संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए भ्रष्टाचार व घोटालों पर बडी नकेल लगाने की सबसे बडी चुनौती दिखाई दे रही थी लेकिन जैसे ही पुष्कर सिंह धामी देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पारदर्शी सरकार चलाने के लिए बडा गुरूमंत्र लेकर आये हैं उसके बाद से ही पुष्कर सिंह धामी राज्य के अन्दर बडे एक्शन में दिखाई दे रहे हैं। बाइस सालों से राज्य की जनता प्रदेश में फैले भ्रष्टाचार व घोटालों से आहत होकर सरकारों को कोसती रही लेकिन किसी भी सरकार ने भ्रष्टाचार पर प्रहार करने का साहस नहीं दिखाया लेकिन अपनी दूसरी पारी खेलते हुए पुष्कर सिंह धामी ने जिस तरह से भ्रष्टाचार के खिलाफ खुली जंग का ऐलान कर दिया है उससे राज्य में छोटे से लेकर बडे भ्रष्टाचारियों की नींद उड गई है और राज्य के मुख्यमंत्री ने साफ अल्टीमेटम दिया है कि राज्य में एक भी भ्रष्टाचारी अब अपने मनसूबों में कामयाब नहीं हो पायेगा और उन्होंने विजिलेंस के डायरेक्टर को सभी सरकारी महकमों पर विजिलेंस की पैनी नजर रखने का हुकम दिया है। मुख्यमंत्री की टीम में जिस तरह से चंद अफसर अपनी ईमानदारी के लिए देशभर में पहचाने जाते हैं उसी का परिणाम है कि वह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नेे राज्य में पनपते रहे भ्रष्टाचार पर बडा प्रहार करने के लिए विजिलेंस को भ्रष्टाचार पर प्रहार करने के लिए अगली पक्ति में खडा किया है और इसकी शुरूआत भ्रष्टाचारमुक्त उत्तराखण्ड एप का शुभारंभ कर मुख्यमंत्री ने साफ संदेश दे दिया है कि अब भ्रष्टाचारियों पर सख्त कार्यवाही की जायेगी। मुख्यमंत्री के इस एक्शन से भ्रष्ट राजनेताओं व अफसरशाही में हडकम्प मचा हुआ है और जिन भ्रष्ट अफसरों ने उत्तराखण्ड को लूटकर बेनामी सम्पत्तियों का साम्राज्य खडा किया है उन पर विजिलेंस कैसे नकेल लगायेगी यह आने वाला समय ही बतायेगा।
प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में विजिलेंस विभाग द्वारा निर्मित एप्प भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखण्ड 1०64 का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस एप का क्रियान्वयन मजबूती से किया जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि एप पर जो भी शिकायतें आती हैं, उनका यथाशीघ्र निस्तारण किया जाय। उन्होंने कहा कि यदि किसी शिकायतकर्ता की शिकायत विजिलेंस से संबंधित नहीं है, तो उसे सीएम हेल्पलाईन एवं संबंधित विभाग को भेजा जाय और यह भी सुनिश्चित किया जाय कि शिकायतकर्ता द्वारा जो शिकायत की गई, उसके स्टेटस अपडेट की पूरी जानकारी उन्हें मिले। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सतर्कता विभाग के दो इन्स्पेक्टर को विवेचना करने के लिए टेबलेट भी प्रदान किये। सतर्कता विभाग के अन्य कार्मिकों को भी विवेचना के लिए टेबलेट दिये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचारियों पर सख्त कारवाई की जाय। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने किया जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि के सिद्धान्त पर कार्य किये जाय। जन समस्याओं का समाधान सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने निदेशक सतर्कता को निर्देश दिये कि भ्रष्टाचारमुक्त उत्तराखण्ड एप्प 1०64 का व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार किया जाय। आम जन को इस एप की पूरी जानकारी हो। इस अवसर पर निदेशक सतर्कता अमित सिन्हा ने जानकारी दी कि 1०64 नम्बर पर एप्प के माध्यम से एवं फोन से कोई भी व्यक्ति शिकायत कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह नम्बर भारत सरकार से प्राप्त है। एप के माध्यम से प्रत्येक शिकायत रजिस्टर होगी, जिसका पूरा डाटा सुरक्षित रखा जायेगा। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता की पूरी गोपनीयता रखी जायेगी। उन्होंने बताया कि यह एप्प हिन्दी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओं में है।
गौरतलब है कि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लम्बे समय से इस बात का इल्म जरूर होगा कि राज्य की जनता भ्रष्टाचार से अपने आपको कितना असुरक्षित महसूस करती है क्योंकि राज्य के कुछ विभाग ऐसे हैं जहां बिना रिश्वत लिये किसी का काम नहीं होता लेकिन कुछ विभागों के अधिकारी व कर्मचारी खुद रिश्वत का पैसा नहीं लेते और अपने दलालों के द्वारा वह वसूली करते हैं और यही कारण है कि आज तक विजिलेंस उन्हें सलाखों के पीछे नहीं पहुंचा पाई है। अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिस तरह से भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग का ऐलान किया है उसने उत्तराखण्डवासियों के मन में एक आशा की किरण जगा दी है कि अब राज्य में भ्रष्टाचारियों को सलाखों के पीछे पहुंचना ही पडेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम पहले दिन से ही सजग हैं सभी कार्यालयों में लोगों को किसी भी तरह से परेशानी का सामना न करना पडे इसलिए एप के माध्यम से लोग सीधे शिकायत दर्ज करा पायेंगे जिस पर कार्यवाही की जायेगी।
