बजट की स्वीकृति दी गई है। चारधाम सर्किट में आने वाले सभी मंदिरों और गुरूद्वारों में भौतिक ढांचे और परिवहन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। कुमायूं के प्राचीन मंदिरों को भव्य बनाने के लिये मानसखण्ड मंदिर माला मिशन की शुरूआत करेंगे। मिशन मायापुरी के अंतर्गत हरिद्वार को योग की अंतरराष्ट्रीय राजधानी और विश्व में आध्यात्मिक पर्यटन के लिये सबसे बड़े स्थलों के रूप में बदलने के लिये उच्च गुणवत्ता वाले बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा। वही पर्वतीय क्षेत्रों में रोपवे नेटवर्क निर्माण के लिये पर्वत माला परियोजना प्रारम्भ की जाएगी। एक माह में नगरीय क्षेत्रों में ट्रेफिक समस्या को दूर करने के लिये पार्किंग सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। सर्फेस पार्किंग के साथ ही मल्टीस्टोरी पार्किंग, केविटी पार्किंग व टनल पार्किंग भी विकसित किये जाने की योजना है। महिला स्वयं सहायता समूहों की सहायता के लिये एक विशेष कोष गठित किया जाएगा। गरीब परिवारों को तीन सिलेण्डर मुफ्त उपलब्ध करवाएंगे।
उत्तराखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों में 4 जी एवं 5 जी मोबाईल नेटवर्क एवं हाई स्पीड ब्राडबैंड व फाइबर इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध करायी जानी प्रस्तावित है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना की तर्ज पर एक सीएम किसान प्रोत्साहन निधि की शुरूआत करेंगे। एक अखिल भारतीय बाजार बनाने के लिये उत्तराखण्ड आर्गेनिक्स ब्रांड बनाया जाएगा। हिम प्रहरी योजना के अंतर्गत राज्य के भूतपूर्व सैनिकों एवं युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के निकटवर्ती जिलों में बसने के लिये सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी। भ्रष्टाचार पर रोक लगाने हेतु भ्रष्टाचार मुक्त एप-1०64 का शुभारम्भ किया गया । पर्यावरण मित्रों का एक दिन का मानदेय बढ़ाकर 5०० रूपये कर दिया है। कारवां टूरिज्म द्वारा पर्यटकों को सुविधाएं प्रदान करने के लिए पॉलिसी बनाने पर काम किया जा रहा है। शिक्षा मित्रों का मासिक मानदेय 15 हजार से बढ़ाकर 2० हजार रुपए किया गया है। देवभूमि उत्तराखण्ड की संस्कृति एवं शांतिपूर्ण वातावरण को बनाए रखने के लिये जरूरी है कि अराजक तत्व राज्य में प्रवेश न कर पाए। इसके लिये व्यापक स्तर पर सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है ।

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