देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखंड की पांचवी विधानसभा के प्रथम सत्र में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन हरिद्वार ग्रामीण से विधायक अनुपमा रावत ने बढ़ती हुई महंगाई को लेकर सदन की गैलरी में प्रदर्शन कर धरने पर बैठी।
यहां विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू हुई लेकिन हरिद्वार ग्रामीण से कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत ने महंगाई और बढ़ते हुए रसोई गैस सिलेंडर के दाम को लेकर सदन के अंदर से लेकर सदन की गैलरी तक सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। सदन के भीतर कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत ने महंगाई का मुद्दा उठाया लेकिन कोई जवाब न मिलने के बाद अनुपमा रावत सदन से बाहर निकलकर गैलरी पर धरने पर बैठ गयी। अनुपमा रावत पहले से ही अपने दुपट्टे पर महंगाई संबंधित बिंदु लिखकर, लेकर आई थी। इस अवसर पर अनुपमा रावत ने कहा कि उत्तराखंड राज्य में लगातार महंगाई बढ़ती जा रही है और इसके भारी बहुमत के साथ सत्ता पर काबिज हुई भाजपा सरकार महंगाई पर लगाम लगाने में नाकामयाब साबित हुई है। डीजल पेट्रोल के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिससे आम जनता के जेबों पर काफी असर पड़ रहा है। ऐसे मे राज्य सरकार को चाहिए कि लगातार बढ़ रही महंगाई पर लगाम लगाए।
इस अवसर पर कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद सरकार को जनता की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए था और महंगाई को नियंत्रित करने के प्रयास करने चाहिए थे लेकिन राज्य की पुष्कर सिंह धामी सरकार और केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने जनता की ओर से दिए गए प्रचंड बहुमत का कोई ख्याल नहीं रखा गया और जनता की समस्याओं का निराकरण करने के लिए कोई ठोस प्रयास भी नहीं किए गए जिस कारण उनको मजबूर होकर उत्तराखंड की जनता की आवाज को सदन के अंदर से लेकर सदन के बाहर तक उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासित प्रदेशों में जनता को सब्सिडी देकर महंगाई से निजात दिलाने का प्रयास जरूर किया जा रहा है लेकिन उत्तराखंड में राज्य सरकार महंगाई रोकने के लिए कोई भी प्रयास करने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि महंगाई को नियंत्रित करने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
