अफसरों की गोपनीय रिपोर्ट लिखने का अधिकार हो मंत्रियों को

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देहरादून(चिरंजीव सेमवाल)। उत्तराखंड सरकार में वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से एक बड़ी मांग की जिससे नौकरशाहों में खलबली मच गई है । सतपाल महाराज ने कहा है कि उन्होंने पहली कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अनुरोध किया है कि आईएएस अफसरों जिसमें सचिव व अपर सचिव स्तर के लोग होते हैं उनके विभागों को जो मंत्री है उन मंत्रियों को उन अफसरों की कॉन्फिडेंशियल रिपोर्ट लिखने का मौका मिलना चाहिए।
उन्होंने बताया कि पूर्व में नारायण दत्त तिवारी सरकार ने देश साथी जो बात को खत्म हो गई इसे दोबारा करना जरूरी है क्योंकि सेना व दूसरे संस्थानों में भी ऐसी व्यवस्था होती है इससे कार्यप्रणाली सुधरती है और कहीं ना कहीं एक व्यवस्था दुरुस्त होती है हालांकि इस महाराज के बयान से ब्यूरोक्रेसी में हलचल मचना तय है। महाराज ने बताया कि पहले जिला पंचायत अध्यक्षों को डीएम की सियार लिखने का अधिकार था लेकिन यह परंपरा 2००6 के बाद खत्म हो गई है उन्होंने उदाहरण देकर बताया कि आज भी हरियाणा, हिमाचल, झारखंड ,छत्तीसगढ़ , उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में जैसे राज्यों में मंत्रियों को अपनी विभाग के सचिव की अपने सियार लिखने का अधिकार है। दुर्भाग्यपूर्ण उत्तराखंड में ही या व्यवस्था समाप्त कर दी गई जिसे फिर से लागू करने की सख्त जरूरत है। उन्होंने कहा है कि सेना में सीनियर अफसरों को अपने अधीनस्थ कर्मियों के सियार लिखने का अधिकार होता है इसे कहने का ही अनुशासन बना रहता है इसी तर्ज पर राज्य सरकार को भी यह व्यवस्था लागू कर देनी चाहिए।

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