एक्शन में उमेश

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देहरादून(संवाददाता)। खानपुर विधायक उमेश कुमार शर्मा ने कहा है कि उनके पास जो भ्रष्टाचार के दस्तावेज थे वह उच्च न्यायालय में दाखिल किये और इसके बाद कोविड की दूसरी लहर आई और उसके बाद उनकी याचिका पर सुनवाई हुई। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व अमृतेश चौहान पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाये थे और उच्च न्यायालय ने सीबीआई से जांच के आदेश दिये लेकिन उच्चतम न्यायालय से इस मामले में अभी स्थगन है। उन्होंने कहा कि चौथे स्तम्भ के साथ लडऩा इतना आसान नहीं होता जितना सरकारें समझती है। उन्होंने कहा कि सत्ता के दम पर सरकारें जो नंगा नाच करती है इनको चेतना चाहिए समझना चाहिए कि चौथा स्तंभ इतना कमजोर नहीं है जितना सरकारें समझती है।
यहां विधानसभा में पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने रांची उच्च न्यायालय से अनुरोध किया कि ऑनलाइन सुनवाई की जाये और सुनवाई के बाद न्यायालय ने मामले को गंभीर पाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व अमृतेश चौहान को नोटिस जारी किया है। उन्होंने कहा कि जब भी कोई पत्रकार भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाता है तो सबसे पहले उसे कहते है कि वह ब्लैकमेलर है। उन्होंने कहा कि सबूत उनके पास नहीं होते और कहा कि उनकी गिरफ्तारी 27 अक्टूबर 2०18 को की गई और उन पर आरोप लगाया गया कि वह ब्लैकमेलिंग करना चाहता था और सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी। उन्होंने कहा कि उसके बावजूद भी उन्हें ब्लैकमेलिंग के सबूत नहीं मिले और ब्लैकमेलिंग की धारा हटाकर आरोप पत्र दाखिल करना पडा।
उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने अपना अभिभाषण दिया जिसमें सरकार की कई योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार सही तरीके से अपना एजेंडा और अपना प्रारूप नही रख पाई है। उन्होंने पत्रकारो के मुद्दे उठाते हुए पत्रकार कल्याण कोष का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने पत्रकार कल्याण कोष की स्थापना तो की पर उससे कितने पत्रकार लाभान्वित हुए है ये भी सरकार को बताना चाहिए। लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ के प्रति सरकारें संवेदनशील नही रही है। इसके लिए एक ठोस नीति बनाई जानी चाहिए। वही रोजगार स्वरोजगार पर भी उमेश कुमार ने सवाल उठाए और उन्होंने कहा कि स्वरोजगार के आंकड़ों को लेकर कोई भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि साथ ही राज्यपाल के अभिभाषण में ई रिक्शा के लिए 9 प्रतिशत ब्याज पर लोन की बात पर उमेश कुमार ने कहा कि सबसे गरीब तबके के लिए यह ब्याज दर बहुत ज्यादा हैं और इतनी ब्याज दरों पर तो कोई भी बैंक लोन दे देगा। उमेश कुमार ने कहा कि ऐसे अभिभाषण से सरकार सिर्फ अपनी पीठ थपथपा रही है असल मे यह जनमुद्दों से मेल खाता हुआ अभिभाषण नही है।
विधायक उमेश कुमार ने खानपुर क्षेत्र के खादर में सोलानी नदी पर तटबंध न होने से हजारों किसानों की फसलें बर्बाद होने की बात भी उठाई। उन्होंने कहा कि आज भी मेरे क्षेत्र का किसान तटबंध न होने से परेशान है उसकी फसलें बर्बाद हो रही हैं । उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं के लिए सरकार को गम्भीरता से सोचना चाहिए । उन्होंने कहा कि तटबंधों के निर्माण के लिए वह लगातार कार्य करते रहेंगे।कुल मिलाकर विधायक उमेश कुमार विधानसभा सत्र के पहले ही दिन फूल फॉर्म में बेटिंग करते हुए नजर आए और उन्होंने जनहित के मुद्दों को छूते हुए पत्रकारों से अपनी बातें साझा की । उनके इस एक्शन से यह तो तय हो गया कि उमेश कुमार इस समय एक मजबूत विपक्ष के रूप में आम जन मानस के मुद्दे सदन के अंदर और बाहर लगातार उठाते रहेंगे।

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