प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में किसी ने भी इस बात की कल्पना भी नहीं की थी कि भाजपा हाईकमान ने जिस पुष्कर ंिसह धामी को उत्तराखण्ड की सत्ता सौंपी है वह मात्र छह माह के भीतर ही उत्तराखण्डवासियों के दिलों पर राज करने लगेंगे। पुष्कर ंिसह धामी ने छह माह के भीतर जिस विजन के तहत पहाड से लेकर मैदान तक अपने विजन को धरातल पर उतारा और अपने मुख्यमंत्री आवास को हर इंसान के लिए खुला छोड दिया उससे राज्य की जनता के अन्दर अब एक ही आवाज सुनाई दे रही है कि ऐसा होता है सीएम। छोटे-छोटे पद पर तैनात होने वाले अधिकांश राजनेता आवाम को अपनी पॉवर का इकबाल दिखाकर उन्हें अपने से दूर रखने का जो प्रपंच रचते हैं उससे जनता के मन में ऐसे नेताओं के प्रति हमेशा नफरत देखने को मिलती है लेकिन पुष्कर सिंह धामी ने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सिखाये मंत्र पर जिस तरह से मुख्यमंत्री आवास में आने वाले फरियादियों से खुले दिल से उनसे मिल रहे हैं और गरीबों को वह गले लगाने से भी नहीं हिचकिचाते उससे उत्तराखण्ड के अन्दर पुष्कर सिंह धामी भाजपा के अन्दर एक बडे राजनेता के रूप में पहचाने जाने लगे हैं। चंद दिन पूर्व मुख्यमंत्री आवास में जब वरिष्ठ आंदोलनकारी और राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष मुख्यमंत्री से मिली तो मुख्यमंत्री ने उन्हें एक बडा सम्मान देते हुए गले से लगाया तो वरिष्ठ आंदोलनकारी की आंखे खुशी से आंसू छलक उठे और आज मुख्यमंत्री जब टनकपुर पहुंचे तो उन्होंने चाय की दुकान पर जाकर जिस तरह से वहां मौजूद लोगों के बीच चाय की चुस्कियों के बीच खुले दिल से मुलाकात की तो वहां मौजूद लोग यह कहने से नहीं चूके कि उत्तराखण्ड को पहली बार एक दिल अजीज मुख्यमंत्री मिला है जिसमें सत्ता का तिनकाभर भी घमंड नहीं है।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य के अन्दर एक बडे राजनेता के रूप में उभर कर सामने आये हैं क्योंकि मात्र छह माह के भीतर ही जिस तरह से पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की जनता का दिल जीता है उसी का परिणाम है कि जब राज्य में चुनाव के बाद मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन होने के लिए भाजपा के कुछ दिग्गज नेता उत्तराखण्ड से लेकर दिल्ली तक दौड लगा रहे थे तो उनकी इस दौड को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह ने उन्हें साफ संदेश दे दिया था कि जिस पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड में एक बार फिर भाजपा को सत्ता दिलाई है उसी पुष्कर ंिसह धामी की मुख्यमंत्री के रूप में ताजपोशी होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक राजनेता के साथ दिल अजीज व्यक्ति हैं और उन्हें पहचानने वाले यह कहने से नहीं चूकते कि पुष्कर सिंह धामी भले ही मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन हो गये लेकिन वह कभी भी अपनों को नहीं भूले और उन्हें हमेशा वह खुले दिल से मिलने से परहेज नहीं किया। उत्तराखण्ड का मुख्यमंत्री आवास कुछ वर्षों तक सुनसान नजर आता था और वहां आम आदमी की पहुंच न के बराबर थी लेकिन जबसे पुष्कर ंिसंह धामी ने सत्ता संभाली तो उन्होंने अपने आवास को हर इंसान के लिए खोल दिया और वह अपने आवास पर मुख्यमंत्री दरबार नहीं लगाते बल्कि कुर्सियों पर जो लोग अपनी फरियाद लेकर आते हैं उन सबके पास खुद पुष्कर सिंह धामी पहुंचकर उनकी फरियाद सुनकर उस पर तत्काल कार्यवाही करने का आदेश देते हैं इसलिए वह छह माह में ही उत्तराखण्ड के दिलों पर राज करने लगे। चंद दिन पूर्व उत्तराखण्ड की पूर्व राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा व वरिष्ठ महिला आंदोलनकारी सुशीला बलूनी जब मुख्यमंत्री आवास पर पहुंची तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें देखकर एक बडा सम्मान देते हुए उन्हें जिस तरह से गले से लगाया उससे सुशीला बलूनी की आंखों में एक अलग खुशी का इजहार दिखाई दिया। आज पुष्कर सिंह धामी जब टनकपुर पहुंचे तो बाजार में एक चाय की दुकान पर रूककर जब चाय की चुस्कियां ले रहे थे तो वहां खडे कुछ लोगों को पुष्कर सिंह धामी ने अपने साथ बैंच पर बिठाकर उन्हें जो सम्मान दिया उससे वहां खडे लोग यह कहने से नहीं चूके कि आखिर उत्तराखण्ड को पुष्कर धामी जैसा मुख्यमंत्री पहले क्यों नहीं मिला।
